Shabana Azmi On Religion: हां, मैं मुसलमान हूं...शबाना आजमी बोलीं- जावेद साब को इंशाअल्लाह-माशाअल्लाह से भी दिक्कत

Published on 18 अक्टू॰ 2026

Shabana Azmi On Religion: हां, मैं मुसलमान हूं…शबाना आजमी बोलीं- जावेद साब को इंशाअल्लाह-माशाअल्लाह से भी दिक्कत

शबाना आजमी और जावेद अख्तरImage Credit source: पीटीआई

Shabana Azmi On Religion: सारी दुनिया जानती है कि हिंदी सिनेमा के मशहूर लेखक जावेद अख्तर धर्म के विरोध में रहते हैं. वो खुद को एक कट्टर नास्तिक मानते हैं. लेकिन शबाना आजमी का धर्म के मामले में अलग सोचना है. उनका एक इंटरव्यू सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि हां, मैं मुसलमान हूं. मुझे ईद, गरारा, उर्दू ज़बान, खाना, ये सब पसंद है. उन्होंने कहा कि धर्म निजी मामला है और राज्य को इसमें दखल नहीं देना चाहिए.

शबाना आजमी ने कुछ दिनों पहले IIMUN (Indias International Movement to Unite Nations) के यूट्यूब को एक इंटरव्यू दिया. इस दौरान उनसे धर्म को लेकर भी बात की गई. इस पर उन्होंने बताया कि उनके पिता नास्तिक थे और मां कुछ हद तक धर्म का पालन किया करती थीं. उन्होंने ये भी बताया कि उनके इंशाअल्लाह और माशाअल्लाह कहने पर भी जावेद अख्तर भड़क जाते हैं. मगर शबाना का मानना है कि अगर किसी को धर्म का पालन करने से शांति मिलती है तो उसे ऐसा करने देना चाहिए.

शबाना आजमी बताती हैं, “मेरे पिता नास्तिक थे. मेरी मां थोड़ा बहुत फोलो करती थीं (धर्म), लेकिन गंभीरता से नहीं. मेरा मतलब है कि जब हम सफर पर जाते थे तो वो इमाम-जामिन (ताबीज) बांधती थीं और कुछ चीजें पढ़ती थीं और कुछ चीजें उनकी थीं. जैसे कि माशाल्लाह और इंशाल्लाह हम लोग बोलते हैं, जिसपर जावेद साब कहते हैं, तुम ये क्यों कहते रहते हो? मान लो कोई कहे कि प्रभु जी की मर्जी तो आपको कैसा लगेगा. मैंने कहा कि ये कुछ ऐसा है जो हमारी जुबान पर है.”

शबाना आजमी बताती हैं, “मैंने कभी उत्सुकता नहीं दिखाई धर्म के बारे में, लेकिन बात ये है कि आप जानते हैं, जावेद एक बहुत कट्टर नास्तिक हैं. मैं कहती हूं कि आप इसे अपने गले में क्यों पहनते हैं? अगर कोई ऐसा है, जिसे धर्म का पालन करने से कुछ शांति मिलती है तो करने दो. उन्हें क्यों ठेस पहुंचाना? वो कहते हैं क्योंकि वो मुझे ठेस पहुंचाते हैं. क्या मुझे अधिकार नहीं है एक नास्तिक के रूप में इससे आहत होने का? तो वो एक चक्कर है दोनों का.”

ईश्वर के कॉन्सेप्ट पर क्या बोलीं शबाना आजमी?

ईश्वर के बारे में बात करते हुए शबाना आजमी कहती हैं, “ईश्वर का जो कांसेप्ट है, ये कुछ ऐसा नहीं है, जिससे मैं कभी दो-चार नहीं हुई हूं, सिवाय इसके कि मुझे लगता है कि ये वास्तव में एक निजी मामला है. राज्य को इसमें शामिल नहीं होना चाहिए. ये एक निजी मामला है और अगर आपको पूजा करके अच्छा लगता है और आपको कोई शांति मिलती है तो मुझे कोई समस्या नहीं है इससे.”

“हां, मैं मुसलमान हूं”

इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि आपने कहा कि आप सांस्कृतिक मुस्लिम हैं लेकिन प्रैक्टिसिंग नहीं तो क्या इसमें इंशाअल्लाह-माशाअल्लाह कहने की इजाजत मिल जाती है? क्या ये सही है? तो शबाना आजमी कहती हैं, “पक्के वाले (नास्तिक) कहेंगे कि इसकी भी मंजूरी नहीं है. लेकिन ये तो मेरी जुबान पर है. हां, मैं मुसलमान हूं. मुझे ईद, गरारा, उर्दू ज़बान, खाना, ये सब पसंद है. लेकिन नमाज़ नहीं पढ़ते हैं हम लोग और धर्म से इस तरह का कोई वास्ता नहीं है.”

मोहम्मद आसिफ

मोहम्मद आसिफ

मोहम्मद आसिफ टीवी9 हिंदी डॉट कॉम में नवंबर 2022 से एंटरटेनमेंट सेक्शन के हेड के तौर पर अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं. वो एंटरटेनमेंट जगत से जुड़ी हलचल पर पैनी नजर रखते हैं. सिनेमा और सितारों में आसिफ खास दिलचस्पी रखते हैं. आसिफ को नई नई वेब सीरीज और फिल्में देखना काफी पसंद है. टीवी9 हिंदी डॉट कॉम से पहले आसिफ एबीपी न्यूज़ की हिंदी वेबसाइट में एबीपी लाइव डॉट कॉम में काम कर रहे थे. एबीपी लाइव डॉट कॉम में आसिफ ने करीब साढ़े 6 साल तक काम किया है. साल 2016 में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट आसिफ ने एबीपी न्यूज की वेबसाइट से ही अपने करियर की शुरुआत की थी. एबीपी में आसिफ ने एंटरटेनमेंट सेक्शन संभाला. इसके अलावा वहां होम पेज और स्पोर्ट्स सेक्शन में भी उन्होंने काम किया. आसिफ ने दिल्ली के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है. इससे पहले उन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से मास मीडिया में ग्रैजुएशन की डिग्री हासिल की. आसिफ ने स्कूल की पढ़ाई भी देश की राजधानी दिल्ली से ही की है. उन्हें को क्रिकेट खेलना, ओटीटी पर कंटेंट देखना, परिवार और दोस्तों के साथ वक्त बिताना पसंद है.

Read More

google button