Uttarakhand Aadi Rangotsav: खटीमा में दिखा जनजातीय संस्कृति का दम, CM धामी ने बजाया ढोल

Published on 5 अक्टू॰ 2026

खटीमा में उत्तराखंड आदि रंगोत्सव का आगाज हुआ। CM धामी कलाकारों के साथ थिरके और ढोल बजाया। जुएल ओराम ने एकलव्य विद्यालय के लिए 10 करोड़ की घोषणा की।

खटीमा में तीन दिवसीय उत्तराखंड आदि रंगोत्सव का भव्य आगाज हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम और केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी मौजूद रहे। उत्सव में उत्तराखंड के साथ-साथ देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे जनजातीय कलाकारों ने अपनी लोककला, संगीत, नृत्य और पारंपरिक वेशभूषा के जरिए भारत की विविध जनजातीय विरासत की तस्वीर पेश की।

आदि रंगोत्सव में दिखी देशभर की जनजातीय संस्कृति

खटीमा में आयोजित इस उत्सव में राजस्थान, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, मिजोरम और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के कलाकार शामिल हुए। कलाकारों ने पारंपरिक लोकनृत्य और लोकसंगीत की प्रस्तुतियां देकर अलग-अलग राज्यों की जनजातीय परंपराओं से लोगों को रूबरू कराया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक विविधता के साथ ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का संदेश भी देखने को मिला। पारंपरिक परिधानों और लोक कलाओं ने आदि रंगोत्सव को खास बना दिया।

कलाकारों के बीच पहुंचे CM धामी, बजाया ढोल

आदि रंगोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का अलग अंदाज भी देखने को मिला। मुख्यमंत्री खुद कलाकारों के बीच पहुंचे और उनके साथ थिरके। उन्होंने ढोल भी बजाया और कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। पारंपरिक रंग में रंगे मुख्यमंत्री की यह तस्वीर कार्यक्रम में आकर्षण का केंद्र रही। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आदि रंगोत्सव जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपरा और गौरव का उत्सव है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदायों की विरासत को संरक्षित करने के साथ उनके विकास पर भी सरकार का ध्यान है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जनजातीय समाज को जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और जरूरी मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराएं उत्तराखंड की पहचान का अहम हिस्सा हैं और इन्हें आगे की पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है।

खटीमा के एकलव्य विद्यालय के विस्तार के लिए करीब 10 करोड़ रुपये

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने उत्तराखंड सरकार और मुख्यमंत्री धामी के साथ किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने खटीमा स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के विस्तार और सुविधाओं के विकास के लिए करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की घोषणा की। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हॉस्टल के निर्माण का टेंडर पूरा हो चुका है। इससे विद्यालय में पढ़ने वाले जनजातीय विद्यार्थियों के लिए आवासीय सुविधाओं का विस्तार होगा।

थारू, बोक्सा और जौनसारी समेत जनजातीय समुदायों की संस्कृति पर जोर

केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उत्तराखंड की जनजातीय विविधता की सराहना की। उन्होंने कहा कि थारू, बोक्सा, जौनसारी और राजी जैसे जनजातीय समुदाय उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की भी प्रशंसा की। रिजिजू ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, सुरंग दुर्घटनाओं और भूस्खलन जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मुख्यमंत्री धामी ने जिस तरह काम किया, वह सराहनीय है।

पिथौरागढ़ में एकलव्य आवासीय विद्यालय की मांग

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्रियों के सामने पिथौरागढ़ क्षेत्र में भी एकलव्य आवासीय विद्यालय स्थापित करने का अनुरोध रखा। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के जनजातीय विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

तीन दिवसीय आदि रंगोत्सव के जरिए खटीमा में न सिर्फ उत्तराखंड बल्कि देशभर की जनजातीय संस्कृति एक मंच पर दिखाई दी। लोकनृत्य, लोकसंगीत, पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को जनजातीय विरासत और गौरव का बड़ा उत्सव बना दिया।