UN की रिपोर्ट में अमेरिका पर बड़ा आरोप: ईरान में युद्ध अपराध (War Crimes) करने के मिले ठोस आधार

Published on 17 सित॰ 2026

ईरान में फरवरी 2026 में हुए सैन्य हमलों को लेकर संयुक्त राष्ट्र की स्वतंत्र फैक्ट-फाइंडिंग मिशन की रिपोर्ट सामने आई है। मिशन ने कहा है कि उसके पास यह मानने के ठोस आधार हैं कि अमेरिका की ओर से ईरान में किए गए दो हमलों में अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन हुआ और ये मामले युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकते हैं। इनमें दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में एक स्कूल और लामेर्द में एक स्पोर्ट्स सेंटर पर हुए हमले शामिल हैं।

मिशन के मुताबिक, इन दोनों हमलों में बड़ी संख्या में आम नागरिक मारे गए। मिनाब के स्कूल पर हुए हमले में बच्चों समेत भारी जनहानि की बात कही गई है। UN मिशन का कहना है कि उसे ऐसा कोई पर्याप्त सबूत नहीं मिला कि जिन नागरिक इमारतों को निशाना बनाया गया, उनका इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था।

किन घटनाओं की जांच हुई?

फैक्ट-फाइंडिंग मिशन ने फरवरी 2026 में शुरू हुए ईरान युद्ध के दौरान हुई घटनाओं के साथ-साथ दिसंबर 2025 के अंत से ईरान में शुरू हुए सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान सरकारी कार्रवाई की भी जांच की।

रिपोर्ट में अमेरिकी सैन्य हमलों और ईरानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई, दोनों को अलग-अलग देखा गया है।

मिनाब के स्कूल पर हमले को लेकर क्या कहा गया?

UN मिशन के अनुसार, 28 फरवरी के हमलों के बाद उसे यह मानने के लिए पर्याप्त आधार मिले कि अमेरिका की ओर से किए गए हमलों में नागरिकों को नुकसान पहुंचा और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया।

मिनाब के एक स्कूल पर हुए हमले में बड़ी संख्या में बच्चों समेत नागरिकों के मारे जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। UN मिशन ने इस हमले को लेकर कहा कि उपलब्ध जानकारी के आधार पर हमला अंधाधुंध प्रकृति का था और इससे नागरिकों की जान गई या लोग घायल हुए।

हालांकि, अमेरिका की ओर से इन आरोपों को लेकर अंतिम जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए UN मिशन के निष्कर्षों को उसके जांच संबंधी आकलन के रूप में देखा जाना चाहिए।

लामेर्द के स्पोर्ट्स सेंटर पर भी जांच

मिशन ने ईरान के लामेर्द में एक स्पोर्ट्स सेंटर पर हुए हमले की भी जांच की। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों घटनाओं में मिलाकर करीब 178 नागरिकों की मौत की बात सामने आई है।

UN मिशन का कहना है कि इन हमलों को लेकर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत गंभीर सवाल उठते हैं।

ईरानी सरकार पर भी गंभीर आरोप

रिपोर्ट में सिर्फ अमेरिका की कार्रवाई का जिक्र नहीं है। UN फैक्ट-फाइंडिंग मिशन ने ईरान में सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई की भी जांच की।

मिशन के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसा, गिरफ्तारियां और अन्य गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन किए गए। मिशन ने इन घटनाओं को मानवता के खिलाफ अपराधों से जोड़ने वाले निष्कर्ष भी दर्ज किए हैं।

इस तरह रिपोर्ट में एक तरफ युद्ध के दौरान अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ ईरानी सरकार की घरेलू कार्रवाई को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

ईरान पर स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय फैक्ट-फाइंडिंग मिशन को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने ईरान में मानवाधिकार उल्लंघनों से जुड़े मामलों की जांच और दस्तावेजीकरण के लिए बनाया था। मिशन स्वतंत्र विशेषज्ञों के जरिए घटनाओं और उपलब्ध सबूतों का आकलन करता है।

ताजा रिपोर्ट में अमेरिका और ईरान, दोनों पक्षों से जुड़ी गंभीर घटनाओं को शामिल किया गया है। अब इस रिपोर्ट को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के सामने रखा जाना है।