सिरसा बस स्टैंड पर बस रोकने के बाद हंगामे के दौरान युवक और कंडक्टर को समझाते हुए पुलिस। मामले में साइन करने बुलाए कंडक्टर ने चौकी प्रभारी का बनाया वीडियो हुआ वायरल।
सिरसा बस स्टैंड पर रोडवेज बस में सवार युवकों द्वारा कंडक्टर के साथ झगड़ा मामले में पुलिस चौकी में बुलाया गया। आरोप है कि कंडक्टर के साथ चौकी में सही से बर्ताव नहीं किया गया और न ही साइन के लिए परफॉर्मा नहीं दिया। इसका एक वीडियो भी वायरल है, जिसमें कंड
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मगर मैं पुलिस की इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हूं तो साइन नहीं करूंगा। चौकी प्रभारी कह रहे हैं कि आपको साइन करने हैं और मैंने बयान ले लिए हैं। इस पर चौकी प्रभारी से उन्होंने से दो से तीन बार सवाल किए, पर कोई जवाब नहीं दे रहे। इसे देखकर चौकी प्रभारी चुप रहे और फाइल में लगे रहे।
दरअसल, बस स्टैंड पर 6 जून को बस में सवार युवकों का कंडक्टर के साथ सीट को लेकर विवाद हो गया और कई देर तक बस भी बूथ खड़ी रही। इसी मामले में कंडक्टर ने पुलिस को शिकायत दी थी। उस समय पुलिस ने दोनों पक्षों से बात कर मामला सुलझा दिया, पर बस ले जाने पर फिर भड़क गया और युवकों ने कंडक्टर पर लड़की छेडने के आरोप लगाए और वीडियो बनानी शुरू कर दी। कंडक्टर ने भी पुलिस ने उन पर कार्रवाई की मांग कर लिखित शिकायत दे दी।
कंडक्टर रोहताश ने पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट होकर सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद कल शुक्रवार को साइन करवाने को बुलाया गया था। तब पुलिस ने साइन किए बिना परफॉर्मा देने से मना कर दिया। इसी पर कंडक्टर ने वीडियो बना ली।

बस स्टैंड पुलिस चौकी का वह वीडियो, जिसमें कंडक्टर चौकी प्रभारी से बार-बार पूछ रहा, पर कोई जवाब नहीं मिला।
मामले में जानिए किसने क्या कहा
बिना आए कैसे साइन करवाए : चौकी प्रभारी
मामले में बस स्टैंड चौकी प्रभारी रण सिंह का कहना है कि जो हमारे पास आएगा तो ही साइन करवाएंगे। बिना आए कैसे करवाए। बाद में फोन में आवाज न आने की कहकर कॉल कट कर दी।

शिकायत के बाद मिली रसीद की प्रति
साइन करने से मना दिया, शिकायत पर कार्रवाई की है
सिविल लाइन थाना प्रभारी राधेश्याम का कहना है कि कंडक्टर की ओर से जो शिकायत दी गई थी, उस पर 107/51 की कार्रवाई की गई थी। कंडक्टर ने अपने बयान की कॉपी पर तो साइन कर दिए, पर पुलिस कार्रवाई की रिपोर्ट साइन करने से मना कर दिया और कहा, वह संतुष्ट नहीं है। इसी बात पर उसने सीएम विंडो पर शिकायत कर दी।
ऐसे में उसे चौकी में बुलाया गया था तो कहने लगा कि वह संतुष्ट नहीं है और साइन नहीं करेगा। उसने वीडियो बनानी शुरू कर दी। साइन करने से मना कर दिया। उसका न मेडिकल था तो न कोई चोट थी। बस में सीट पर को लेकर विवाद हुआ था और बाद में बस को रूट पर रवाना कराया गया था। उस समय मैं भी मौके पर गया था और जीएम ने दोनों पक्षों को बुलाया था। सभी सहमत थे, पर बाद में यूनियन आकर मिली तो शिकायत पर कार्रवाई की गई है।

6 जून को बस स्टैंड पर बस रोकने के बाद युवक और कंडक्टर एक-दूसरे की वीडियो बनाते हुए
कंडक्टर बोला, सीट पर उठने की कहकर हाथापाई पर उतरे युवक
शिकायतकर्ता कंडक्टर रोहताश का कहना है कि ये घटना 4 जून की है और शाम 6.10 बजे कालुआना रूट पर जाने को बस काउंटर पर लगी थी। वह बस में खिड़की से पीछे की ओर सीट पर बैठकर टिकट बना रहा था। उसी समय अश्वनी नाम का युवक आया और उसे बोला, सीट खाली कर दे। आरोप है कि कारण पूछा तो वह अपशब्द बोलने लगा और उसके साथ मारपीट करने लगा।
इस बारे में बस स्टैंड चौकी में गए तो वह न उनकी बात सुनी तो न मेडिकल करवाया। पुलिस बोली, बस लेकर चले जाओ, कुछ नहीं होगा। बस लेकर चलने लगे तो युवकों ने माहौल बना दिया और लड़की छेड़ने के झूठे आरोप लगाने लगा। सूचना पर पुलिस चौकी वालों ने कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में पुलिस से पूछा तो कहा, जांच चल रही है। जबकि वहां वीडियो बनी और सबने देखा। इसमें स्पष्ट दिख रहा था। शिकायत कॉपी देने के बाद रसीद भी नहीं दी तो वह चार दिन बाद 8 तारीख को वकील के जरिए ली।

बस स्टैंड पुलिस चौकी प्रभारी के नाम लिखी गई शिकायत की प्रति।
जीएम ने भी एप्लीकेशन भेजी, निवारक कहकर मामला सुलझा दिया
आरोप है कि 8 तारीख को वह सिरसा एसपी से मिला तो चौकी वालों ने उनको भी गुमराह करने की कोशिश की। बाद में जीएम ने भी एप्लीकेशन भेजी। उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की। उसने सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराई। बाद में पुलिस ने निवारक कार्रवाई कर दी। उस दिन उन्होंने बस डेढ़ घंटा तक बस स्टैंड पर खड़ी रही और जाने नहीं दिया और सरकारी ड्यूटी में बाधा पहंचाई। इस पर निवारक कार्रवाई कर दी। इसलिए साइन नहीं किए और पुलिस से परफॉर्मा रिपोर्ट मांगी तो देने से मना कर दिया।
कंडक्टर का आरोप है कि पुलिस ने कह दिया कि मामला सुलझा गया है, जबिक वह संतुष्ट नहीं है। इस बारे में वह ग्रीवेंस मीटिंग में शिकायत देने की तैयारी कर रहे हैं।