Sky Bus: केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने स्काई बस टेक्नीक का एक कॉन्सेप्ट वीडियो शेयर किया है। ये जमीन से ऊपर बने ट्रैक पर चलने वाले ऑटोमैटिक इलेक्ट्रिक पॉड पर बेस्ड ट्रैफिक सिस्टम है। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने इसे बढ़ते ट्रैफिक और शहरी परिवहन की समस्याओं के बीच एक संभावित ऑप्शन बताया है।
हवा में उडनेवाली बस.. (Skybus), यह सिर्फ एक नई Transport Technology नहीं…
यह उस 🇮🇳 भारत की कल्पना है,
जहां Innovation का उद्देश्य सिर्फ गति नहीं, बल्कि जनसेवा, सुविधा और बेहतर भविष्य है।नई सोच।
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) October 1, 2026
नई तकनीक।
नई ऊँचाई।
और गतिशील 🇮🇳भारत का भविष्य - SKY BUS#SKYBUS#Transport… pic.twitter.com/RqSGmlk6nr
जमीन से ऊपर चलेगा अलग ट्रैक
स्काई बस (Sky Bus) में वाहन सड़क पर चलने के बजाय ऊपर बने ट्रैक पर चलते हैं। इसके लिए सड़क के ऊपर अलग परिवहन कॉरिडोर तैयार किया जाता है, जिससे जमीन का कम इस्तेमाल करते हुए यात्रियों और सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने की योजना है।
मंत्री गडकरी ने शारजाह में ली टेस्ट राइड
मंत्री नितिन गडकरी संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह में uSky के टेस्ट एंड सर्टिफिकेशन सेंटर पहुंचे थे। वहां उन्होंने इस टेक्नीक को करीब से देखा और स्काई बस की टेस्ट राइड ली थी। uSky के मुताबिक यहां वाहन जमीन से ऊपर बने एलिवेटेड रेल सिस्टम पर चलते हैं।
ट्रैफिक कम करने का ऑप्शन
स्काई बस का टारगेट उन शहरों में अलग रास्ता तैयार करना है, जहां सड़क पर ट्रैफिक बहुत ज्यादा है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे और नागपुर जैसे बड़े शहरों में इस तरह की टेक्नीक को संभावित ऑप्शन के तौर पर देखा जा रहा है।
सुरक्षा और लागत भी जरूरी
मंत्री गडकरी ने स्काई बस को लेकर लागत और सुरक्षा को भी अहम बताया है। उनका कहना है कि नई तकनीक का मकसद सिर्फ रफ्तार बढ़ाना नहीं, बल्कि लोगों के लिए बेहतर और सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था तैयार करना भी है।
भारत में कब शुरू होगी स्काई बस ?
फिलहाल भारत में स्काई बस को नियमित सार्वजनिक परिवहन सेवा के तौर पर शुरू करने की कोई तय समय सीमा सामने नहीं आई है। अभी इसे नई परिवहन तकनीक और उसके संभावित इस्तेमाल के तौर पर देखा जा रहा है।
'उड़ने वाली बस' पर उड़ाया गया था मजाक
मंत्री गडकरी पहले भी हवा में चलने वाली बस का जिक्र कर चुके हैं। 30 सितंबर 2026 को एक कार्यक्रम में उन्होंने ऐसी बस शुरू करने की इच्छा जताई थी। इससे पहले जुलाई में लखनऊ के एक कार्यक्रम में भी उन्होंने इस तरह की ट्रांसपोर्ट सिस्टम की बात कही थी। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस बात का मजाक उड़ाया था।
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