संसद परिसर में ही धड़ल्ले से Reels बनाते हैं सांसद, राहुल गांधी ने रील्स को बताया था- 21वीं सदी का नशा

Published on 10 अग॰ 2026

संसद परिसर में ही धड़ल्ले से Reels बनाते हैं सांसद, राहुल गांधी ने रील्स को बताया था- 21वीं सदी का नशा

रील्स के दीवाने देश के कई सांसद

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पिछले हफ्ते प्रयागराज में छात्रों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि युवाओं को रील्स देखने और बनाने में उलझाया जा रहा है. उन्होंने इसे 21वीं सदी का नशा करार दिया. भले ही कांग्रेस नेता यह कह रहे हों, बड़ी संख्या में युवा रील्स की दुनिया में उलझे हुए हैं, लेकिन सच्चाई यह भी है कि देश के कई बड़े और चर्चित नेता भी रील्स की इस रंगीली दुनिया से जुड़े हुए हैं और कई सांसद तो ऐसे भी हैं जो संसद भवन परिसर में ही रील बनाने लग जाते हैं.

संसद परिसर के अंदर सोशल मीडिया पर रील्स बनाने या वीडियो बनाने की वजह से कई सांसद जनता और मीडिया के बीच चर्चा का केंद्र बन जाते हैं. इस तरह की चीजों से संसद की मर्यादा और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति को लेकर बहस भी होती रही है. खास बात यह है कि संसद परिसर में रील्स बनाने वालों में सिर्फ विपक्ष के सांसद ही नहीं हैं बल्कि कई विपक्षी सांसद भी शामिल हैं.

संसद परिसर में कई सांसद बनाते हैं रील्स

राहुल गांधी एक ओर रील्स को 21वीं सदी का नशा करार देते हैं तो दूसरी ओर, ऐसे सांसदों की संख्या बढ़ती जा रही है जो संसद परिसर में ही रील्स बनाने लग जाते हैं. जारी मानसून सत्र में ही कई सांसदों ने संसद परिसर में तैयार रील्स बनाए और सोशल मीडिया पर अपलोड किए.

पश्चिम बंगाल की चर्चित हस्तियों में शुमार की जाने वालीं नेशनल सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) की नेता, सांसद और अभिनेत्री सायनी घोष ने पिछले दिनों संसद परिसर में तैयार किया गया मॉनसून-थीम वाला इंस्टाग्राम पर एक रील शेयर किया था. रील्स में उन्होंने लिखा, “दूर तक छाये थे बादल और कहीं साया ना था, इस तरह बरसात का मौसम कभी आया ना था.” लंच ब्रेक के दौरान संसद परिसर में बारिश का मजा लेते हुए उन्हें एक रील में देखा जा सकता है.

संसद में हंगामा, बाहर सयानी की रील

पिछले महीने ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर एनसीपीआई में शामिल हुईं घोष ने यह पोस्ट इंस्टाग्राम पर ऐसे समय की थी जब संसद में कई मामलों पर गतिरोध चल रहा था. NEET पेपर लीक, परीक्षा में अन्य गड़बड़ियों के साथ-साथ अयोध्या में चंदा चोरी जैसे मसलों को लेकर हंगामा मचा हुआ था. संसद की कार्यवाही नहीं चल पा रही थी.

इंस्टा पर पोस्ट करते ही यह वीडियो वायरल हो गया. लेकिन सयानी घोष को अपने इस पोस्ट के लिए खासी आलोचना का सामना करना पड़ा. पोस्ट को लाखों व्यूज तो मिल गए, लेकिन यूजर्स की कड़ी आलोचना भी झेलनी पड़ी.

TMC की महुआ मोइत्रा ने भी बनाई रील

सयानी घोष की तरह पश्चिम बंगाल से आने वाली महुआ मोइत्रा भी सोशल मीडिया पर सक्रिय रहती हैं. पिछले हफ्ते उन्होंने संसद परिसर में संसदीय कार्यवाही से ब्रेक लेने के दौरान संसद परिसर में ही रील्स बनाए थे.

आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में आने वाले राघव चड्ढा भी सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं. वह भी उस लिस्ट में शामिल हैं जिन्होंने संसद परिसर में रील्स बनाए थे. तब उन्होंने अपने सहयोगी की मदद से रील्स तैयार किया था. तब भी वही सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था.

खुद राहुल गांधी की पार्टी के सांसद इमरान प्रतापगढ़ी भी इंस्टा पर अपने रील्स शेयर करते हैं. उन्होंने संसद के मानसून सत्र के दौरान संसद परिसर में तैयार किया गया रील शेयर किया था.

बीजेपी के गोरखपुर से सांसद और एक्टर रवि किशन भी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहे हैं और इंस्टा पर पोस्ट करते रहते हैं. उन्होंने भी संसद परिसर में तैयार किए गए रील्स शेयर किए हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या देश की संसद में आने वाले नेता भी रील्स के नशे के आदि हो गए हैं क्योंकि रील्स बनाने का क्रेज हर वर्ग के लोगों में बढ़ता ही जा रहा है?

सुरेन्द्र कुमार वर्मा

सुरेन्द्र कुमार वर्मा

पत्रकारिता जगत में पिछले डेढ़ दशक से भी लंबे समय से सक्रिय हूं. अखबारों की दुनिया से होते हुए मैं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आया. अभी टीवी9 भारतवर्ष के साथ जुड़ा हुआ हूं. शुरुआत हरिभूमि के साथ की. फिर दैनिक जागरण गया और इसके बाद जागरण.कॉम के जरिए डिजिटल की दुनिया में आया. यहां से मैं अमर उजाला की डिजिटल टीम के साथ जुड़ा रहा. फिर इंडिया टुडे ग्रुप से नाता जुड़ा. न्यूजफ्लिक्स में रहने के बाद आजतक डॉट इन में आया. इंडिया टुडे ग्रुप में 5 साल तक  रहने के बाद इसे अलविदा कहा. फिर अपना कारवां टीवी9 के साथ जुड़ गया. अभी टीवी9 के साथ पत्रकारिता के लिए अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मैं राजनीति, खेल और मनोरंजन समेत लगभग हर विधा में लिखता हूं. सोशल मीडिया पर 50-50 का नाता है. फेसबुक पर ज्यादा जाना नहीं हो पाता है, लेकिन पहले ट्विटर और अब X पर सक्रिय रहता हूं. परवरिश गोरखपुर में हुई, लेकिन कर्मस्थली अभी नोएडा बना हुआ है.

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