Stock Market Update: सेंसेक्स-निफ्टी में उतार-चढ़ाव, कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता; निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर

Published on 27 अक्टू॰ 2026

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, वैश्विक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर फैसले से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। सोमवार को शानदार रिकवरी के बाद मंगलवार को बाजार की तेजी पर दबाव दिखाई दिया।

 सेंसेक्स और निफ्टी का हाल

रॉयटर्स की 27 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स 0.16% गिरकर 73,497.28 अंक पर और निफ्टी 50 करीब 0.06% नीचे 22,738.55 अंक पर था। वहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला। ये आंकड़े रिपोर्ट के समय के हैं, अंतिम क्लोजिंग स्तर नहीं।इससे पहले सोमवार, 26 अक्टूबर को बाजार में खरीदारी लौटने से सेंसेक्स 482.92 अंक यानी 0.66% चढ़कर 73,606.75 पर बंद हुआ था। निफ्टी 50 में 153.20 अंक यानी 0.68% की बढ़त दर्ज की गई और यह 22,753.20 अंक पर बंद हुआ था। चार कारोबारी सत्रों की लगातार गिरावट के बाद बाजार में यह सुधार आया था।

कच्चे तेल की कीमतों पर नजर

बाजार के लिए कच्चे तेल की ऊंची कीमतें चिंता का विषय बनी हुई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ब्रेंट क्रूड करीब 115 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर था। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, इसलिए तेल महंगा होने से आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव पड़ सकता है।इसके अलावा, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंकाओं ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।

आईटी शेयरों में कमजोरी, कुछ कंपनियों में तेजी

मंगलवार के कारोबार में आईटी शेयरों पर दबाव रहा। रॉयटर्स के मुताबिक, आईटी इंडेक्स 1.8% नीचे था और इन्फोसिस के शेयरों में 2.8% की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के वित्त वर्ष 2027 के राजस्व वृद्धि अनुमान में कटौती की खबर का भी शेयर पर असर पड़ा।इसके उलट, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के शेयरों में मजबूत तिमाही नतीजों के बाद 5.9% की तेजी दर्ज की गई। सोना बीएलडब्ल्यू के शेयर भी बेहतर राजस्व और कमाई के बाद 6.3% चढ़े।

निवेशकों के लिए आगे क्या अहम रहेगा?

इस सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर घोषणा बाजार की दिशा के लिए अहम होगी। निवेशक कंपनियों के तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक घटनाक्रम पर भी नजर रखेंगे। इन कारकों से बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।बाजार में निवेश करने वालों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए। किसी शेयर को खरीदने या बेचने से पहले कंपनी के नतीजों, जोखिम और अपनी निवेश अवधि का आकलन करना जरूरी है।