Jantar Mantar Assault Case: जंतर-मंतर हमला मामला (Jantar Mantar Assault Case) में स्वतंत्र भारद्वाज की एक दिन की पुलिस कस्टडी (Swatantra Bhardwaj Custody) को लेकर निशु आजाद के वकील ऋषव रंजन ने सवाल उठाए हैं। निशु आजाद विवाद (Nishu Azad Controversy) के बीच वकील ने कस्टडी की प्रक्रिया को बेहद अजीब बताया।
"कोर्ट में इंतजार करते रहे, जज के घर पेशी हुई", Nishu Azad के वकील ने उठाए गंभीर सवाल
जंतर-मंतर पर छात्र कार्यकर्ता निशू आजाद के पिता पर हमले और सोशल मीडिया पर डींगें हांकने के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली की अदालत ने 1 दिन की पुलिस रिमांड (कस्टडी) पर भेज दिया है। आरोपी को… pic.twitter.com/LDCQOiokBL
— Bansal News Official (@BansalNews_) September 5, 2026
कोर्ट में सुनवाई का इंतजार कर रहे थे वकील
जंतर-मंतर हमला मामला (Jantar Mantar Assault Case) को लेकर ऋषव रंजन ने कहा कि सभी वकील कोर्ट में मौजूद थे और सुनवाई शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। बाद में उन्हें पता चला कि लीगल एड काउंसिल (Legal Aid Counsel) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में शामिल हुआ और आरोपी को जज के आवास पर पेश किया गया।
जज के आवास पर पेशी का दावा
निशु आजाद के पिता पर हमला मामला (Nishu Azad Father Assault Case) से जुड़े इस घटनाक्रम में वकील ने कहा कि उन्हें बाद में आरोपी की जज के आवास पर पेशी की जानकारी मिली। उन्होंने सवाल उठाया कि जंतर-मंतर हमला मामला (Jantar Mantar Assault Case) जैसे गंभीर मामले में पुलिस कस्टडी की मांग किस आधार पर की गई।
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FIR में जोड़ी गई धाराओं की जानकारी नहीं
वकील ऋषव रंजन ने कहा कि स्वतंत्र भारद्वाज की कस्टडी (Swatantra Bhardwaj Custody) के लिए एक दिन की पुलिस कस्टडी मांगी गई, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं दी गई कि आरोपी के खिलाफ कौन-सी नई धाराएं जोड़ी गई हैं।
उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर हमला मामला (Jantar Mantar Assault Case) की FIR में क्या बदलाव या अतिरिक्त प्रावधान किए गए हैं, इसकी भी उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली।
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'मुझे नहीं पता क्या छिपाया जा रहा'
निशु आजाद विवाद (Nishu Azad Controversy) पर प्रतिक्रिया देते हुए ऋषव रंजन ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि इस मामले में क्या छिपाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर हमला मामला (Jantar Mantar Assault Case) में दिल्ली पुलिस ने अब तक धाराओं को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
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दिल्ली पुलिस के बयान का इंतजार
निशु आजाद के पिता पर हमला मामला (Nishu Azad Father Assault Case) और स्वतंत्र भारद्वाज की कस्टडी (Swatantra Bhardwaj Custody) को लेकर पुलिस की ओर से आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
वकील के मुताबिक, जंतर-मंतर हमला मामला (Jantar Mantar Assault Case) में FIR में जोड़ी गई धाराओं और आरोपों में हुए बदलाव की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। दिल्ली पुलिस के आधिकारिक बयान के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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