भारत न्यूज़ीलैंड में 2030 तक दोगुना व्यापार‍ | Hindi News Portal | Hindi News | Online Hindi News | swatantraawaz

Published on 11 जुल॰ 2026

न्यूज़ीलैंड में नरेंद्र मोदी का माओरी रीति रिवाजों से स्वागत

भारत न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौते पर शीघ्र कार्यांवयन

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 11 July 2026 02:24:18 PM

india-new zealand trade to double by 2030

ऑकलैंड। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का न्यूज़ीलैंड की राजधानी ऑकलैंड में गवर्नमेंट हाउस पहुंचने पर पारंपरिक माओरी रीति-रिवाजों से ऐतिहासिक स्वागत किया गया। स्वागत में शांति, सम्मान और आतिथ्य के प्रतीक यहां के पारंपरिक माओरी अनुष्ठान शामिल थे। स्वागत के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमित एवं प्रतिनिधिमंडलस्तरीय प्रारूपों में व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की। वार्ता में व्यापार एवं निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, कृषि प्रौद्योगिकी, खेल, शिक्षा, पर्यटन, सांस्कृतिक संबंधों सहित द्विपक्षीय संबंधों के समूचे आयाम शामिल रहे। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक लेजाने पर सहमति व्यक्त की, जो भारत न्यूज़ीलैंड संबंधों में एक नए अध्याय का प्रतीक है। पारस्परिक हित के सभी क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई और भारत न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौते के शीघ्र कार्यांवयन के महत्व पर बल दिया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया तथा बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन को उनके द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत एवं आतिथ्य केलिए धन्यवाद दिया और उन्हें भारत आने का आमंत्रण दिया। वार्ता के उपरांत दोनों की उपस्थिति में रक्षा एवं समुद्री सुरक्षा, जलसर्वेक्षण, खेल, आपदा प्रबंधन, डेयरी, पर्यटन, समुद्री विरासत, संस्कृति, खाद्य प्रौद्योगिकी और महासागर अनुसंधान के क्षेत्रों में कई समझौते हुए एवं उनका आदान प्रदान किया गया। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय साझेदारी की भावी दिशा पर एक संयुक्त वक्तव्य भी स्वीकार किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन केसाथ सीईओ और बिजनेस लीडर्स के समूह केसाथ भी बातचीत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस तथ्य को रेखांकित कियाकि भारत और न्यूजीलैंड लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन केप्रति सम्मान, विविधता तथा सतत विकास केप्रति साझा प्रतिबद्धता से जुड़े हैं, जो एक महत्वाकांक्षी एवं भविष्योन्मुखी आर्थिक साझेदारी हेतु एक ठोस आधार प्रदान करते हैं। उन्होंने भारत न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौते को एक अहम उपलब्धि बताया, जो दोनों देशों केबीच आर्थिक संबंधों को और गहरा एवं गतिशील बनाएगा तथा बाजार तक पहुंच, निवेश, सेवाओं, तकनीक और प्रतिभाओं की आवाजाही के अवसर खोलेगा। उन्होंने कहाकि भारत की निरंतर तेज विकास दर, युवा एवंकुशल श्रमशक्ति, बढ़ता मध्यम वर्ग, डिजिटल क्रांति, अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे पर जोर, निरंतर आर्थिक सुधार, न्यूजीलैंड की कंपनियों केलिए व्यापार, निवेश और नवाचार के व्यापक अवसर पैदा करते हैं।
नरेंद्र मोदी ने कहाकि राजनीतिक स्थिरता और निरंतर विकास की राह ने भारत को वैश्विक विकास में एक अहम योगदानकर्ता के तौरपर स्थापित किया है। उन्होंने न्यूजीलैंड के निवेशकों और व्यापारिक घरानों को भारत केसाथ बुनियादी ढांचे के विकास, नागर विमानन, लॉजिस्टिक्स, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी आवागमन, जल प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रमें काम करने केलिए आमंत्रित किया। भारत के जीवंत स्टार्टअप इकोसिस्टम के बारेमें उन्होंने नवाचार, फिनटेक तथा उभरती हुई प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में दोनों देशों के निजी क्षेत्रों केबीच अधिक सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहाकि डेयरी साइंस, बागवानी एवं वानिकी में न्यूजीलैंड की मजबूती और भारत के उपभोक्ता बाजार, फूड पार्क एवं एग्री-टेक से जुड़ी प्रतिभाओं को मिलकर ग्लोबल फूड वैल्यू चेन का निर्माण करना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यवसाय जगत को निवेश एवं व्यावसायिक साझेदारी बढ़ाने केलिए प्रोत्साहित किया और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 7 बिलियन न्यूजीलैंडडॉलर (लगभग 35000 करोड़ रुपये) तक पहुंचाने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करने को कहा। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहाकि भारत-न्यूजीलैंड आर्थिक साझेदारी समावेशी एवं सतत व्यापार का एक मॉडल और नवाचार एवं समृद्धि का एक मंच बन सकती है।