री-नीट धांधली मामले में SKMCH के दो मेडिकल छात्रों को EOU का नोटिस, कॉल रिकॉर्ड और बैंक खातों पर पैनी नजर - Haribhoomi

Published on 26 जुल॰ 2026

री-नीट धांधली और सॉल्वर गैंग मामले में ईओयू की जांच एसकेएमसीएच तक पहुंच गई है। दो मेडिकल छात्रों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

Re-NEET irregularities, EOU notice, SKMCH medical students

Re-NEET irregularities

  • Published: 26 Jul 2026, 05:53 PM IST
  • Last Updated: 26 Jul 2026, 05:53 PM IST

Re-NEET irregularities: डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए मेडिकल कॉलेज में दाखिले के वास्ते 21 जून को आयोजित री-नीट परीक्षा में हुई धांधली और सॉल्वर गैंग से साठगांठ का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की जांच अब मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच (SKMCH) तक पहुंच चुकी है।

जांच के सिलसिले में शनिवार को ईओयू की टीम ने दो मेडिकल छात्रों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है। गौर करने वाली बात यह है कि 2 मई को आयोजित नीट परीक्षा में पेपर लीक के ठोस सबूत मिलने के बाद उसे रद्द कर दिया गया था।

संदिग्ध मोबाइल नंबरों से खुला राज
जांच के दौरान संदिग्ध मोबाइल नंबरों की पड़ताल के आधार पर ईओयू की टीम सीधे मेडिकल कॉलेज पहुंची और दोनों छात्रों के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई। हालांकि, छापेमारी के वक्त दोनों छात्र मौके पर नहीं मिले, जिसके बाद टीम वहां से वापस लौट आई।

आशंका जताई जा रही है कि इन दोनों छात्रों के तार री-नीट धांधली में सक्रिय रूप से शामिल सॉल्वर गैंग से जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां दोनों छात्रों के कॉल रिकॉर्ड्स और वित्तीय लेन-देन की गहराई से छानबीन कर रही हैं।

लखीसराय में हुआ था बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा
पेपर लीक की घटना के बाद जब 21 जून को री-नीट का आयोजन किया गया था, तब लखीसराय जिले में एक बहुत बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ था। परीक्षा के दौरान असली अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देते हुए कुल नौ फर्जी परीक्षार्थियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था।

इस बड़ी कार्रवाई के बाद पुलिस ने कुल 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें 9 फर्जी परीक्षार्थी, 1 मूल अभ्यर्थी, 2 सहयोगी और 18 बायोमेट्रिक कर्मी शामिल थे। इस सनसनीखेज मामले के खुलासे के बाद पूरे प्रकरण की कमान ईओयू ने अपने हाथों में ले ली है।

बैंक खातों की जांच और सॉल्वर गैंग की तलाश
इस पूरे मामले में गिरफ्तार किए गए अर्पित और विवेक समेत अन्य आरोपियों के बैंक खातों की सघन जांच की जा रही है ताकि गिरोह के वित्तीय नेटवर्क को समझा जा सके। बैंक खातों के जरिए ईओयू इस अंतरराज्यीय गिरोह के अन्य शातिरों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।

जांच एजेंसी को इस बात की तलाश है कि छात्रों को सॉल्वर गैंग से जोड़ने वाली मुख्य कड़ी कौन है। इस कड़ी को तलाशने के क्रम में अब देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई करने वाले कई अन्य छात्र भी जांच के आधिकारिक दायरे में आ गए हैं। टीम इनके नाम और पतों का सत्यापन कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

सॉल्वर गैंग के 11 आरोपियों ने दाखिल की जमानत अर्जी
दूसरी ओर, री-नीट परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले सॉल्वर गैंग के फरार मास्टरमाइंड रविशंकर उर्फ सम्राट सिंह समेत तीन लोगों ने लखीसराय जिला एवं प्रधान न्यायाधीश की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की है।

इसके अलावा, लखीसराय में गिरफ्तार किए गए मुजफ्फरपुर के विवेक कुमार और अर्पित कुमार समेत कुल 11 आरोपियों ने स्थाई जमानत याचिका दायर की है। इस पूरे मामले पर आगामी 27 और 29 जुलाई को अदालत में सुनवाई होगी।

देश के 8 मेडिकल कॉलेजों के छात्र बने सॉल्वर
पुलिस की अभी तक की तफ्तीश में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि पेपर लीक के बाद आयोजित री-नीट परीक्षा में देश के कुल 8 अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों के विद्यार्थियों ने सॉल्वर के रूप में शामिल होकर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया था।

इस सॉल्वर गैंग में न्यू जलपाईगुड़ी मेडिकल कॉलेज, एएन मगध मेडिकल कॉलेज गया, पावापुरी बीएमआईएमएस, पीएमसीएच पटना, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज सतना (मध्य प्रदेश), एम्स रायबरेली, यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस (नई दिल्ली), गवर्नमेंट आयुर्वेदिक कॉलेज (ओडिशा) और पटना एनएमसीएच के छात्र-छात्राएं शामिल हैं। पूरे मामले का मास्टरमाइंड पावापुरी बीएमआईएमएस कॉलेज के एमबीबीएस 2022 बैच का छात्र रविशंकर उर्फ सम्राट सिंह बताया जा रहा है।

लखीसराय से हुई थी धड़ल्ले से गिरफ्तारियां
पुलिस ने इस बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए लखीसराय से कई सॉल्वरों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों में मुजफ्फरपुर निवासी और एएन मगध मेडिकल कॉलेज के छात्र विवेक कुमार व अर्पित कुमार भी प्रमुख रूप से शामिल हैं।

इनके अलावा अदिति कुमारी, हिमांशु कुमार, रोशन कुमार, पूनम कुमारी, मयंक कश्यप, अमलेश कुमार, जितेंद्र कुमार, चंचला कुमारी और आर्यन कुमार ने भी अदालत में जमानत के लिए औपचारिक आवेदन दिया है। पुलिस और ईओयू इन सभी के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए लगातार दबिश बना रही है।