Ranchi News : Cockroach Janta Party (CJP) ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है. रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन ने कहा कि CEC 48 घंटे के भीतर इस्तीफा दें, अन्यथा झारखंड समेत देशभर में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा.


प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के रांची लोकसभा प्रभारी व झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता ईशान कुमार झा और कोर सदस्य मोहिन खान ने चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दे उठाए.
संगठन ने दावा किया कि इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में पिछले 10 महीनों के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त की ओर से दो अन्य चुनाव आयुक्तों, मिस्टर संधू और मिस्टर जोशी, द्वारा दर्ज की गई 14 आपत्तियों को दरकिनार कर नियमों में ढील दिए जाने की बात सामने आई है. CJP ने इसे मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए CEC के इस्तीफे के साथ आपराधिक कार्रवाई की मांग की.
CJP ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने अथवा पुरानी मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया बहाल करने की मांग की. संगठन ने 2023 में पारित चुनाव संबंधी कानून को वापस लेने की भी मांग की.
CJP का दावा है कि इस कानून के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों को सिविल और क्रिमिनल कार्रवाई से छूट का प्रावधान किया गया है.संगठन ने कहा कि यदि 48 घंटे के भीतर उसकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो झारखंड समेत अन्य राज्यों में जंतर-मंतर की तर्ज पर जमीनी स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा.
शिक्षा से चुनावी अधिकार तक अभियान
ईशान कुमार झा ने कहा कि CJP ने अपने अभियान की शुरुआत शिक्षा से जुड़े मुद्दों से की थी. संगठन की ओर से 'आदिवासी स्कूल ठीक करो आंदोलन' चलाया जा रहा है. उन्होंने पाकुड़ जिले के प्राथमिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाने का उल्लेख किया. उनके अनुसार, इसके बाद झारखंड सरकार के एक शिक्षा अधिकारी की ओर से संगठन के सदस्यों के स्कूलों में प्रवेश पर रोक से संबंधित नोटिफिकेशन जारी किया गया था.
उन्होंने कहा कि संगठन खुद को गैर-राजनीतिक दबाव समूह के रूप में देखता है और किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं है. संगठन की ओर से शिक्षा, मतदान के अधिकार और नागरिकों के अन्य बुनियादी अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अभियान जारी रखने की बात कही गई.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान CJP प्रतिनिधियों ने पश्चिम बंगाल, दिल्ली, बिहार और केरल के मतदाता आंकड़ों का भी उल्लेख किया. संगठन ने चुनाव से पहले बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाने और जोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं.
CJP ने चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को लेकर उठाए जा रहे सवालों के समाधान के लिए कार्रवाई की मांग की. संगठन ने यह भी कहा कि झारखंड में विभिन्न आंदोलनों में शामिल छात्रों और युवाओं को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में वह काम कर रहा है.