शाम 7 बजे, X पर एक साथ जारी हुए दो पोस्ट, महीनों बाद बदल गए सऊदी और UAE के समीकरण

Published on 22 जुल॰ 2026

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच कई महीनों बाद सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के रिश्तों में जमी बर्फ पिघली है. 21 जुलाई 2026 की शाम 7 बजे (रियाद टाइम) सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक अनोखा और को-ऑर्डिनेटेड मैसेज सामने आया. सऊदी अरब के मीडिया मंत्री सलमान अल-दोसरी और UAE के नेशनल मीडिया अथॉरिटी के चेयरमैन अब्दुल्ला बिन मोहम्मद अल-हामेद ने लगभग एक साथ एक जैसे पोस्ट शेयर किए. इन पोस्टों ने दोनों देशों के बीच गहरे भाईचारे, साझा इतिहास और बुद्धिमान नेतृत्व की तारीफ की. 

इन देनों नेताओं ने मीडिया से अपील की कि वह इस रिश्ते को कमजोर न करने वाली खबरों से बचें. 

सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात लंबे समय तक खाड़ी क्षेत्र में करीबी साझेदार रहे. लेकिन पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद उभरकर सामने आए हैं. सबसे बड़ा विवाद तेल उत्पादन नीति को लेकर है. UAE चाहता है कि उसे अपनी बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता के अनुसार अधिक तेल निकालने की अनुमति मिले,जबकि सऊदी अरब OPEC+ के तहत उत्पादन सीमित रखने पर जोर देता रहा है. 

यमन के मुद्दे पर भी दोनों देशों की प्राथमिकताएं अलग हैं. सऊदी अरब हूती विद्रोहियों के खिलाफ अपनी सुरक्षा चिंताओं को प्राथमिकता देता है, जबकि UAE दक्षिणी यमन में अपने सहयोगी गुटों को समर्थन देता है. इससे दोनों के हित कई बार टकराए हैं. कुछ ही महीने पहले सऊदी अरब ने हूती विद्रोहियों को साथ देने के आरोप में UAE के ठिकानों पर हमले किए थे. 

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इसके बाद दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे. 

एक जैसी हिस्ट्री और विरासत

लेकिन अब दोनों देशों ने संबंधों को सुधारने की दिशा में कदम उठाए हैं. UAE के मीडिया अथॉरिटी के चेयरमैन अब्दुल्ला बिन मोहम्मद अल-हामेद ने लिखा, "संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के संबंध एक साझा इतिहास और दो भाई-भाई जैसे लोगों के बीच गहरे भाईचारे वाले रिश्तों का विस्तार हैं, जो एक ही नियति से जुड़े हुए हैं.”

सऊदी अरब के मीडिया मंत्री अल दोसरी का पोस्ट भी लगभग इसी भावना को दोहराता था. दोनों ने जोर दिया कि मीडिया को इन सकारात्मक पहलुओं को दिखाना चाहिए. 

अल-दोसारी की पोस्ट में कहा गया है, "किंगडम और अमीरात के बीच का रिश्ता दो ऐसे लोगों के बीच का रिश्ता है जो एक जैसी हिस्ट्री और विरासत, और दोनों देशों की समझदार लीडरशिप से जुड़े हुए हैं."

यह कदम महीनों लंबी तनावपूर्ण अवधि के बाद आया है,जब दोनों गल्फ के मजबूत देशों के बीच मतभेद खुलकर सामने आए थे. यमन युद्ध में विपरीत पक्षों का समर्थन, OPEC से UAE का बाहर निकलना, ईरान युद्ध में अलग-अलग रुख और सोशल मीडिया पर खुली आलोचनाएं, ये ऐसे मुद्दे थे जो दोनों देशों के रिश्तों में दरार डाल चुके थे. 

इसका नतीजा यह हुआ कि सऊदी ने एक एयरस्ट्राइक की. इसके बारे में कहा गया कि वह UAE के मिलिट्री इक्विपमेंट की खेप थी, जिसे अबू धाबी का सपोर्ट वाला यमनी ग्रुप भेज रहा था. 

इसके बाद दोनों ओर से अलग अलग लॉबी अपना अपना पक्ष रख रहे थे. मार्च में UAE ने सऊदी टीवी अल-अरबिया के X अकाउंट पर बैन लगा दिया. 

ईरान युद्ध के दौरान भी उनके मतभेद जारी रहे. इससे खाड़ी की सुरक्षा को खतरा था, सऊदी अरब और UAE अक्सर इस बात पर अलग-अलग राय रखते थे कि इस लड़ाई का सही जवाब क्या है. 

मई में UAE ने OPEC छोड़ दिया जो तेल प्रोड्यूसर्स का ग्रुप था जिसे असल में रियाद लीड कर रहा था. दुबई पब्लिक पॉलिसी रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर-जनरल मोहम्मद बहारून ने कहा, "मुझे लगता है कि हमने जो देखा वह एक तूफान था। हमने इससे भी बुरा पहले देखा है लेकिन यह कभी स्ट्रेटेजिक नहीं था."

'भाई जैसे रिश्ते'

सीनियर मीडिया अधिकारियों की पोस्ट से एक घंटे पहले सऊदी शाही दरबार के सलाहकार और जनरल एंटरटेनमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन तुर्की अलशेख ने X पर एक फ़ोटो शेयर की. उन्होंने बताया कि यह फ़ोटो कुछ दिन पहले ली गई थी. इस फ़ोटो में सऊदी के रक्षा मंत्री खालिद बिन-सलमान (जो MBS के भाई हैं) और संयुक्त अरब अमीरात के उपराष्ट्रपति शेख मंसूर बिन ज़ायद अल नाहयान एक-दूसरे के कंधे पर हाथ रखे और मुस्कुराते हुए दिख रहे थे. 

 Iran के बढ़ते प्रभाव और क्षेत्रीय चुनौतियों के बीच सऊदी अरब और UAE जैसी शक्तियों का एकजुट होना सुरक्षा और आर्थिक विकास दोनों के लिए बेहतर संकेत है. दोनों देशों की मीडिया मशीनरी के प्रमुखों द्वारा एक साथ जारी यह संदेश स्पष्ट रूप से राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर मेल-मिलाप का प्रयास है. X पर वायरल हुए इन पोस्टों ने न सिर्फ जनता का ध्यान खींचा है, बल्कि क्षेत्रीय मीडिया और विश्लेषकों को भी नई बहस की दिशा दी है. 

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