
सावन में रुद्राभिषेक है जरूरीImage Credit source: PTI
Why Rudrabhishek in Sawan: कल यानी 30 जुलाई से सावन का पवित्र माह शुरू हो रहा है. ये माह 28 अगस्त को सावन माह की पूर्णिमा तक रहेगा. सावन का माह शिव जी की अराधना का होता है. इस माह महादेव की विभिन्न तरीकों से पूजा की जाती है. घर और मंदिर में शिवलिंग का जलाभिषेक किया जाता है. शिव पुराण का पाठ किया जाता है. शिव जी के मंत्रों का जाप किया जाता है. रुद्राभिषेक किया जाता है.
सावन में रुद्राभिषेक का विशेष महत्व माना गया है. ये बहुत ही फलदायी होता है. रुद्राभिषेक सिर्फ शिवलिंग पर जल अर्पित करने की वजह से खास नहीं होता, बल्कि इसमें ‘रुद्र’ के वैदिक मंत्रों के साथ भगवान शिव का अभिषेक किया जाता है. यही रुद्राभिषेक कहा जाता है. सावन में रुद्राभिषेक करने से विशेष फायदा होता है. सावन और रुद्राभिषेक में संबंध है, तो आइए जानते हैं कि सावन में ही क्यों रुद्राभिषेक किया जाता है?
सावन में रुद्राभिषेक क्यों है जरूरी?
सावन में भगवान शिव की आराधना करना अत्यंत फलदायी मानी जाती है. विष्णु जी के शयन के बाद सावन में भोलेनाथ के रुद्र अवतार सारे कार्यभार को संभालते हैं. मान्यता है की सावन के दौरान रुद्राभिषेक करने से शिव जी जल्दी प्रसन्न होते हैं और जीवन की सभी मनोकामनाओं को पूरा करते हैं. रुद्राभिषेक के दौरान दौरान भगवान रुद्र का वैदिक मंत्रों, विशेषकर श्रीरुद्रम के साथ अभिषेक किया जाता है. इसी वजह से ये विशेष माना जाता है.
सावन में रुद्राभिषेक कराने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है. इस दौरान वैदिक मंत्रों के उच्चारण और पूजा-विधि से मन को शांति और साधना में एकाग्रता आती है. भगवान शिव की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है. रुद्राभिषेक को भोलेनाथ के प्रति समर्पण और आत्मिक शुद्धि भी माना गया है.
रुद्राभिषेक का महत्व
शिव पुराण और स्कंद पुराण में बताया गया है कि सावन का महीना शिव जी के पूजन के लिए अति विशेष होता है. इस समय शिव जी की उपासना बहुत पुण्यदायी साबित होती है. यही कारण है कि सावन के रुद्राभिषेक का महत्व और फल अधिक बढ़ जाता है. यही कारण है की सावन में रुद्राभिषेक करवाने की परंपरा प्राचीन काल से ही चली आ रही है.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

वरुण कुमार
वरुण कुमार पिछले पांच वर्षों से पत्रकारिता जगत का हिस्सा हैं. साल 2021 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद प्रभासाक्षी न्यूज वेबसाइट से पत्रकारिता की शुरुआत की और फिर एबीपी न्यूज का हिस्सा बने. अब TV9 डिजिटल की धर्म टीम के साथ काम कर रहे हैं.
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