
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव.
केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के साथ ही देश को बड़ी सौगात दी है. ग्वालियर में देश के पहले Telecom Manufacturing Zone (TMZ) की स्थापना के लिए राज्य सरकार और केंद्र के बीच (MoU) पर गुरुवार को साइन हुए. इस दौरान केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव मौजूद रहे. सिंधिया के प्रयासों और मुख्यमंत्री के सहयोग से ग्वालियर को यह ऐतिहासिक सौगात मिली है.
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने इस मौके पर कहा कि ग्वालियर में देश के पहले Telecom Manufacturing Zone की स्थापना मध्य प्रदेश और देश दोनों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है. यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया एवं विकसित भारत2047 के संकल्प को नई गति प्रदान करेगी. इसके साथ ही देश को वैश्विक दूरसंचार विनिर्माण के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी.मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास और आत्मनिर्भरता के पथ पर बढ़ रहा है. यह TMZ उसी दूरदर्शी नेतृत्व और विकासोन्मुखी सोच का सशक्त प्रतीक है.
350 एकड़ में बनेगा Telecom Manufacturing Zone
सिंधिया ने बताया कि हमें टेलीकॉम के क्षेत्र में सेवा प्रदाता से उत्पादक बनने की ओर बढ़ना होगा. उत्पादक बनने के लिए हमारे पास स्वदेशी ईकोसिस्टम होना जरूरी है. यह टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन उसी दिशा में बड़ी उपलब्धि है. दूरसंचार विभाग की इस परियोजना को ग्वालियर में लगभग 350 एकड़ क्षेत्र में अत्याधुनिक Plug-and-Play मॉडल पर विकसित किया जाएगा.
उन्होंने बताया कि परियोजना के पहले चरण के बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए केंद्र सरकार ने ₹500 करोड़ की वित्तीय सहायता मंजूर की है. देश के पहले Telecom Manufacturing Zone में दूरसंचार विनिर्माण के लिए वर्ल्ड-क्लास इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा.
बता दें कि इस इंटीग्रेटेड परिसर में मोबाइल फोन, नेटवर्क उपकरण, फाइबर ऑप्टिक्स, सेमीकंडक्टर, 5G एवं 6G तकनीकों की रिसर्च, विकास और मैन्युफैक्चरिंग की एडवांस सुविधाएं विकसित की जाएंगी. रिसर्च से लेकर डिजाइन, टेस्ट और प्रोडक्शन तक की सब कुछ एक ही परिसर में मौजूद होने से देश के दूरसंचार क्षेत्र को नई गति और वैश्विक पहचान मिलेगी.
₹35000 हजार करोड़ तक का निवेश
सिंधिया ने कहा कि इस परियोजना से मध्य प्रदेश में ₹35 हजार करोड़ तक के कुल निवेश का अनुमान है. इससे 14 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर सृजित होंगे. अकेले पहले चरण में ही डिक्सन टेक्नोलॉजीज, एचएफसीएल और तेजस नेटवर्क जैसी अग्रणी कंपनियों द्वारा लगभग ₹2 हजार करोड़ का निवेश किया जा रहा है. परियोजना के प्रभावी संचालन एवं क्रियान्वयन के लिए मध्य प्रदेश शासन की 51 प्रतिशत और दूरसंचार विभाग की 49 प्रतिशत भागीदारी के साथ एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) का गठन किया जाएगा.

प्रशांत द्विवेदी
प्रशांत कुमार द्विवेदी ने साल 2017 में अमर उजाला कानपुर से करियर की शुरुआत की. अगस्त 2019 से अक्टूबर 2021 तक अमर उजाला जम्मू कश्मीर में काम किया. इसके बाद एक साल अमर उजाला नोएडा में काम करने का मौका मिला. साल 2022 में आज तक डिजिटल में बतौर चीफ सब एडिटर ज्वाइन किया. सीएसजेएमयू कानपुर से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल कर चुके प्रशांत सुरक्षा, कश्मीर मामले, क्राइम और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम करते हैं. वर्तमान में TV9 डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. नौकरी के अलावा खेल-कूद और किताबें पढ़ने में दिलचस्पी है. विशेष रूप से फिलासफी. इसके साथ ही ट्रेवलिंग पसंद है, खासतौर पर माउंटेन एरियाज में समय बिताना बहुत पसंद है. इन सबके बीच गांव, बेजुबानों और बुजुर्गों से विशेष लगाव रखते हैं.
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