Tewolde Gebremariam कौन हैं? Air India ने क्यों चुना अपना नया CEO? क्या एयरलाइंस को हादसों से उभार पाएंगे?

Published on 5 अग॰ 2026

Time Published: Wednesday, August 5, 2026, 21:21 [IST]

Air India New CEO Tewolde Gebremariam: करीब एक साल से हादसों की शिकार टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने बुधवार (5 अगस्त) को बड़ा ऐलान किया। एयर इंडिया ने वैश्विक विमानन जगत के अनुभवी उद्योगपति टेवोल्डे गेब्रेमारियम (Tewolde Gebremariam) को कंपनी का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) नियुक्त किया है।

गेब्रेमारियम अब कैंपबेल विल्सन की जगह लेंगे, जिन्होंने एयर इंडिया के निजीकरण के बाद उसके पुनर्गठन और एकीकरण की प्रक्रिया का नेतृत्व किया था। यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब एयर इंडिया पिछले कुछ समय से चुनौतियों, सुरक्षा संबंधी सवालों और ब्रांड की विश्वसनीयता को लेकर चर्चा में रही है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या टेवोल्डे गेब्रेमारियम अपने लंबे अनुभव के दम पर एयर इंडिया को नई ऊंचाइयों तक ले जा पाएंगे?

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क्यों अहम है यह नियुक्ति?

एयर इंडिया ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि कंपनी अब 'स्टेबिलाइजेशन फेज' यानी शुरुआती सुधार के दौर से आगे बढ़कर विकास और विस्तार (Growth Phase) के अगले चरण में प्रवेश कर रही है। एयरलाइन के बोर्ड ने वैश्विक स्तर पर कई उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया। इस प्रक्रिया में आंतरिक और बाहरी दोनों तरह के दावेदार शामिल थे। आखिरकार बोर्ड ने टेवोल्डे गेब्रेमारियम को चुना, क्योंकि उनके पास बड़े पैमाने पर एयरलाइन परिवर्तन, सुरक्षा, परिचालन उत्कृष्टता (Operational Excellence), ग्राहक सेवा और लाभप्रद विस्तार का सिद्ध अनुभव है।

Who Is Tewolde Gebremariam: कौन हैं टेवोल्डे गेब्रेमारियम?

टेवोल्डे गेब्रेमारियम को एविएशन इंडस्ट्री के सबसे सफल चीफ एग्जीक्यूटिव्स में से एक माना जाता है। उन्होंने इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप के CEO के तौर पर एक दशक से ज्यादा समय बिताया, जहां उन्होंने ग्लोबल एविएशन में सबसे बड़े बदलावों में से एक का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल के दौरान, इथियोपियन एयरलाइंस एक रीजनल कैरियर से बढ़कर अफ्रीका की सबसे बड़ी, सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली और सबसे ज्यादा अवॉर्ड पाने वाली एयरलाइन ग्रुप बन गई।

एयर इंडिया के मुताबिक, उनके नेतृत्व में एयरलाइन का रेवेन्यू चार गुना से ज्यादा बढ़ा, जबकि उसके बेड़े (फ्लीट) का आकार लगभग तीन गुना हो गया। उन्होंने ग्लोबल रूट नेटवर्क के विस्तार का नेतृत्व किया, बड़े हब ऑपरेशन्स विकसित किए और वर्ल्ड-क्लास मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) तथा एविएशन ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया। गेब्रेमारियम ने अदीस अबाबा यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है। बाद में उन्होंने ओपन यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) की डिग्री हासिल की। ​​उन्हें 2019 में अदीस अबाबा यूनिवर्सिटी से मानद डॉक्टरेट भी मिली। उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, गेब्रेमारियम ने इथियोपियन एयरलाइंस में 36 साल से ज़्यादा समय तक काम किया। उन्होंने 2011 से 2022 तक ग्रुप CEO के तौर पर काम किया।

उनके कार्यकाल में क्या-क्या बदलाव हुए?

टेवोल्डे गेब्रेमारियम के नेतृत्व में Ethiopian Airlines ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं।

  • एयरलाइन का राजस्व (Revenue) चार गुना से अधिक बढ़ा।
  • कंपनी का विमान बेड़ा (Fleet) लगभग तीन गुना हो गया।
  • अफ्रीका, एशिया, यूरोप और अमेरिका तक नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ।
  • अदीस अबाबा को एक मजबूत वैश्विक एविएशन हब के रूप में विकसित किया गया।
  • एयरलाइन ने विश्वस्तरीय मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (MRO) सुविधाएं विकसित कीं।
  • पायलट, इंजीनियर और केबिन क्रू के लिए आधुनिक प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किए।
  • एयरलाइन लगातार कई वर्षों तक लाभ में रही, जबकि वैश्विक विमानन उद्योग कई संकटों से गुजर रहा था।

एयर इंडिया ने उन्हीं पर भरोसा क्यों जताया?

टाटा समूह की योजना केवल एयर इंडिया को एक भारतीय एयरलाइन बनाए रखने की नहीं, बल्कि उसे दुनिया की अग्रणी वैश्विक एयरलाइंस की श्रेणी में खड़ा करने की है। इसी लक्ष्य को देखते हुए कंपनी ऐसे नेतृत्व की तलाश में थी, जिसने पहले भी किसी एयरलाइन को वैश्विक स्तर पर सफल बनाया हो। एयर इंडिया का मानना है कि टेवोल्डे के पास...

  • लंबी दूरी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का विस्तार,
  • परिचालन विश्वसनीयता बढ़ाने,
  • सुरक्षा मानकों को मजबूत करने,
  • लागत नियंत्रण,
  • मुनाफे के साथ विकास,
  • कर्मचारियों के प्रशिक्षण,
  • और ग्राहक-केंद्रित संस्कृति विकसित करने का बेहतरीन अनुभव है।

क्या एयर इंडिया के सामने बड़ी चुनौतियां हैं?

टेवोल्डे ऐसे समय एयर इंडिया की कमान संभाल रहे हैं, जब कंपनी कई मोर्चों पर दबाव का सामना कर रही है। पिछले डेढ़ साल में एयर इंडिया को परिचालन देरी, तकनीकी खामियों, विमानों की उपलब्धता और सुरक्षा संबंधी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा एयरलाइन अपनी सबसे बड़ी विमान खरीद योजना, बेड़े के आधुनिकीकरण, कर्मचारियों के एकीकरण और सेवा गुणवत्ता सुधार जैसे बड़े बदलावों के दौर से भी गुजर रही है। यानी नए CEO को केवल कंपनी चलानी ही नहीं, बल्कि उसकी वैश्विक साख को और मजबूत भी करना होगा।

चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने क्या कहा?

टाटा संस और एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि कैंपबेल विल्सन के नेतृत्व में एयर इंडिया ने शुरुआती पुनर्गठन का कठिन चरण सफलतापूर्वक पूरा किया। अब कंपनी एक ऐसे दौर में प्रवेश कर रही है जहां बड़े स्तर पर योजनाओं को लागू करना और विस्तार करना सबसे महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि टेवोल्डे गेब्रेमारियम का रिकॉर्ड उन्हें इस भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त बनाता है। चंद्रशेखरन के मुताबिक, उनकी परिचालन विशेषज्ञता, सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और वैश्विक हब विकसित करने का अनुभव एयर इंडिया को विश्वस्तरीय एयरलाइन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।