तनाव के बीच अरामको को रिकॉर्ड मुनाफा! जानिए Saudi ने होर्मुज बंद होने पर क्या चाल चली| Navbharat Live

Published on 5 अग॰ 2026

Updated On: Aug 05, 2026 | 04:56 PM IST

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सार

Saudi Aramco Profit: होर्मुज स्ट्रेट संकट के बीच सऊदी अरामको मुनाफा दूसरी तिमाही में 33% बढ़कर 33.4 अरब डॉलर हो गया है। कंपनी ने अपनी पाइपलाइन के जरिए तेल की सप्लाई को सुचारू रखा और लाभ कमाया।

Saudi Aramco Profit: Saudi Aramco Profit Soars 33% in Q2 Amid Strait of Hormuz Crisis

सऊदी अरामको को रिकॉर्ड मुनाफा (सोर्स- सोशल मीडिया)

विस्तार

Saudi Aramco Profit Soars 33% In Q2 Amid Strait Of Hormuz Crisis: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी भीषण जंग के कारण दुनिया भर के ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मची हुई है। इस वैश्विक भू-राजनीतिक संकट और होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई बाधित रहने के बावजूद सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी ने बंपर कमाई की है। कंपनी ने दूसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन करते हुए दुनिया को चौंका दिया है।

सऊदी अरब की दिग्गज सरकारी तेल कंपनी की एडजस्टेड नेट इनकम सालाना आधार पर 33 प्रतिशत बढ़कर 33.4 अरब डॉलर पहुंच गई है। पिछले साल इसी समान अवधि में यह कमाई केवल 25.2 अरब डॉलर दर्ज की गई थी। इसके अलावा कंपनी का रिपोर्टेड नेट प्रॉफिट भी 44 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी के साथ 32.69 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर रहा है।

होर्मुज स्ट्रेट को किया बाईपास

वैश्विक बाजार में होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई बाधित होने से तेल उत्पादों की कीमतों में भारी उछाल आया है। सऊदी अरब ने इस संकट से निपटने के लिए अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का इस्तेमाल किया है। यह पाइपलाइन पूर्वी क्षेत्रों को लाल सागर तट के यनबू बंदरगाह से जोड़कर तेल निर्यात सुरक्षित रखती है।

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कंपनी ने इस वैकल्पिक ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन नेटवर्क की अधिकतम क्षमता को बढ़ाकर 70 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंचा दिया था। इस बेहतरीन रणनीति की बदौलत होर्मुज संकट होने के बाद भी तेल निर्यात बिना किसी रुकावट के जारी रहा। अरामको ने अपनी इस विशेष टैक्टिक्स के दम पर संकटकाल को भी भारी मुनाफे में बदल दिया।

विविध एसेट्स और मजबूत नेटवर्क

अरामको के CEO अमीन नासिर ने अपनी रणनीतिक निर्यात व्यवस्था को बहुत महत्वपूर्ण बताया है। उनके अनुसार कंपनी के विविध एसेट्स, विशाल स्टोरेज क्षमता और वैकल्पिक पाइपलाइन नेटवर्क ने युद्ध काल में भी कारोबार सुचारू रखा, जबकि होर्मुज बंद होने से पड़ोसी देशों को भारी नुकसान हुआ।

होर्मुज के जरिए ऊर्जा निर्यात पर निर्भर पड़ोसी देशों को अपने शिपमेंट में भारी कटौती या रुकावट का सामना करना पड़ रहा है। इसके विपरीत सऊदी अरब अपनी वैकल्पिक व्यवस्था और पश्चिमी तट के मजबूत एक्सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर सप्लाई दे रहा है। इस बेहतरीन तैयारी ने सऊदी को अन्य देशों के मुकाबले काफी बढ़त प्रदान की है।

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भविष्य के लिए कंपनी की चेतावनी

सऊदी अरब ने इस संकट के बीच मजबूत प्रदर्शन तो किया है, लेकिन कंपनी ने वैश्विक बाजार को लेकर एक बड़ी चेतावनी भी जारी की है। अरामको के अनुसार, यदि होर्मुज स्ट्रेट तुरंत खुल भी जाता है, तो भी वैश्विक तेल भंडार को वापस सामान्य स्तर पर लाने में लंबा समय लग सकता है। इसलिए आने वाले समय में बाजार में दबाव बना रहेगा।

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