अलीगढ़: वर्ष 2018 के नोटिस दिखा सील किए 50 साल पुराने तीन होटल, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने जताया एतराज

Published on 1 अक्टू॰ 2026

एडीए ने बुधवार को गांधी पार्क और पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में नियम विरुद्ध निर्माण के आरोप में तीन होटलों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की। टीम ने 2018 में जारी नोटिस दिखाते हुए 50 साल पुराने पहलवान होटल, भगवान और वायसराय होटल पर सील लगा दी। कार्रवाई के दौरान होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज धीरज के होटल धीरज पैलेस पर भी टीम पहुंची, लेकिन दस्तावेज देखने के बाद वापस लौट गई। कार्रवाई के बाद होटल संचालकों और एसोसिएशन ने प्राधिकरण की कार्रवाई के आधार और प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। 



बुधवार दोपहर करीब 12:40 बजे एडीए की टीम गांधी पार्क पहुंची। टीम ने पहलवान होटल, भगवान होटल और वायसराय होटल में नियम विरुद्ध निर्माण का हवाला देते हुए सीलिंग की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान होटल संचालकों ने अपने-अपने दस्तावेज और नक्शे टीम के सामने प्रस्तुत किए।वायसराय होटल की संचालिका अंजलि शर्मा ने एडीए से स्वीकृत मानचित्र समेत अन्य दस्तावेज टीम को दिखाए। उनका कहना है कि दस्तावेज प्रस्तुत करने के बावजूद टीम ने सीलिंग की कार्रवाई कर दी। इसी तरह भगवान होटल के संचालक कमल अरोड़ा ने भी होटल का नक्शा और संबंधित दस्तावेज टीम को दिखाए।

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एडीए वीसी ने जांच कर सील खोलने का दिया आश्वासन


एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि कार्रवाई से पहले संगठन को इसकी जानकारी नहीं दी गई। होटल संचालकों को भी पूर्व सूचना नहीं दी गई। एसोसिएशन का कहना है कि जिन होटलों के पास स्वीकृत नक्शे और पुराने दस्तावेज मौजूद हैं, उनकी जांच कर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए थी। एसोसिएशन ने कार्रवाई के आधार और प्राधिकरण के रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाने की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष मानव महाजन ने 2018 के नोटिसों का हवाला देते हुए कहा कि इतने पुराने मामलों के आधार पर कार्रवाई करना उचित नहीं है।

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पदाधिकारियों ने एडीए उपाध्यक्ष के सामने सील किए गए होटलों के 50 वर्ष पुराने स्वीकृत नक्शे प्रस्तुत किए। इन नक्शों को संबंधित विभाग में जमा किए जाने से संबंधित फोटो कॉपी भी अधिकारियों को दी गई। एडीए उपाध्यक्ष ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कागजात विभाग में जमा कराने को कहा और सील हटाने का आश्वासन दिया।महामंत्री विवेक बगाई ने कहा कि यदि किसी प्रतिष्ठान के दस्तावेज या मानचित्र को लेकर कोई आपत्ति है, तो नियमानुसार जांच करने के साथ संबंधित व्यवसायी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए।