लाखों की नौकरी छोड़ी, चार बार की कोशिश... फिर हासिल की UPSC में 69वीं रैंक, सासाराम की कमान संभालने वाली कौन हैं IAS प्रिया रानी?

Published on 9 अक्टू॰ 2026

UPSC Success Story: बिहार के किसान परिवार से निकलकर आईएएस अधिकारी बनने तक का प्रिया रानी का सफर कई युवाओं के लिए प्रेरणा है. पटना के कुरकुरी गांव की रहने वाली प्रिया ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद बेंगलुरु की मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी शुरू की थी. लेकिन उनका लक्ष्य सिविल सेवा में जाना था. इसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने लाखों रुपये के पैकेज वाली कॉरपोरेट नौकरी छोड़ दी और यूपीएससी की तैयारी में जुट गईं. लगातार प्रयासों और शुरुआती असफलताओं के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा 2023 में ऑल इंडिया रैंक 69 हासिल की और आईएएस अधिकारी बनीं. अब सासाराम में एसडीएम के रूप में उनकी कार्यशैली को लेकर चर्चा हो रही है.

प्रिया रानी बिहार के पटना क्षेत्र के कुरकुरी गांव की रहने वाली हैं. उनके पिता किसान हैं और मां गृहिणी हैं. ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ीं प्रिया ने पढ़ाई के दम पर आगे बढ़ने का लक्ष्य तय किया. उन्होंने रांची स्थित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा से इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई पूरी की.

इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने बेंगलुरु की एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी शुरू की. उनके पास कॉरपोरेट सेक्टर में करियर बनाने का विकल्प था, लेकिन वह प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती थीं. इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्होंने साल 2019 में नौकरी छोड़ दी और दिल्ली आकर यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी.

यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल करना आसान नहीं है. प्रिया रानी को भी शुरुआती प्रयास में निराशा का सामना करना पड़ा. पहले प्रयास में वह मुख्य परीक्षा तक नहीं पहुंच सकीं. इसके बाद उन्होंने अपनी तैयारी का विश्लेषण किया और कमजोर विषयों पर काम करना शुरू किया.

उन्होंने नियमित रूप से अखबार पढ़ने, करेंट अफेयर्स की समझ विकसित करने, नोट्स बनाने और उत्तर लेखन का अभ्यास करने पर ध्यान दिया. साथ ही अपने वैकल्पिक विषय इकोनॉमिक्स की तैयारी को भी मजबूत किया. हर प्रयास के साथ उन्होंने अपनी रणनीति में बदलाव किया और लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ती रहीं.

लगातार मेहनत के बाद प्रिया रानी को यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2021 में ऑल इंडिया रैंक 284 मिली. इस रैंक के आधार पर उनका चयन इंडियन डिफेंस एस्टेट्स सर्विस (IDES) में हुआ. यह उनके लिए बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन वह आईएएस अधिकारी बनना चाहती थीं.

उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी. तीसरे प्रयास में मनचाहा परिणाम नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अगले प्रयास के लिए जुटी रहीं. आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई.

चौथे प्रयास में UPSC में 69वीं रैंक

प्रिया रानी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2023 में ऑल इंडिया रैंक 69 हासिल की. इस सफलता के साथ उनका आईएएस बनने का सपना पूरा हो गया. वह 2024 बैच की आईएएस अधिकारी बनीं.

उपलब्ध परीक्षा विवरण के अनुसार, उन्हें लिखित परीक्षा में 807 अंक और इंटरव्यू में 193 अंक मिले. इस तरह कुल 1000 अंकों के साथ उन्होंने 69वीं रैंक हासिल की. उनका वैकल्पिक विषय इकोनॉमिक्स था.

सासाराम में SDM के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहीं प्रिया रानी

आईएएस बनने के बाद अब प्रिया रानी प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभा रही हैं. सासाराम में एसडीएम के रूप में उनकी सक्रिय कार्यशैली की चर्चा हो रही है. सरकारी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने और प्रशासनिक मामलों का जायजा लेने से जुड़ी उनकी तस्वीरें और वीडियो भी सामने आते रहते हैं.

उनकी यात्रा का अहम पहलू यह है कि उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद कॉरपोरेट क्षेत्र में करियर बनाने के बजाय सिविल सेवा की तैयारी का रास्ता चुना. शुरुआती असफलताओं के बाद भी उन्होंने अपना लक्ष्य नहीं बदला और लगातार प्रयास करती रहीं.