Ranchi News: स्कूल बचाओ अभियान से लेकर परीक्षा व्यवस्था तक SFI ने उठाए सवाल

Published on 24 अग॰ 2026

Ranchi News: SFI की संयुक्त सचिव ऐशी घोष ने सोमवार को सत्य भारती में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर झारखंड समेत देशभर की शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और छात्रों की समस्याओं को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि छात्रों के हालिया आंदोलनों से कुछ मुद्दों पर जीत मिली है, लेकिन केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से छात्रों की लड़ाई खत्म नहीं होगी. शिक्षा व्यवस्था में अभी भी कई गंभीर समस्याएं बनी हुई हैं.

ऐशी घोष ने बताया कि SFI आगामी 1 सितंबर से देशभर के साथ झारखंड में भी ‘स्कूल बचाओ’ अभियान शुरू करेगा. अभियान के तहत संगठन के प्रतिनिधि विभिन्न जिलों के स्कूलों का दौरा कर वहां की स्थिति का ऑडिट और सर्वे करेंगे. स्कूलों में सामने आने वाली समस्याओं की रिपोर्ट तैयार कर उसे झारखंड सरकार के समक्ष रखा जाएगा.

इसे भी पढ़ें - 

ACF और FRO नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने के आदेश पर रोक लगाने से हाईकोर्ट का इनकार
Ramgarh News: नेमरा से JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच ने निकाली सुधार यात्रा, ग्रामीणों ने की मोर्चाबंदी, बोले - अराजकता बर्दाश्त नहीं करेंगे

उन्होंने कहा कि छात्रों से बातचीत के दौरान अकादमिक सत्र में देरी की समस्या प्रमुखता से सामने आई है. चार साल में पूरी होने वाली अंडरग्रेजुएट डिग्री कई छात्रों को पांच साल तक में पूरी करनी पड़ रही है. इससे छात्रों के नौकरी के आवेदन और आगे की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. वहीं  झारखंड में स्कॉलरशिप समय पर नहीं मिलने को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई. उनके अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर छात्र वित्तीय सहायता के अभाव में पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं.

SFI ने छात्राओं और आदिवासी छात्रों के लिए हॉस्टल की कमी का मुद्दा भी उठाया. संगठन का कहना है कि दूर-दराज के जिलों से आने वाले छात्रों को दाखिला मिलने के बाद भी पर्याप्त आवास और छात्रवृत्ति की सुविधा नहीं मिलने से पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो रहा है.

परीक्षाओं के आयोजन में थर्ड-पार्टी एजेंसियों की भूमिका पर भी SFI ने सवाल उठाए. ऐशी घोष ने कहा कि ऐसी एजेंसियों को परीक्षा की जिम्मेदारी दी जा रही है, जिनके खिलाफ पहले से धांधली के मामले सामने आ चुके हैं और चार्जशीट तक दाखिल हो चुकी है. उन्होंने सवाल किया कि सरकार ऐसी एजेंसियों को परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी क्यों दे रही है.

SFI ने छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की भी निंदा की. संगठन ने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों को सरकार की नीतियों के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है. SFI ने झारखंड सरकार से छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत और संवाद के जरिए करने की अपील की.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.