उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आगामी त्योहारों को देखते हुए प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक्शन मोड में आ गई है। प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने समीक्षा बैठक के दौरान निर्देश दिए कि कोयले की कमी या अन्य वजहों से आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए मजबूत वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- Published: 23 Sep 2026, 08:20 AM IST
- Last Updated: 23 Sep 2026, 08:32 AM IST
उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के ग्रामीण, तहसील और नगरीय क्षेत्रों में निर्धारित शेड्यूल के अनुरूप बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी सिलसिले में प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने शक्ति भवन में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।
बैठक में आगामी त्योहारों के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने, लाइन हानि रोकने और बिजनेस प्लान के कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए गए।
कोयले की कमी और बिजली किल्लत से निपटने के लिए बनेगी वैकल्पिक योजना
अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने स्पष्ट किया कि बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जहां से भी विद्युत व्यवस्था संभव हो, वहां से आवश्यक इंतजाम किए जाएं। भविष्य में कोयले की संभावित कमी के कारण बिजली आपूर्ति पर कोई असर न पड़े, इसके लिए अभी से एक बेहतर वैकल्पिक और ठोस योजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।
डिस्कॉम एमडी करेंगे दैनिक समीक्षा, हर 2 घंटे में कंट्रोल रूम को रिपोर्ट
बिजली वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए:
- प्रतिदिन समीक्षा: वितरण निगम (डिस्कॉम) के प्रबन्ध निदेशक रोजाना बिजली आपूर्ति की समीक्षा करेंगे और लखनऊ मुख्यालय को विस्तृत रिपोर्ट भेजेंगे।
- फीडरवार जानकारी: मुख्यालय भेजी जाने वाली रिपोर्ट में जिलेवार फीडर, ब्रेकडाउन और रोस्टिंग (कटौती) का पूरा ब्योरा शामिल होगा।
- 2 घंटे में मॉनिटरिंग: डिस्कॉम स्तर के कंट्रोल रूम में हर दो घंटे की फीडरवाइज रिपोर्ट मंगाई जाएगी, जिससे किसी भी फीडर की वास्तविक स्थिति तुरंत पता चल सके।
हाई लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में होगी सख्त कार्रवाई
समीक्षा बैठक में फीडर स्तर के आंकड़ों का नियमित विश्लेषण करने और कमियां मिलने पर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने को कहा गया। जिन क्षेत्रों या फीडरों पर अधिक लाइन हानि दर्ज की जा रही है, वहां अलग से फीडरवार कार्य योजना बनाकर नियमित कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, इंडीपेन्डेन्ट फीडर के उपभोक्ताओं से वरिष्ठ अधिकारी सीधे संपर्क कर आपूर्ति का फीडबैक लेते रहेंगे।
बार-बार बिजली कटने वाले क्षेत्रों के लिए विशेष बिजनेस प्लान
अध्यक्ष ने बिजनेस प्लान के तहत जारी कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के ऐसे सभी स्थानों के लिए एक विशेष कार्य योजना बनाने को कहा गया है, जहां बार-बार बिजली गुल होने की शिकायतें आ रही हैं।
बैठक में प्रबंध निदेशक नितीश कुमार सहित उत्पादन निगम, एस.एल.डी.सी. और कारपोरेशन के वरिष्ठ निदेशक व अधिकारी उपस्थित रहे।