UPI Payment rule changed: पेमेंट करते समय अब नहीं दिखेगा आपका पूरा मोबाइल नंबर, NPCI ने बदले नियम - Haribhoomi

Published on 28 जुल॰ 2026

UPI Alert: पेमेंट करते समय अब नहीं दिखेगा आपका पूरा मोबाइल नंबर, NPCI ने बदले नियम

UPI Payment rule changed: नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने यूपीआई पेमेंट में यूजर्स की प्राइवेसी बढ़ाने के लिए मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी और अकाउंट नंबर को मास्क करने की तैयारी कर रहा। नए नियमों के तहत पेमेंट के बाद मोबाइल नंबर के सिर्फ आखिरी चार अंक दिखेंगे।

UPI PAYMENTS RULES CHANGED

UPI PAYMENTS RULES CHANGED

  • Published: 28 Jul 2026, 03:05 PM IST
  • Last Updated: 28 Jul 2026, 03:05 PM IST

UPI Payment rule changed: यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस के जरिए डिजिटल पेमेंट करने वाले करोड़ों यूजर्स की प्राइवेसी को मजबूत करने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने कदम तेज कर दिए। एनपीसीआई डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) कानून को लागू करने की दिशा में यूपीआई ऐप्स और पार्टनर बैंकों के साथ बातचीत कर रहा।

इसका मकसद यह तय करना है कि ग्राहक की निजी जानकारी किस तरह सुरक्षित रखी जाए और यूपीआई सिस्टम में शामिल अलग-अलग संस्थाओं की जिम्मेदारियां क्या हों।

प्राइवेसी मजबूत करने के लिए एनपीसीआई का बड़ा कदम
एनपीसीआई पहले ही फोन नंबर मास्क करने का निर्देश जारी कर चुका। यूपीआई में मोबाइल नंबर का इस्तेमाल पेमेंट करने और यूजर की पहचान सत्यापित करने के लिए होता। यह व्यवस्था सुरक्षा के लिहाज से उपयोगी है। लेकिन इससे यूजर की प्राइवेसी को भी खतरा हो सकता। खासकर तब, जब पेमेंट के बाद किसी दूसरे व्यक्ति को मोबाइल नंबर या पूरी पहचान की जानकारी दिखाई दे।

यूपीआई को ग्राहक की जानकारी छुपानी होगी
एनपीसीआई के निर्देशों के मुताबिक यूपीआई मेंबर बैंक और यूपीआई ऐप्स को ग्राहक की जानकारी को सभी ऐसे इंटरफेस और कम्युनिकेशन में मास्क करना होगा, जहां यह जानकारी दूसरे यूजर को दिखाई देती। इसमें UPI ID, मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट नंबर शामिल हैं। दूसरे व्यक्ति को मोबाइल नंबर के केवल आखिरी 4 अंक दिखाई देने चाहिए।

NPCI के निर्देशों में क्या बदलाव होंगे?
ग्राहक का मोबाइल नंबर पूरी तरह दिखाई नहीं देगा, सिर्फ आखिरी 4 अंक दिखेंगे। इसके अलावा क्यूआर कोड से पेमेंट के बाद पेमेंट पाने वाले को मोबाइल नंबर नहीं दिखाया जाएगा। यूपीआई ऐप्स को मोबाइल नंबर के बजाय यूजरनेम आधारित ID चुनने की सुविधा देनी होगी। वहीं, यूजर नॉन-मोबाइल नंबर आधारित UPI ID को अपना डिफॉल्ट आईडी बना सकेंगे। साथ ही,  UPI ऐप्स और बैंकों को ग्राहक की निजी जानकारी सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी निभानी होगी।

यूजर्स वीपीए के लिए मोबाइल नंबर चुनते 
फिलहाल जब कोई व्यक्ति पहली बार यूपीआई सेटअप करता है तो ज्यादातर यूजर्स अपना मोबाइल नंबर ही वर्चुअल पेमेंट एड्रेस के तौर पर चुन लेते हैं। हालांकि UPI में पहले से ही मोबाइल नंबर के बजाय यूजरनेम चुनने का विकल्प मौजूद है, लेकिन बहुत से लोग इसके बारे में नहीं जानते। नए बदलाव के बाद डिफॉल्ट रूप से मोबाइल नंबर के बजाय यूजरनेम आधारित आईडी को बढ़ावा दिया जा सकता है।

एनपीसीआई ने यूपीआई ऐप्स और बैंकों को फोन नंबर मास्किंग से जुड़े निर्देश लागू करने के लिए 4 सितंबर की समयसीमा दी है। यह कदम खासतौर पर उन शिकायतों के बाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिनमें सोशल मीडिया पर कई महिला यूजर्स ने पेमेंट के दौरान पहचान, प्राइवेसी और सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं उठाई थीं।

DPDP कानून के लागू होने के साथ एनपीसीआई यह पक्का करना चाहता है कि UPI इकोसिस्टम में ग्राहक के निजी डेटा को सुरक्षित रखने के लिए सभी भागीदार अपनी जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से समझें और सिस्टम को उसी के अनुसार तैयार करें।

(प्रियंका कुमारी)