Sagar Cash Recovery: प्रदेश का पहला मामला! जब FIR बाद में, पहले पकड़ा करोड़ों का कैश, एक अलमारी के बिल से ऐसे खुला PWD के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर की अवैध संपत्ति का राज

Published on 22 अग॰ 2026

Sagar Cash Recovery : सागर में PWD के रिटायर्ड सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर रमेश अहिरवार से जुड़े मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आय से अधिक संपत्ति की FIR दर्ज होने से पहले ही पुलिस ने 3 करोड़ 2 लाख 14 हजार 500 रुपये की नकदी बरामद कर ली। रकम चार ट्रॉली बैग और एक मिड बैग में 500-500 रुपए के नोटों के रूप में अलमारी के अंदर रखी मिली। पुलिस के अनुसार, नोटों की गिनती में करीब 5 से 6 घंटे लगे और कुल 60,429 नोट मिले।

मामला सागर के तिली तिराहा स्थित एक घर का है। पुलिस यहां सोशल मीडिया पर बंदूक के साथ फोटो पोस्ट करने वाले सौरभ अहिरवार के घर हथियार की तलाश में पहुंची थी। तलाशी के दौरान एक अलमारी में रखे बैगों पर पुलिस की नजर गई। बैग खोलने पर बड़ी मात्रा में नकदी मिली।

FIR से पहले ही करोड़ों की नकदी बरामद

इस मामले की खास बात यह है कि लोकायुक्त पुलिस ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में PWD के रिटायर्ड सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर रमेश अहिरवार, उनकी पत्नी और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की है। लेकिन FIR दर्ज होने से पहले ही जांच के दौरान 3.02 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हो चुकी थी। अब लोकायुक्त यह पता लगाने में जुटी है कि रमेश अहिरवार ने नौकरी के दौरान कितनी संपत्ति अर्जित की और बरामद रकम का वास्तविक मालिक कौन है।

पत्नी के नाम खरीदी गई थी अलमारी!

जांच के दौरान पुलिस को अलमारी के ब्रांड के आधार पर उसके रिकॉर्ड तक पहुंचने की कोशिश की गई। टीम कटरा पहुंची, जहां 2025 का रिकॉर्ड खंगालने पर एक अलमारी की खरीद का बिल मिला। यह बिल रमेश अहिरवार की पत्नी के नाम पर बताया जा रहा है। जांच एजेंसी को शक है कि बरामद कैश रखने के लिए ही यह अलमारी खरीदी गई थी। हालांकि, अलमारी और रकम के बीच संबंध की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

सौरभ का दावा- अहिरवार ने घर पर रखवाई थी अलमारी

पूछताछ में सौरभ ने पुलिस को बताया कि करीब 8-10 महीने पहले रमेश अहिरवार सागर आए थे। उनके मुताबिक, अहिरवार एक अलमारी खरीदकर उसके घर पर रखवाकर गए थे। साथ में चार ट्रॉली बैग और एक मिड बैग भी दिया था। सौरभ का कहना है कि अहिरवार ने बताया था कि बैगों में जरूरी दस्तावेज हैं और इन्हें नहीं खोलना है। इसके बाद अलमारी में ताला लगा दिया गया और अहिरवार भोपाल लौट गए।

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अहिरवार ने रकम और अलमारी से किया इनकार

वहीं, रमेश अहिरवार ने खुद पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि सौरभ उनका दूर का रिश्तेदार है, लेकिन उन्होंने उसे कोई अलमारी नहीं दी थी। बरामद 3.02 करोड़ रुपये भी उनके नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे।

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तीन एजेंसियां करेंगी करोड़ों की रकम की जांच

सागर पुलिस ने मामले की विस्तृत रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेज दी है। जब्त रकम और पूछताछ में सामने आए बयानों की जानकारी ईओडब्ल्यू, लोकायुक्त और इनकम टैक्स विभाग को भी भेजी गई है। अब इन एजेंसियों की जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि 3 करोड़ 2 लाख 14 हजार 500 रुपये आखिर किसके हैं, पैसा कहां से आया और इसे अलमारी में इतनी गोपनीयता से क्यों रखा गया था। लोकायुक्त अब रमेश अहिरवार की नौकरी के दौरान की आय और संपत्ति का पूरा रिकॉर्ड खंगालेगी। इसमें वेतन-भत्ते, जमीन, मकान, बैंक खाते, निवेश और अन्य वित्तीय संपत्तियों की जांच की जाएगी।

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