Home Political VIDEO NEWS: राहुल गांधी के लिए सीएम मोहन के बयान के मायने क्या है?
personUpdesh Awasthee
9/01/2026 07:41:00 PM
भोपाल, 1 सितंबर 2026: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भोपाल आने वाले हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज उनकी एक यात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि, आपका स्वागत है आइए, लेकिन यह भी बताइए। सबसे पहले यह वीडियो देखिए और उसके बाद अपन बात करेंगे, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने किस हिसाब किताब के बारे में कहा है और क्यों मुख्यमंत्री का रहे हैं कि राहुल गांधी को देश से माफी मांगना चाहिए।
VIDEO - CM Mohan Yadav's Statement Ahead of Rahul Gandhi's Visit to Madhya Pradesh
राजधानी भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मुझे मालूम पड़ा है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मध्यप्रदेश आने वाले हैं। मध्यप्रदेश की धरती पर उनका स्वागत है। राहुल गांधी, आप जनता के बीच आइए। लेकिन, यहां आने के साथ अपने अतीत के शासनकाल का हिसाब भी जनता के सामने रखिए। आपके परनाना, आपकी दादी और आपके पिता ने लंबे समय तक दिल्ली में बैठकर देश की सरकार चलाई। उनके शासनकाल में राज्य के भीतर जो परिस्थितियां उत्पन्न हुईं और जनता को जिन समस्याओं का सामना करना पड़ा, उन सबके लिए भी आपको जनता के सामने जवाब देना चाहिए।
जागरूक है मध्यप्रदेश की जनता: डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की जनता जागरूक है। वह इतिहास को भी जानती है और वर्तमान को भी समझती है। इसलिए आप मध्यप्रदेश आइए, जनता के बीच और अपने परिवार के लंबे शासनकाल की गलतियों के लिए जनता से माफी मांगिए। मध्यप्रदेश आपका इंतजार कर रहा है।
राहुल गांधी के अतीत का हिसाब
1 नवंबर 1956 को भोपाल, मध्य भारत, विंध्य प्रदेश और मध्य प्रांत को मिलाकर नया राज्य "मध्य प्रदेश" बना। नेहरू ने प्रस्तावित नक्शे को “अजीब रचना” या “ऊंट जैसा” कहकर मजाक उड़ाया था। नेहरू की सिगरेट के लिए हवाई जहाज भेजा गया, वह घटना भी भोपाल मध्य प्रदेश की ही है।
यूनियन कार्बाइड को लाइसेंस इंदिरा गांधी ने दिया था
यूनियन कार्बाइड कंपनी ने 1970 में MIC आधारित कीटनाशक बनाने का आवेदन दिया था। मंत्रालय के कई अधिकारी पुरानी तकनीक होने की वजह से विरोध कर रहे थे। आवेदन पांच साल लंबित रहा। आपातकाल लगने के चार महीने बाद 31 अक्टूबर 1975 को लाइसेंस जारी कर दिया गया। कहा जाता है कि यह निर्णय इंदिरा गांधी ने किसी व्यक्तिगत विषय को ध्यान में रखते हुए लिया था। बाद में यह शक और भी ज्यादा मजबूत हुआ।
एक पाप जो पूरे परिवार के पुण्य पर भारी है
भोपाल गैस कांड (2-3 दिसंबर 1984) तो याद होगा आपको। हजारों लोग जो अपने परिवार के साथ सो रहे थे, सुबह उठे ही नहीं। उनकी मौत हो चुकी थी। जो लोग जाग रहे थे वह जान बचाने के लिए भागे। उनकी डेड बॉडी सड़कों पर मिली। भोपाल गैस कांड के हत्यारे वॉरेन एंडरसन (यूनियन कार्बाइड के चेयरमैन) 7 दिसंबर 1984 को भोपाल आए। उनको गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी के आदेश पर भोपाल के कलेक्टर और एसपी सरकारी कार से एंडरसन को एयरपोर्ट ले गए और वहां से सरकारी हवाई जहाज से हत्यारे एंडरसन को दिल्ली भेजा गया। दिल्ली से अमेरिका भेजा गया। कांग्रेस पार्टी के नेता, प्रधानमंत्री राजीव गांधी और मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह द्वारा, हजारों लोगों के हत्यारे को सरकारी अधिकारियों और वाहनों का प्रयोग करते हुए भारत से फरार करवाया गया। कहते हैं कि राजीव गांधी द्वारा किया गया यह पाप, उनके जीवन भर में किए गए तमाम पुण्य पर भारी है। इसकी तो कोई क्षमा भी नहीं हो सकती।
Tags
-
Newer
-
Older
