UNGA 81st Session: संयुक्त राष्ट्र महासभा में तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन ने फिर उठाया कश्मीर मुद्दा, UN चार्टर के तहत विवाद सुलझाने की मांग - Haribhoomi

Published on 23 सित॰ 2026

तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोआन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के अपने संबोधन में एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाया है। उन्होंने दक्षिण एशिया में शांति के लिए कश्मीर समेत सभी विवादों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और उससे जुड़े प्रस्तावों के तहत बातचीत से सुलझाने की वकालत की।

erdogan raises kashmir issue at unga 81st session

रजब तैयब अर्दोआन ( राष्ट्रपति- तुर्की )

  • Published: 23 Sep 2026, 07:56 AM IST
  • Last Updated: 23 Sep 2026, 08:03 AM IST

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र की उच्च स्तरीय सामान्य चर्चा की शुरुआत के साथ ही वैश्विक मंच पर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोआन ने महासभा को संबोधित करते हुए एक बार फिर कश्मीर मुद्दे का जिक्र किया। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कड़े बयानों के बाद क्यूबा के राजनयिकों का विरोध स्वरूप वॉकआउट सत्र का दूसरा बड़ा आकर्षण बना।  

​अर्दोआन का बयान: UN चार्टर और प्रस्तावों के तहत संवाद की मांग 
​राष्ट्रपति अर्दोआन ने अपने संबोधन में कहा कि दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि कश्मीर सहित सभी क्षेत्रीय विवादों का समाधान संवाद के माध्यम से निकाला जाए। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को संयुक्त राष्ट्र के चार्टर और संबंधित प्रस्तावों के दायरे में रहकर बातचीत के जरिए हल किया जाना चाहिए। अर्दोआन लगातार कई वर्षों से UNGA के मंच से इस मुद्दे को उठाते रहे हैं। 

SHAMEFUL 🚨 Turkish President Erdogan once again raised the Kashmir issue in his UN speech.

=> Given Türkiye’s own record on human rights and its position on Cyprus, Erdogan should be cautious about lecturing the world’s largest democracy.

Jammu & Kashmir is, and will always…

— News Algebra (@NewsAlgebraIND) September 22, 2026

​ट्रम्प का क्यूबा पर तीखा हमला और क्यूबाई प्रतिनिधियों का वॉकआउट 
​इसी सत्र के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने भाषण में क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार की कड़ी आलोचना की। ट्रम्प ने क्यूबा को एक "नाकाम देश" करार देते हुए कहा कि वहां की सरकार पर अब तक का सबसे बड़ा दबाव है और अमेरिका वहां "मौलिक बदलाव" चाहता है। ट्रम्प के इस कड़े बयान और आरोपों के तुरंत बाद क्यूबा के प्रतिनिधिमंडल ने विरोध व्यक्त करते हुए जनरल असेंबली हॉल से वॉकआउट कर दिया।  

​अमेरिका-क्यूबा कूटनीति पर बातचीत जारी 
​ट्रम्प ने अपने भाषण में यह भी जानकारी दी कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो क्यूबा के साथ बातचीत और वार्ताओं की प्रक्रिया में शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि क्यूबाई प्रशासन अमेरिका में वामपंथी कट्टरपंथियों और कम्युनिस्ट नेटवर्क के साथ संबंध बनाए हुए है। ट्रम्प ने स्पष्ट रूप से कहा कि "अमेरिका में कभी कम्युनिज्म नहीं आएगा, लेकिन क्यूबा में आजादी जरूर आएगी"।