Viral Hotel Bill: रेस्टोरेंट के बिल में GST के अलावा 10% ‘Gas Charge’ जुड़ने का दावा वायरल है। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इसे लेकर सवाल उठाए। जानें पूरा मामला।
₹1,250 के खाने पर 10% ‘Gas Charge’, वायरल हुआ बिल...सोशल मीडिया पर मचा बवाल।
- Published: 14 Sep 2026, 05:34 PM IST
- Last Updated: 14 Sep 2026, 05:34 PM IST
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक रेस्टोरेंट का बिल तेजी से वायरल हो रहा है। बिल में खाने की कीमत के अलावा GST के साथ अलग से 10 प्रतिशत ‘Gas Charge’ जोड़े जाने का दावा किया गया है। बिल की तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स के बीच इस चार्ज को लेकर बहस छिड़ गई है।
झुंझुनू के रेस्टोरेंट का बताया जा रहा है वायरल बिल
वायरल हो रहा यह बिल राजस्थान के झुंझुनू स्थित एक रेस्टोरेंट का बताया जा रहा है। पोस्ट करने वाले यूजर के मुताबिक, वह अपने परिवार के साथ लंच के लिए रेस्टोरेंट गए थे। इस दौरान उन्होंने कुल 10 आइटम ऑर्डर किए थे। खाना खाने के बाद जब बिल आया, तो उसमें खाने की कीमत के साथ GST और अलग से 10 प्रतिशत ‘Gas Charge’ जुड़ा हुआ दिखाई दिया।
GST के बाद पेश है नया टैक्स....!
कल फैमिली के साथ बाहर लंच पर गया था।
रेस्टोरेंट पर जा कर खाना ऑर्डर किया।
20 मिनट में खाना आ गया।खाना खा कर जब वेटर से बिल मंगवाया तो
खाने का बिल था 1250.
— चाणक्य (@ChanakyaSpeaksX) September 13, 2026
उसके बाद उसमें 2.50% SGST - 30.75₹
2.50% CGST - 30.75₹… pic.twitter.com/kgywFEAdRM
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ‘चाणक्य’ नाम के यूजर ने बिल की तस्वीर शेयर करते हुए इस बारे में जानकारी दी। पोस्ट के मुताबिक, खाने का बिल 1,250 रुपये था। इसके ऊपर 2.50 प्रतिशत SGST के तौर पर 30.75 रुपये और 2.50 प्रतिशत CGST के तौर पर 30.75 रुपये जोड़े गए। इसके बाद बिल में अलग से 10 प्रतिशत Gas Charge लगाया गया।
यूजर ने सवाल उठाया कि 1,250 रुपये का 10 प्रतिशत 125 रुपये होता है, लेकिन रेस्टोरेंट ने GST जोड़ने के बाद बनी 1,310 रुपये की राशि पर 10 प्रतिशत गैस चार्ज लगाया।
वायरल बिल पर यूजर्स ने क्या कहा?
बिल की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यूजर्स के बीच इस चार्ज को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने इसे ‘गैस टैक्स’ बताते हुए सवाल उठाए और GST विभाग में शिकायत करने की सलाह दी।
वहीं, कुछ यूजर्स ने कहा कि ‘Gas Charge’ सरकार की ओर से लगाया जाने वाला टैक्स नहीं, बल्कि रेस्टोरेंट की ओर से लिया जाने वाला अतिरिक्त चार्ज हो सकता है। एक यूजर ने दावा किया कि यह राशि सरकार को नहीं जाती, बल्कि रेस्टोरेंट संचालक द्वारा वसूली जाती है।
हालांकि, वायरल पोस्ट में रेस्टोरेंट का नाम और इस चार्ज को लगाए जाने की आधिकारिक वजह स्पष्ट नहीं की गई है।
ऐसे में केवल वायरल बिल के आधार पर इस चार्ज को कानूनी या अवैध बताना उचित नहीं होगा। इसकी वास्तविक स्थिति जानने के लिए संबंधित रेस्टोरेंट की बिलिंग पॉलिसी और लागू नियमों की पुष्टि जरूरी है। फिलहाल झुंझुनू के इस कथित बिल को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा जारी है।