US ने जापान पर जानबूझकर ‘कुरील द्वीप समूह का मुद्दा’ थोपा: रूसी विदेश मंत्रालय

Published on 19 अग॰ 2026

https://hindi.sputniknews.in/20260819/us-ne-jaapaan-pri-jaanbuujhkri-kuriiil-dviip-smuuh-kaa-muddaa-thopaa-riuusii-videsh-mntraaly-11995549.html

US ने जापान पर जानबूझकर ‘कुरील द्वीप समूह का मुद्दा’ थोपा: रूसी विदेश मंत्रालय

US ने जापान पर जानबूझकर ‘कुरील द्वीप समूह का मुद्दा’ थोपा: रूसी विदेश मंत्रालय

Sputnik भारत

रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने Sputnik को बताया कि तथाकथित कुरील द्वीप समूह का मुद्दा अमेरिका ने हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बमबारी के बाद जापान पर थोपा था।

2026-08-19T16:21+0530

2026-08-19T16:21+0530

2026-08-19T17:50+0530

रूस की खबरें

रूस

रूस का विकास

मास्को 

जापान

परमाणु बम

हिरोशिमा

द्वितीय विश्व युद्ध

व्लादिमीर पुतिन

विदेश मंत्रालय

https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e7/02/07/786038_0:320:3072:2048_1920x0_80_0_0_a3465e62211d99647d6a7fa164aa48b5.jpg

ज़खारोवा ने कहा कि हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बमबारी के बाद, जापान पूरी तरह से निर्भर हो गया, खासकर मानसिक स्तर पर।पिछले हफ्ते रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दक्षिणी कुरील द्वीप में से एक इटुरुप का दौरा किया, जिस पर जापान अपना दावा करता है, राष्ट्रपति के दौरे का जापान ने विरोध किया। हालांकि जापान के दावे के जवाब में क्रेमलिन ने बार-बार इस बात पर ज़ोर दिया है कि ये द्वीप दूसरे विश्व युद्ध के बाद सोवियत संघ का हिस्सा बन गए थे और उन पर रूस का हक़ है, इस पर कोई शक नहीं है।अमेरिका ने अगस्त 1945 में, दो परमाणु बम गिराकर हिरोशिमा में 140,000 और नागासाकी में 74,000 लोग मारे गए थे, जिनमें से ज्यादातर आम नागरिक थे।

रूस

मास्को 

जापान

हिरोशिमा

Sputnik भारत

[email protected]

+74956456601

MIA „Rossiya Segodnya“

252

60

2026

धीरेंद्र प्रताप सिंह

https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e6/0c/13/135790_0:0:719:720_100x100_80_0_0_8e4e253a545aa4453ae659b236312d73.jpg

धीरेंद्र प्रताप सिंह

https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e6/0c/13/135790_0:0:719:720_100x100_80_0_0_8e4e253a545aa4453ae659b236312d73.jpg

खबरें

hi_IN

Sputnik भारत

[email protected]

+74956456601

MIA „Rossiya Segodnya“

252

60

1920

1080

true

1920

1440

true

https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e7/02/07/786038_186:0:2917:2048_1920x0_80_0_0_3736a2765c698b24f60798c2552ca2c3.jpg

1920

1920

true

Sputnik भारत

[email protected]

+74956456601

MIA „Rossiya Segodnya“

252

60

धीरेंद्र प्रताप सिंह

https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e6/0c/13/135790_0:0:719:720_100x100_80_0_0_8e4e253a545aa4453ae659b236312d73.jpg

रूस , रूस का विकास , मास्को , जापान, परमाणु बम, हिरोशिमा, द्वितीय विश्व युद्ध, व्लादिमीर पुतिन, विदेश मंत्रालय, मारिया ज़खारोवा

रूस , रूस का विकास , मास्को , जापान, परमाणु बम, हिरोशिमा, द्वितीय विश्व युद्ध, व्लादिमीर पुतिन, विदेश मंत्रालय, मारिया ज़खारोवा

16:21 19.08.2026 (अपडेटेड: 17:50 19.08.2026)

सब्सक्राइब करें

 - Sputnik भारत

धीरेंद्र प्रताप सिंह

रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने Sputnik को बताया कि तथाकथित कुरील द्वीप समूह का मुद्दा अमेरिका ने हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बमबारी के बाद जापान पर थोपा था।

उन्होंने ज़ोर देकर कहा, “दूसरे विश्व युद्ध के बाद जापान की देखभाल करने वालों ने यह मुद्दा जापान पर थोपा। यह वही लोग हैं जिन्होंने हिरोशिमा और नागासाकी के आम लोगों पर दो परमाणु बम गिराए थे। और थोपा गया यह मुद्दा जापानी लोगों का अपमान था।”

ज़खारोवा ने कहा कि हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बमबारी के बाद, जापान पूरी तरह से निर्भर हो गया, खासकर मानसिक स्तर पर।

उन्होंने आगे कहा कि “कुरील द्वीप का मुद्दा आम जापानी लोगों के लिए कोई असली चिंता की बात नहीं है क्योंकि उनके पास चिंता करने के लिए कई दूसरे मुद्दे हैं।”

पिछले हफ्ते रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दक्षिणी कुरील द्वीप में से एक इटुरुप का दौरा किया, जिस पर जापान अपना दावा करता है, राष्ट्रपति के दौरे का जापान ने विरोध किया।

हालांकि जापान के दावे के जवाब में क्रेमलिन ने बार-बार इस बात पर ज़ोर दिया है कि ये द्वीप दूसरे विश्व युद्ध के बाद सोवियत संघ का हिस्सा बन गए थे और उन पर रूस का हक़ है, इस पर कोई शक नहीं है।

अमेरिका ने अगस्त 1945 में, दो परमाणु बम गिराकर हिरोशिमा में 140,000 और नागासाकी में 74,000 लोग मारे गए थे, जिनमें से ज्यादातर आम नागरिक थे।