SEBI का नया नॉमिनेशन नियम: 1 सितंबर से पहले ये काम नहीं किया तो अटक सकता है आपका निवेश
Published: Friday, August 28, 2026, 15:45 [IST]
SEBI का नया नॉमिनेशन नियम 1 सितंबर 2026 से लागू होने जा रहा है, जो खासतौर पर सिंगल-होल्डर डिमैट अकाउंट और म्यूचुअल फंड फोलियो के लिए लाया गया है। अगर आप नया अकाउंट खोलने की सोच रहे हैं या हाल ही में खोला है, तो ऑनबोर्डिंग में किसी भी तरह की देरी से बचने के लिए इसी वीकेंड आधार ई-साइन या टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करके नॉमिनी जरूर जोड़ लें या फिर औपचारिक रूप से 'ऑप्ट-आउट' का विकल्प चुनें।
आखिर किसे तुरंत कदम उठाने की जरूरत है? 1 सितंबर से नए डिमैट या म्यूचुअल फंड फोलियो खोलने वाले सिंगल खाताधारकों के लिए यह अनिवार्य होगा। वहीं, जॉइंट होल्डर्स के लिए नॉमिनेशन का विकल्प ऐच्छिक रखा गया है, हालांकि किसी भी बदलाव के लिए सभी जॉइंट खाताधारकों की मंजूरी जरूरी होगी। मौजूदा निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि कंपनियां उन्हें याद जरूर दिलाएंगी, लेकिन नॉमिनेशन जमा न करने पर भी अकाउंट फ्रीज नहीं किए जाएंगे। SEBI के 2024 वाले 'ईज ऑफ डूइंग इन्वेस्टमेंट्स' सर्कुलर में दी गई यह राहत आगे भी बरकरार रखी गई है।

इसे पूरा करने के तीन आसान तरीके हैं: 1) ज़ेरोधा, अपस्टॉक्स या ग्रो जैसे ब्रोकर ऐप्स: प्रोफाइल या अकाउंट पर जाएं → नॉमिनेशन चुनें → नॉमिनी जोड़ें और फिर आधार ई-साइन या ओटीपी दर्ज करें। ज़ेरोधा पर यह बदलाव आमतौर पर 24 से 48 वर्किंग घंटों में दिखने लगता है। 2) NSDL डिमैट: NSDL के नॉमिनेशन पेज पर लॉगिन करें, विवरण भरें और आधार के जरिए ई-साइन करें। 3) म्यूचुअल फंड: AMC पोर्टल्स, CAMS/myCAMS, KFintech या MF Central का इस्तेमाल करके स्क्रीन पर मिलने वाले डिक्लेरेशन के जरिए नॉमिनी जोड़ें, बदलें या ऑप्ट-आउट करें।
SEBI नॉमिनेशन रूल: CDSL/NSDL/KRA और प्रोसेसिंग टाइम
आपके स्टेटमेंट में अब नॉमिनी का नाम या फिर 'Yes/No' फ्लैग दिखना जरूरी है। हर बदलाव पर आपको एक कन्फर्मेशन मिलेगा। जब तक आप नॉमिनी जोड़ नहीं लेते या ऑप्ट-आउट नहीं चुनते, प्लेटफॉर्म्स आपको समय-समय पर रिमाइंडर भेजते रहेंगे। ध्यान दें कि KRA सिर्फ KYC डेटा रखता है, नॉमिनेशन की जानकारी नहीं, इसलिए वहां 'नॉमिनी' का विकल्प नहीं मिलेगा। ऐप पर अपडेट होने में आमतौर पर 24 से 48 घंटे लगते हैं, जबकि पोर्टल पर प्रक्रिया पूरी होते ही तुरंत कन्फर्मेशन मिल जाती है।
FD बनाम इक्विटी: 5, 10 और 15 साल का रिटर्न
| अवधि | FD दर (अनुमानित 6.75% वार्षिक) | निफ्टी 50 TR (ऐतिहासिक) |
|---|---|---|
| 5 साल | 6.75% | औसत (मीडियन) 13.3% CAGR |
| 10 साल | 6.75% | औसत (मीडियन) 14.3% CAGR |
| 15 साल | 6.75% | ट्रेलिंग 15.63% CAGR |
FD आंकड़े RBI के डेटा पर आधारित हैं; निफ्टी के आंकड़े NSE के व्हाइटपेपर से लिए गए हैं और 15 साल का ट्रेलिंग CAGR 2024 के अपडेट के मुताबिक है।
अगर आप इस वीकेंड प्रक्रिया पूरी करने से चूक गए हैं? 1 सितंबर या उसके बाद खुलने वाले नए सिंगल-होल्डर अकाउंट्स को एक्टिवेट करने से पहले आपसे नॉमिनेट या ऑप्ट-आउट करने को कहा जाएगा। इसे ऐप के जरिए आधार ई-साइन या ओटीपी का इस्तेमाल करके कुछ ही मिनटों में पूरा किया जा सकता है। अगर नॉमिनी नाबालिग है, तो उसकी जन्मतिथि और अभिभावक का विवरण देना होगा। वैकल्पिक पहचान के तौर पर आधार के आखिरी चार अंक या पैन नंबर दिए जा सकते हैं। एनआरआई (NRI) निवेशक भी मान्य पहचान पत्र के साथ इसी प्रक्रिया का पालन कर सकते हैं।
Story first published: Friday, August 28, 2026, 15:45 [IST]
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