UP Flood Alert System: 591 करोड़ अलर्ट मैसेज ने यूपी में बचाई लाखों जिंदगियां! 3.52 लाख बाढ़ पीड़ितों तक पहुंची तत्काल मदद - Haribhoomi

Published on 5 सित॰ 2026

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश, आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली और बाढ़ के खतरे के बीच योगी सरकार का डिजिटल चेतावनी तंत्र जीवनरक्षक साबित हुआ है। राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी किए गए 591 करोड़ से अधिक अलर्ट मैसेजों और त्वरित राहत कार्यों के बल पर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक शून्य जनहानि दर्ज की गई है।

591 crore alert messages saved lives up floods

इस त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र ने पूरे प्रदेश में शून्य जनहानि के लक्ष्य को हासिल करने में केंद्रीय भूमिका निभाई।

  • Published: 05 Sep 2026, 09:10 AM IST
  • Last Updated: 05 Sep 2026, 09:11 AM IST

उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए योगी सरकार द्वारा तैयार किया गया मजबूत राहत एवं बचाव ढांचा एक नई मिसाल बनकर उभरा है। मानसून के दौरान मूसलाधार बारिश, उफान पर आईं नदियों और आकाशीय बिजली के खतरों के बीच सरकार के आधुनिक अलर्ट सिस्टम ने लाखों लोगों की जान बचाई है।

राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से बड़े पैमाने पर भेजे गए मोबाइल संदेशों और सोशल मीडिया अभियानों के कारण प्रभावित इलाकों में रहने वाली आबादी समय रहते सतर्क हुई, जिसका सीधा परिणाम यह रहा कि बड़े पैमाने पर आई बाढ़ के बावजूद राज्य में एक भी नागरिक की जान नहीं गई।

​जुलाई और अगस्त में भेजे गए 591 करोड़ अलर्ट मैसेज 
मौसम संबंधी खतरों की अग्रिम जानकारी देने के लिए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर मोबाइल नेटवर्क का उपयोग किया। राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा जुलाई महीने में 306 करोड़ और अगस्त महीने में 285 करोड़ यानी कुल मिलाकर 591 करोड़ से अधिक अलर्ट मैसेज प्रसारित किए गए।

इसके साथ ही विभिन्न सोशल मीडिया माध्यमों के जरिए 1 करोड़ से ज्यादा लोगों तक मौसम की सटीक चेतावनियां पहुंचाई गईं। समय पर मिले इन संदेशों ने आम नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने और एहतियाती कदम उठाने का मौका दिया।

​17 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला, 3.52 लाख को पहुंची राहत सामग्री

प्रशासनिक मुस्तैदी और तकनीकी चेतावनी का असर धरातल पर भी स्पष्ट नजर आया। आपदा प्रबंधन टीमों द्वारा चलाए गए अभियानों के तहत अब तक 17.54 हजार से अधिक लोगों को जलभराव वाले खतरनाक इलाकों से निकालकर सुरक्षित शिविरों में पहुंचाया गया।

इसके अलावा, बाढ़ से प्रभावित हुए 3.52 लाख से ज्यादा जरूरतमंद लोगों तक राहत किट, भोजन और जरूरी चिकित्सीय सहायता पहुंचाई गई। सूचनाएं समय पर मिलने के कारण आम जनता ने भी स्थानीय प्रशासन के साथ सहयोग कर खुद को सुरक्षित किया।

​1070 हेल्पलाइन बनी जीवनरक्षक, चित्रकूट-प्रयागराज में लोकेशन ट्रेस कर हुए रेस्क्यू 
संकट के समय राहत आयुक्त कार्यालय की इमरजेंसी हेल्पलाइन '1070' नागरिकों के लिए सबसे बड़ा सहारा साबित हुई। आपदा में फंसे लोगों द्वारा कॉल करते ही उनकी सटीक लोकेशन प्राप्त की गई और संबंधित जिला प्रशासन व एनडीआरएफ/एसडीआरएफ की टीमों को तत्काल मौके पर भेजा गया।

विशेष रूप से मिर्जापुर, प्रयागराज और चित्रकूट जैसे जिलों में बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को ट्रैक कर समय रहते सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र ने पूरे प्रदेश में शून्य जनहानि के लक्ष्य को हासिल करने में केंद्रीय भूमिका निभाई।