RCA चुनाव 29 सितंबर को: BCCI के 4 टूर्नामेंट 8-12 अक्टूबर तक शुरू होंगे, 3 दिन पहले टीमें पहुंचेंगीं; ड्रेस पर्चेजिंग, होटल-फ्लाइट बुकिंग कब होगी - Jaipur News

Published on 17 अग॰ 2026

जयपुर47 मिनट पहलेलेखक: संजीव गर्ग

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जब तक चुनाव नहीं होते क्रिकेट से जुड़े कामों के लिए प्रशासक को एक क्रिकेट कमेटी का गठन कर देना चाहिए या चुनाव प्री-पोन हों

जब राजस्थान का क्रिकेट पूरे शबाब पर होगा उस समय राजस्थान क्रिकेट संघ चुनावी जद्दोजहद में लगा होगा। बेशक राजस्थान की डोमेस्टिक क्रिकेट वापस शुरू करने की बात हो रही है और 20 सितंबर को रणजी के संभावित भी चुनने के लिए सीनियर सलेक्शन कमेटी की मीटिंग भी होगी लेकिन 29 सितंबर को यदि राजस्थान क्रिकेट संघ के चुनाव होंगे तो बीसीसीआई का जो सीजन अक्टूबर में शुरू होने जा रहा है उसकी तैयारियां आरसीए कैसे करेगा।

8 अक्टूबर से अंडर-19 वीनू मांकड़ ट्रॉफी, 9 अक्टूबर से गर्ल्स अंडर-19 क्रिकेट, 11 अक्टूबर से रणजी ट्रॉफी और 12 अक्टूबर से अंडर-23 सीके नायडू ट्रॉफी की शुरुआत हो जाएगी। ज्यादातर राज्यों में उपरोक्त टूर्नामेंट के लिए संभावित घोषित कर कैम्प भी शुरू कर दिए हैं।

कई राज्यों की टीमें दूसरे राज्यों में चल रहे बड़े टूर्नामेंट में भी अपनी टीमों को तैयारियों के लिए भेज चुकी हैं लेकिन राजस्थान में अभी तक क्रिकेट ठप पड़ा है। 29 सितंबर को आरसीए के चुनाव होंगे। 8-9-11-12 अक्टूबर से बीसीसीआई के चार टूर्नामेंट शुरू हो जाएंगे। इनमें हिस्सा लेने के लिए टीमों को कम से कम 3 दिन पहले भेजना पड़ता है। ऐसे में टीमों की ड्रेस की पर्चेजिंग, होटल बुकिंग, फ्लाइट आदि बुकिंग कौन कराएगा। इन टीमों के सपोर्ट स्टाफ के सलेक्शन कौन करेगा। टीमों के लिए फिटनेस वगैरह कैम्प अगर लगते हैं तो उनके लिए कोच आदि की नियुक्ति कौन करेगा। राजस्थान की क्रिकेट से जुड़े ये सारे सवाल राजस्थान की क्रिकेट को पीछे धकेल रहे हैं।

क्या है इनका समाधान? इन सवालों के दो ही समाधान हैं। या तो राजस्थान क्रिकेट संघ के चुनाव 29 सितंबर से पहले यानी अगस्त में या फिर सितंबर के पहले सप्ताह में हों ताकि नई चुनी हुई कार्यकारिणी को इन सभी तैयारियों के लिए कुछ समय मिले। या फिर प्रशासक को क्रिकेट कमेटी, पर्चेजिंग कमेटी का गठन कर देना चाहिए जो कि जब तक आरसीए के चुनाव नहीं हो जाते तब तक टेम्परेरी ये सारे काम देख सके।

स्टेट प्रीमियर लीग में भी हम पिछड़ रहे ज्यादा राज्यों में आईपीएल की तर्ज पर स्टेट प्रीमियर लीग हो रही हैं। ये राज्य अपने खिलाड़ियों को आईपीएल और बीसीसीआई के टी20 टूर्नामेंट की तैयारियों को अपने खिलाड़ियों को परखने का बेहतर मंच प्रदान कर रही है। इस समय उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब आदि राज्यों में राज्य क्रिकेट प्रीमियर लीग चल रही हैं और कई नए सितारे सामने आ रहे हैं।

राजस्थान इसमें भी पिछड़ा है। एक बार जब राजस्थान स्टेट प्रीमियर लीग हुई थी वह आज तक विवादों में ही है। खिलाड़ियों तक को उस लीग के पैसा आज तक नहीं मिले हैं। साफ है कि आरसीए में क्रिकेट कम विवाद ज्यादा होते हैं। यहां किसी ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो कि राजस्थान की क्रिकेट को पुन: पटरी पर ला सके और जिस तरह हम 2011-12 में रणजी चैम्पियन बने थे उस तरह हमारे खिलाड़ी एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करेंे और चैम्पियन बनें।

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