बख्शेंगे नहीं...GTA करप्शन पर सीएम सख्त, नेपाल ट्रैजेडी पर भी बोले शुभेंदु अधिकारी

Published on 8 सित॰ 2026

Sep 08, 2026 04:50 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान, सिलीगुड़ी

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खराब मौसम के कारण कालिमपोंग जाते समय शुभेंदु को सिलीगुड़ी लौटना पड़ा। इसके बाद हुई ऑनलाइन बैठक में उन्होंने कहा कि हम जीटीए घोटाले की पूरी जांच करेंगे। 

West Bengal Chief Minister Suvendu Adhikari

शुभेंदु अधिकारी ने भ्रष्टाचार पर दिखाई है सख्ती।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि नेपाल त्रासदी के बाद नाजुक हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र के चर्चा में आने के बीच उनकी सरकार पहाड़ी इलाकों के लोगों को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए हर संभव कोशिश करेगी। राज्य सरकार के सचिवालय की यहां स्थित शाखा ‘उत्तरकन्या’ में हुई एक प्रशासनिक बैठक में उन्होंने यह बातें कहीं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) में भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

खराब मौसम के कारण कालिमपोंग जाते समय शुभेंदु को सिलीगुड़ी लौटना पड़ा। इसके बाद हुई ऑनलाइन बैठक में उन्होंने कहा कि हम जीटीए घोटाले की पूरी जांच करेंगे। लूटा गया पैसा वापस लाया जाएगा और इसमें संलिप्त लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा। शुभेंदु ने कहा कि नेपाल त्रासदी के बाद, बंगाल सरकार की प्राथमिकता पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा करना है। हम पहाड़ी इलाकों के विकास के लिए हर संभव कोशिश करेंगे।

शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस शासन के दौरान विभिन्न विभागों और एजेंसियों में संस्थागत भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए एक-सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया है। कलकत्ता हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज बिस्वजीत बसु की अध्यक्षता वाला आयोग कई क्षेत्रों से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करेगा। इन क्षेत्रों में शिक्षा, खाद्य और आपूर्ति, आपदा राहत, नगर पालिका और पंचायत निकाय, आवास, मत्स्य पालन, उद्योग, लोक निर्माण, भूमि प्रशासन और जीटीए शामिल हैं।

मुख्यमंत्री के कलिमपोंग दौरे का उद्देश्य इलाके में आपदा से निपटने की तैयारियों और प्रशासन की प्रतिक्रिया व्यवस्था की समीक्षा करना था। उनके साथ राज्य के पर्यटन मंत्री शंकर घोष और जल संसाधन मंत्री निशिथ प्रमाणिक भी मौजूद थे। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर के टूटने से 26 अगस्त को नेपाल में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे भारी तबाही हुई।