यूपी में TGT-PGT भर्ती के नियमों में हुआ बदलाव, एग्जाम सिलेबस भी हुआ चेंज

Published on 25 जुल॰ 2026

यूपी में TGT-PGT भर्ती के नियमों में हुआ बदलाव, एग्जाम सिलेबस भी हुआ चेंज

यूपी में TGT-PGT भर्ती के नियमों में हुआ बदलावImage Credit source: Godong/Universal Images Group via Getty Images)

उत्तर प्रदेश सरकार ने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) और पीजीटी (स्नातकोत्तर शिक्षक) भर्ती प्रक्रिया में अहम बदलाव किए हैं. नई व्यवस्था के तहत कुछ विषयों की योग्यता में संशोधन किया गया है और परीक्षा का सिलेबस भी बदला गया है. सबसे बड़ा बदलाव टीजीटी भर्ती में बायोलॉजी विषय को फिर से शामिल करना है. वहीं, पीजीटी के कुछ विषयों के लिए अब विषय-विशेष में पोस्टग्रेजुएट डिग्री अनिवार्य कर दी गई है. सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और स्कूलों में विषय सब्जेक्ट एक्सपर्ट की नियुक्ति सुनिश्चित करना है.

टीजीटी भर्ती में बायोलॉजी विषय की वापसी

उत्तर प्रदेश सरकार ने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में होने वाली टीजीटी भर्ती के लिए नए नियम लागू किए हैं. विशेष सचिव कृष्ण कुमार गुप्ता की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब टीजीटी भर्ती में बायोलॉजी को दोबारा विषय के रूप में शामिल किया गया है. यह व्यवस्था राज्य के 4,512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों पर लागू होगी. इससे बायोलॉजी विषय से पढ़ाई करने वाले अभ्यर्थियों को फिर से आवेदन का अवसर मिलेगा. सरकार का मानना है कि इससे साइंस एजुकेशन को और बेहतर बनाया जा सकेगा.

पीजीटी के लिए विषय विशेष योग्यता अनिवार्य

नई व्यवस्था के तहत पीजीटी भर्ती के कुछ पदों के लिए एलिजिबिलिटी नियम पहले से ज्यादा स्पष्ट और सख्त किए गए हैं. अब पीजीटी भूगोल पद के लिए उम्मीदवार के पास भूगोल विषय में ही पोस्टग्रेजुएट डिग्री होना जरूरी होगा. इसी तरह नागरिक शास्त्र (लेक्चरर) पद के लिए केवल पॉलिटिकल में पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले अभ्यर्थी ही आवेदन कर सकेंगे. अन्य विषयों के लिए पहले से लागू योग्यता नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

नया सिलेबस और संशोधित नियम हुए लागू

राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद संशोधित नियमों को औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है. माध्यमिक शिक्षा निदेशक और माध्यमिक शिक्षा परिषद के अध्यक्ष सहित सभी संबंधित अधिकारियों को नए निर्देश भेज दिए गए हैं. हाईस्कूल स्तर पर साइंस और जीव विज्ञान शिक्षकों के लिए अलग-अलग श्रेणियां तय की गई हैं और उनके लिए अलग एलिजिबिलिटी मानदंड निर्धारित किए गए हैं. नए दिशानिर्देश पहले जारी आदेशों का स्थान लेंगे. सरकार का कहना है कि इन बदलावों से भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी, योग्य सब्जेक्ट एक्सपर्ट शिक्षकों का चयन होगा और शिक्षा की क्वालिटी में सुधार आएगा.

सपना यादव

सपना यादव

दिल्ली में जन्मीं सपना यादव TV9 भारतवर्ष डिजिटल में बतौर असिस्‍टेंट प्रड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों से ज्‍यादा के अनुभव के साथ काम जारी है. ह्यूमन इंटरेस्ट, राजनीति, वर्ल्ड, एजुकेशन, नॉलेज, करंट अफेयर्स से जुड़ी खबरों में खास दिलचस्पी रखती हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA Hons. हिस्ट्री की पढ़ाई करने के बाद उन्‍होंने पत्रकारिता को लक्ष्‍य बनाया, फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा इन टीवी जर्नलिज्म किया, जामिया से ही हिस्ट्री में मास्टर्स भी किया और फिर इसके बाद गुरु जम्बेश्वर साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. मास कम्‍यूनिकेशन में पत्रकारिता की डिग्री लेने के बाद जमीनी स्तर पर खबरों के महत्व को समझा. इसके बाद उन्‍होंने बतौर ट्रेनी TV9 भारतवर्ष डिजिटल में एक साल तक काम किया. ट्रेनी के दौरान अलग-अलग तरह की खबरों का अनुभव लेने के बाद TV9 भारतवर्ष डिजिटल में असिस्‍टेंट प्रड्यूसर के पद पर काम शुरू किया. यहां पर एंकरिंग, वॉइस ओवर, वीडियो प्रोडक्शन, न्यूज राइटिंग जैसे काम किए. इस समय वह एजुकेशन डेस्क पर कार्यरत हैं और स्टूडेंट्स के लिए करियर से जुड़े विकल्पों, बोर्ड परीक्षाओं, नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं और यूनिवर्सिटीज की महत्वपूर्ण जानकारियों को कवर कर रही हैं. सपना यादव को ट्रेवल करना, लिखना- पढ़ना पसंद है और वो प्रकृति को करीब से महसूस करना ज्यादा पसंद करती हैं. पत्रकारिता में सफर अभी जारी है.

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