Uttarakhand Cabinet Decisions: उत्तराखंड में रजिस्ट्री पर PAN Verification अनिवार्य, BNSS 2023 प्रावधान लागू होगा

Published on 4 अक्टू॰ 2026

Uttarakhand Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) की अध्यक्षता में रविवार को उत्तराखंड मंत्रिमंडल (Uttarakhand Cabinet) की बैठक पहली बार देहरादून (Dehradun) से बाहर आयोजित की गई। 

यह बैठक चम्पावत (Champawat) जिले के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में हुई, जिसमें राज्यहित से जुड़े 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक में संपत्ति खरीद-बिक्री में फर्जी या गलत PAN के इस्तेमाल को रोकने के लिए अब PAN Verification व्यवस्था लागू की जाएगी। 

क्रेता, विक्रेता और अन्य संबंधित पक्षों द्वारा दिए गए PAN का सत्यापन किया जाएगा, जिससे आयकर विभाग को भेजी जाने वाली जानकारी अधिक सटीक और पारदर्शी हो सके।

हमारा प्रयास है कि कैबिनेट बैठकें केवल देहरादून तक सीमित न रहें, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में आयोजित हों, ताकि स्थानीय समस्याओं, संभावनाओं और विकास की प्राथमिकताओं को और करीब से समझते हुए प्रभावी निर्णय लिए जा सकें।

जन-जन तक सरकार और हर क्षेत्र का समान विकास हमारी… pic.twitter.com/Tu4X5rAWx5

— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) October 4, 2026

वन भूमि हस्तांतरण के लिए PMU बनाने की मंजूरी

वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामलों की तकनीकी जांच और ऑनलाइन अलाइनमेंट परीक्षण की व्यवस्था मजबूत करने के लिए वन संरक्षण नोडल कार्यालय में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट यानी PMU बनाने को स्वीकृति दी गई। इसके लिए छह पद भी मंजूर किए गए हैं।

कैबिनेट ने वर्ग-3 और वर्ग-4 भूमि से जुड़े पट्टेदारों और कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई। 

नैनीताल (Nainital) के लालकुआं और देहरादून के जौनसार-बावर क्षेत्र से जुड़े मामलों में भी भूमि अधिकार और विनियमितीकरण से संबंधित निर्णय लिए गए। 

संबंधित भूमि का नियमितीकरण एक वर्ष तक वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर और उसके बाद वर्तमान सर्किल रेट के अनुसार किया जाएगा।

पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का होगा विस्तार

पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट (Airport) विस्तार के लिए उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को 66.2916 करोड़ रुपए की शेष राशि जारी करने को भी मंजूरी मिली। यह रकम निर्माण और अन्य स्वीकृत कार्यों पर खर्च की जाएगी।

प्रबंधन संशोधन विधेयक-2026 को भी मंजूरी 

मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक-2026 को भी मंजूरी दी। इसके तहत 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा GSDP के 3 प्रतिशत तक तय की गई है। 

वहीं वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 के बीच कुल संचयी ऋण की अधिकतम सीमा GSDP के 30 प्रतिशत तक रखने का प्रावधान किया गया है।

CCF कुमाऊं और गढ़वाल विभागाध्यक्ष घोषित

वन विभाग के प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव किया गया है। नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व के निदेशक को विभागाध्यक्षों की सूची से हटाने और कुमाऊं व गढ़वाल के मुख्य वन संरक्षकों को विभागाध्यक्ष घोषित करने का फैसला लिया गया है। 

सरकार का मानना है कि इससे वनाग्नि, बाढ़, आपदा और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी स्थितियों में फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे।

विधानसभा सत्र में पेश करेंगे वित्त आयोग की रिपोर्ट

छठे राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र में रखने की स्वीकृति भी दी गई। 

इस रिपोर्ट में वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकायों को राज्य के शुद्ध कर राजस्व से धन हस्तांतरण तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर सिफारिशें की गई हैं।

उत्तराखंड में लागू होगा BNSS 2023 प्रावधान

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 (BNSS) के प्रावधान लागू करने के लिए भी अधिसूचना जारी करने का फैसला लिया गया। 

निर्धारित परिस्थितियों में जिला मजिस्ट्रेट राज्य सरकार को 14 दिन की सूचना देकर किसी अन्य व्यक्ति को सहायक लोक अभियोजक नियुक्त कर सकेंगे।

आचरण संशोधन नियमावली 2026 को भी मंजूरी

कैबिनेट ने राज्य कर्मचारियों की आचरण संशोधन नियमावली-2026 को भी मंजूरी दी। इसमें चल-अचल और बहुमूल्य संपत्ति से जुड़े नियमों को अधिक स्पष्ट और अपडेट किया जाएगा।

लोक सेवा आयोग से इन अधिकारियों को किया बाहर

इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता-2023 के अनुरूप सतर्कता अधिष्ठान से संबंधित पुरानी अधिसूचना में संशोधन, समूह ‘ग’ के कुछ पदों पर इंटरव्यू व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा।

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के कार्यक्षेत्र से जिला युवा कल्याण और प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी के पद को बाहर करने संबंधी प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

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