उज्जैन में स्वाइन फ्लू से 75 वर्षीय महिला की मौत हो गई। जिले में एक महीने में 14 मरीज मिले हैं, जिनमें दो की मौत हुई और 12 स्वस्थ हो चुके हैं। मृतका के परिवार और आसपास के 57 लोगों के सर्वे में किसी में संक्रमण के लक्षण नहीं मिले।
उज्जैन में स्वाइन फ्लू से 75 वर्षीय महिला की मौत
- Published: 14 Sep 2026, 02:21 PM IST
- Last Updated: 14 Sep 2026, 02:48 PM IST
उज्जैन: मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में स्वाइन फ्लू से एक और महिला की मौत हो गई है। अलखनंदा नगर निवासी 75 वर्षीय महिला ने 11 सितंबर की रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जिले में पिछले एक महीने में स्वाइन फ्लू के 14 मरीज सामने आए हैं। इनमें से दो की मौत हो चुकी है, जबकि 12 मरीज स्वस्थ हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, फिलहाल जिले में स्वाइन फ्लू का कोई सक्रिय मरीज नहीं है।
1 सितंबर को अस्पताल में कराया था भर्ती
सीएमएचओ डॉ. अशोक पटेल के अनुसार, महिला की तबीयत खराब होने पर 1 सितंबर को इंदौर रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार नहीं होने पर स्वाइन फ्लू की जांच कराई गई। सैंपल आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई।
इसके बाद महिला को अवंति अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कर उपचार दिया गया। संक्रमण की पुष्टि होने पर उन्हें आइसोलेशन वार्ड में रखा गया। हालांकि, इलाज के दौरान 11 सितंबर की रात करीब पौने 12 बजे उनकी मौत हो गई।
परिवार और आसपास के 57 लोगों का सर्वे
महिला के संपर्क में आए लोगों में संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच और सर्वे कराया। मृतका के परिवार के चार सदस्य घर पर उनके संपर्क में थे। इसके अलावा 1 से 11 सितंबर के बीच अस्पताल में भी परिवार के सदस्य उनसे मिलने पहुंचे थे।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिवार और आसपास के 14 घरों में रहने वाले कुल 57 लोगों का सर्वे किया। राहत की बात यह रही कि किसी में भी स्वाइन फ्लू या सर्दी, खांसी और बुखार जैसे लक्षण नहीं मिले।
विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर जांच कराने की सलाह दी है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
डॉ कात्यायन मिश्र,MBBBS, MD (स्किन ) उज्जैन
19 अगस्त को भी हुई थी एक महिला की मौत
उज्जैन में स्वाइन फ्लू से यह दूसरी मौत है। इससे पहले 19 अगस्त को ऋषिनगर निवासी एक महिला की संक्रमण के कारण मौत हुई थी। उनकी हालत गंभीर होने पर उज्जैन से इंदौर रेफर किया गया था, जहां निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक महीने में जिले में मिले 14 संक्रमित मरीजों में से 12 स्वस्थ हो चुके हैं। दो मरीजों की मौत हुई है। फिलहाल कोई सक्रिय मरीज नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग की अपील: सर्दी, खांसी, बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न करें और चिकित्सकीय सलाह लें।