अडानी ग्रुप को SEBI ने दी बड़ी राहत! 1.50 करोड़ रुपये की पेनल्टी पर हुआ 5 कंपनियों का केस सेटल

Published on 23 सित॰ 2026

By Oneindia Staff

Time Published: Wednesday, September 23, 2026, 8:01 [IST]

Adani Group Investigation Case: शेयर बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने अदाणी ग्रुप की पांच कंपनियों के खिलाफ चल रही एडजुडिकेशन कार्यवाही को सेटल कर दिया है। यह मामला संबंधित पक्षों के बीच हुए कुछ लेनदेन की जानकारी शेयर बाजार में सही तरीके से नहीं देने और ऑडिट रिपोर्ट से जुड़े नियमों के कथित उल्लंघन से जुड़ा था।

सेबी के सेटलमेंट ऑर्डर के मुताबिक, पांचों कंपनियों ने मिलकर कुल 1.50 करोड़ रुपये सेटलमेंट अमाउंट के तौर पर दिए हैं। यह मामला हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद सेबी की ओर से की गई जांच से जुड़ा था। जांच में लिस्टिंग नियमों और उस समय लागू पुराने लिस्टिंग एग्रीमेंट से जुड़े संभावित उल्लंघनों को भी देखा गया था।

Adani Group Investigation Case

अदानी ग्रुप की इन कंपनियों का मामला

सेबी के आदेश के अनुसार, इस मामले में अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड, अदानी टोटल गैस लिमिटेड, AWL एग्री बिजनेस लिमिटेड, अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड शामिल हैं। AWL एग्री बिजनेस का पुराना नाम अदाणी विलमर लिमिटेड था, जबकि अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस को पहले अदाणी ट्रांसमिशन लिमिटेड के नाम से जाना जाता था।

किस कंपनी ने कितनी रकम दी?

सेटलमेंट के तहत कंपनियों ने अलग-अलग रकम जमा की। इसमें अदाणी एंटरप्राइजेज की रकम सबसे ज्यादा रही।

  • अदाणी एंटरप्राइजेज: 76.05 लाख रुपये
  • अदाणी ग्रीन एनर्जी: 45.50 लाख रुपये
  • अदाणी टोटल गैस: 9.75 लाख रुपये
  • AWL एग्री बिजनेस: 9.75 लाख रुपये
  • अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस: 9.75 लाख रुपये

पांचों कंपनियों की रकम मिलाकर कुल 1.50 करोड़ रुपये हुई।

हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद हुई थी जांच

सेबी की यह कार्यवाही हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद शुरू हुई जांच से संबंधित थी। रिपोर्ट में अदाणी ग्रुप को लेकर कॉरपोरेट गवर्नेंस समेत कई मुद्दे उठाए गए थे। इसके बाद सेबी ने इनसे जुड़े मामलों की जांच की। सेटलमेंट ऑर्डर के मुताबिक, जांच में कुछ संबंधित पक्षों के बीच हुए लेनदेन की जानकारी सार्वजनिक नहीं किए जाने के आरोप भी शामिल थे।

ऑडिट रिपोर्ट को लेकर भी मामला

मामले का एक हिस्सा ऑडिट और लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट से भी जुड़ा था। सेबी के अनुसार, कुछ रिपोर्ट ऐसी ऑडिट फर्मों ने साइन की थीं, जिनके पास उस समय वैध पीयर रिव्यू सर्टिफिकेट नहीं था। सेबी के आदेश में इन मामलों को भी कथित नियम उल्लंघन के तौर पर शामिल किया गया था। तय शर्तों के तहत रकम जमा होने के बाद पांचों कंपनियों से जुड़ी संबंधित एडजुडिकेशन कार्यवाही को सेटल कर दिया गया है।

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