Published: Thursday, September 24, 2026, 17:34 [IST]
वेब सीरीज: शक ट्रस्ट नो वन (Shak Trust No One)
स्टारकास्ट: परिणीति चोपड़ा, अनूप सोनी, जेनिफर विंगेट
डायरेक्टर: रेंजिल डिसिल्वा
ओटीटी प्लेटफॉर्म: नेटफ्लिक्स (Netflix)
एपिसोड: 7
रेटिंग: 2 (**)
Shaque Trust No One Review: एक मां के लिए इससे बड़ा दर्द शायद ही कुछ हो सकता है कि उसकी नवजात बच्ची अचानक उससे छिन जाए और सालों बाद भी उसका कोई सुराग न मिले। वक्त गुजरता रहता है लेकिन मां का इंतजार खत्म नहीं होता। इसी भावनात्मक दर्द और रहस्य को केंद्र में रखकर बनी है वेब सीरीज 'शक ट्रस्ट नो वन'।
सस्पेंस बढ़ाने की कोशिश में फींका हुआ इमोशन
इस सीरीज के जरिए परिणीति चोपड़ा ने ओटीटी की वेब सीरीज की दुनिया में कदम रखा है। कहानी का मूल विचार काफी मजबूत है और शुरुआती एपिसोड दर्शकों को बांधने में भी कामयाब होते हैं लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, सस्पेंस बढ़ाने की कोशिश में इतने सारे ट्विस्ट और ट्रैक जोड़ दिए जाते हैं कि मूल कहानी का भावनात्मक असर कमजोर पड़ने लगता है।
क्या है 'शक ट्रस्ट नो वन' की कहानी?
-वेब सीरीज की कहानी हिमाचल प्रदेश के शिमला में रहने वाली अन्विता की है, जिसका किरदार परिणीति चोपड़ा ने निभाया है। अन्विता की नवजात बेटी अपेक्षा अस्पताल से अचानक गायब हो जाती है। बच्ची के गायब होने के बाद अन्विता की पूरी जिंदगी जैसे उसी तलाश के इर्द-गिर्द सिमट जाती है।
-अन्विता को भरोसा है कि उसकी बेटी जिंदा है और किसी दिन उसके पास वापस जरूर आएगी। उसका ये विश्वास तब और मजबूत हो जाता है, जब कथित किडनैपर बच्ची के जन्मदिन पर उसकी तस्वीर भेजता है। ये सिलसिला कई साल तक चलता रहता है।
-समय बीतने के साथ अन्विता के आसपास के लोग उसके दावे पर सवाल उठाने लगते हैं। उसका पति आलोक, दोस्त श्रेया, सास और यहां तक कि आसपास के लोग भी उसे मानसिक रूप से परेशान या भ्रम में रहने वाली महिला समझने लगते हैं। इस पूरे मामले में पुलिस इंस्पेक्टर खुराना यानी अनूप सोनी का किरदार, अन्विता की बात को समझने और सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश करता है।
-फिर अन्विता की जिंदगी में एक नया मोड़ आता है। उसके पड़ोस में साक्षी माथुर अपने पति और बेटी रिया के साथ रहने आती है। रिया को देखते ही अन्विता को लगता है कि यही उसकी सालों पहले खोई हुई बेटी अपेक्षा है। क्या अन्विता का शक सच है या वह अपनी भावनाओं और भ्रम के बीच फंस चुकी है? यही सवाल पूरी सीरीज की कहानी को आगे बढ़ाता है।
ट्रेलर में दिखा था रहस्य का खेल
वेब सीरीज का ट्रेलर ही इस बात का संकेत दे देता है कि यहां सिर्फ मां-बेटी की कहानी नहीं मिलने वाली बल्कि इसके साथ कई रहस्यमयी परतें भी जुड़ी हैं। ट्रेलर में परिणीति चोपड़ा का किरदार अपनी बेटी की तलाश में लगातार बेचैन नजर आता है जबकि जेनिफर विंगेट का किरदार कहानी में एक नया रहस्य लेकर आता है।
कैसी है फिल्म की कहानी और निर्देशन
-रेंजिल डिसिल्वा और सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा की क्रिएटिव टीम से जुड़ी ये सीरीज बचपन में परिवार से अलग होने के बाद सालों बाद अपनी बेटी से दोबारा मिलने की चर्चित वास्तविक कहानी से प्रेरित बताई गई है। इसका मूल विचार निश्चित तौर पर दिलचस्प है और इसमें एक मजबूत इमोशनल ड्रामा बनने की क्षमता थी। शुरुआत में वेब सीरीज इसी दिशा में आगे बढ़ती है और अन्विता की बेचैनी दर्शकों को महसूस होती है लेकिन बाद में कहानी में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर, तंत्र-मंत्र, हैलुसिनेशन और सरोगेसी जैसे कई ट्रैक शामिल कर दिए जाते हैं।
-नतीजा ये होता है कि कहानी लगातार नए मोड़ तो लेती है लेकिन इन ट्विस्ट की अधिकता मूल भावनात्मक कहानी पर भारी पड़ने लगती है। दर्शक ये सोचने में ज्यादा उलझ जाता है कि आखिर अगला रहस्य क्या है जबकि अन्विता के दर्द और उसकी बेटी को पाने की चाह से भावनात्मक जुड़ाव धीरे-धीरे कमजोर होता जाता है।
सीरीज की दमदार स्टारकास्ट और उनकी एक्टिंग
-किरदारों की बात करें तो परिणीति चोपड़ा, जेनिफर विंगेट और अनूप सोनी को छोड़कर बाकी किरदारों को उतनी गहराई नहीं मिल पाती, जितनी इस कहानी को जरूरत थी। परिणीति चोपड़ा ने अन्विता के किरदार में मां की बेचैनी, उम्मीद और मानसिक रूप से टूटने की स्थिति को अच्छी तरह पर्दे पर उतारा है। खासकर बेटी की तलाश में उनकी घबराहट और भावनात्मक संघर्ष कई जगह असर छोड़ता है। हालांकि कुछ हिस्सों में उनके एक्सप्रेशन एक जैसे महसूस होने लगते हैं।
-अनूप सोनी इस सीरीज के सबसे मजबूत पक्षों में से एक हैं। संवेदनशील और मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश करने वाले पुलिस इंस्पेक्टर के किरदार में वह सहज और प्रभावी नजर आते हैं। वहीं जेनिफर विंगेट एक बार फिर अपने अभिनय से चौंकाती हैं। उनके किरदार में मौजूद रहस्य और उतार-चढ़ाव कहानी को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
-ताहिर राज भसीन, हरलीन सेठी, सोनी राजदान, सुमित व्यास और ध्रुव चौधरी ने भी अपने-अपने किरदारों के साथ न्याय किया है लेकिन कमजोर कैरेक्टर डेवलपमेंट की वजह से उनके किरदार दर्शकों के मन में गहरी छाप छोड़ने में पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाते।
सीरीज का तकनीकी पक्ष
शिमला की ठंडी वादियां और सीरीज का विजुअल ट्रीटमेंट कहानी के रहस्यमयी माहौल को मजबूत करते हैं। बैकग्राउंड स्कोर भी कई जगह तनाव और सस्पेंस को बढ़ाने का काम करता है। लोकेशन और सिनेमैटिक ट्रीटमेंट सीरीज के मूड के अनुरूप हैं। फिर भी सिर्फ तकनीकी पक्ष कहानी की कमजोर होती पकड़ की भरपाई नहीं कर पाता।
वेब सीरीज देखें या नहीं?
अगर आपको रहस्य, पारिवारिक ड्रामा और मनोवैज्ञानिक उलझनों वाली कहानियां पसंद हैं तो 'शक ट्रस्ट नो वन' को एक मौका दिया जा सकता है। खासकर परिणीति चोपड़ा और जेनिफर विंगेट की परफॉर्मेंस के लिए ये वेब सीरीज देखी जा सकती है। हालांकि अगर आप एक ऐसी कहानी की उम्मीद कर रहे हैं जो मां और बेटी के रिश्ते के भावनात्मक पहलू को गहराई से छुए तो कई सारे ट्विस्ट और सब-प्लॉट आपको थोड़ा निराश कर सकते हैं।