Published: Saturday, October 24, 2026, 18:20 [IST]
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में युवाओं की भूमिका कितनी अहम होने वाली है? क्या जेन-जी यानी नई पीढ़ी के वोटर चुनावी नतीजों पर बड़ा असर डाल सकते हैं? News18 UP Mega Survey में सामने आए आंकड़े इस बहस को नई दिशा देते हैं। सर्वे में शामिल 56% लोगों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव में जेन-जी वोटर बड़ी भूमिका निभाएंगे। लेकिन इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक खेमों की राय एक जैसी नहीं है। बीजेपी और एनडीए समर्थकों के बीच यह भरोसा सबसे ज्यादा दिखा। वहीं, समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन और बहुजन समाज पार्टी के समर्थकों में यह आंकड़ा काफी कम रहा।
यह सर्वे News18 ने Pvalue Analytics के साथ मिलकर कराया। इसका मकसद यूपी सरकार के कामकाज, विकास और जनता के मौजूदा रुझान को समझना था। छात्रों के विरोध प्रदर्शन और राम मंदिर के लिए मिले चंदे जैसे मुद्दों पर लोगों की राय भी इसमें जानने की कोशिश की गई।
UP Mega Survey: क्या 2027 के चुनाव में Gen-Z की होगी बड़ी भूमिका?
सर्वे में 56% लोगों ने माना कि जेन-जी वोटर अगले विधानसभा चुनाव में बड़ा असर डाल सकते हैं। वहीं, 16.2% लोगों ने इस राय से असहमति जताई। करीब 14.2% लोगों ने कहा कि वे जेन-जी के बारे में नहीं जानते। इसके अलावा 13.6% लोग इस सवाल पर कोई जवाब नहीं दे सके।
यहां जेन-जी से मतलब उन लोगों से है, जिनका जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ है। इस पीढ़ी के कई युवा अब वोट देने की उम्र में हैं या आने वाले समय में मतदाता बनेंगे। ऐसे में उनके मुद्दे और राजनीतिक पसंद चुनावी चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि, सर्वे में युवाओं की भूमिका को लेकर लोगों की राय सामने आई है, यह चुनाव के नतीजों की भविष्यवाणी नहीं है।
BJP-NDA समर्थकों को युवाओं पर सबसे ज्यादा भरोसा
राजनीतिक खेमों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बीजेपी-एनडीए समर्थकों में 63.5% लोगों को लगता है कि जेन-जी आगामी चुनाव में बड़ी भूमिका निभाएंगे। यानी इस समूह में सर्वे के कुल आंकड़े से भी ज्यादा भरोसा नजर आया।
दूसरी तरफ एसपी-कांग्रेस गठबंधन के समर्थकों में 41.7% लोगों ने युवाओं की बड़ी भूमिका की बात मानी। बीएसपी समर्थकों में यह आंकड़ा 35.5% रहा। इससे पता चलता है कि युवा वोटरों के चुनावी असर को लेकर राजनीतिक समूहों की धारणा अलग-अलग है। लेकिन इन आंकड़ों से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि जेन-जी किस पार्टी को वोट देगा।
Gen-Z को लेकर कितने लोग अनजान?
सर्वे में जेन-जी को लेकर जागरूकता के स्तर में भी अंतर दिखा। बीजेपी-एनडीए समर्थकों में 11.5% लोगों ने कहा कि वे जेन-जी के बारे में नहीं जानते। एसपी-कांग्रेस समर्थकों में यह आंकड़ा 19% और बीएसपी समर्थकों में 24.5% था।
इसके अलावा, 13.6% प्रतिभागी यह नहीं बता सके कि युवाओं से जुड़े विरोध प्रदर्शनों का आगामी चुनाव पर कोई असर पड़ेगा या नहीं। यानी एक तरफ बड़ी संख्या में लोग युवा वोटरों को असरदार मान रहे हैं, तो दूसरी तरफ इस विषय पर जानकारी या राय नहीं रखने वाले लोग भी कम नहीं हैं।
पेपर लीक विरोध से SIR तक, चुनाव से पहले क्यों अहम है युवा मुद्दा?
यह सर्वे ऐसे वक्त आया है, जब पेपर लीक के खिलाफ युवाओं के विरोध प्रदर्शन देशभर में चर्चा में रहे हैं। जुलाई में राजधानी दिल्ली में परीक्षा से जुड़े गुस्से के बीच युवा आंदोलन ने जोर पकड़ा था। इसके बाद एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के अभियान ने भी राजनीतिक बहस को हवा दी।
यूपी में 2027 का विधानसभा चुनाव बीजेपी सरकार के लिए युवाओं के आंदोलन के बाद पहला बड़ा चुनावी टेस्ट होगा। हालांकि सर्वे यह नहीं बताता कि इन प्रदर्शनों का वोटिंग पर वास्तविक असर कितना होगा। यह बात चुनाव के दौरान युवाओं की भागीदारी, उनके मुद्दों और मतदान के रुझान से ही बेहतर तरीके से समझी जा सकेगी।
सर्वे में किन मुद्दों पर पूछे गए सवाल?
सर्वे का दायरा सिर्फ जेन-जी तक सीमित नहीं था। इसमें यूपी सरकार के कामकाज और विकास से जुड़े मुद्दों पर जनता की राय जानने की कोशिश की गई। सरकार के प्रति लोगों की संतुष्टि, उनकी चिंताओं और अलग-अलग वर्गों में बन रही राय को भी समझना इसका हिस्सा था।
इसके साथ ही छात्रों के हालिया विरोध प्रदर्शन और राम मंदिर के लिए मिले चंदे से जुड़े सवाल भी सर्वे में शामिल किए गए। कुल मिलाकर, आंकड़े बताते हैं कि 2027 के चुनाव से पहले युवा वोटरों की भूमिका चर्चा में है। लेकिन जेन-जी का भरोसा किस पार्टी को मिलेगा, इसका जवाब अभी इन आंकड़ों से नहीं मिलता।