Ranchi News : जिला एसडीओ कार्यालय की पार्किंग में वाहन खड़ा करने के लिए शुल्क तो लिया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है. बारिश होते ही पार्किंग के ग्राउंड फ्लोर में पानी जमा हो जाता है. वहीं, खराब पड़ी लाइटों के कारण पार्किंग से निकलने वाली सीढ़ियां और हॉल अंधेरे में डूब जाती हैं. ऐसे में लोगों को मोबाइल की टॉर्च जलाकर रास्ता तलाशना पड़ता है. जलजमाव, गंदगी, खराब वाहन और सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
इसे भी पढ़ें...


जानकारी के अनुसार, पार्किंग में करीब 60-70 वाहनों के खड़े होने की क्षमता है. कार पार्किंग के लिए 30 रुपये और बाइक के लिए 10 रुपये शुल्क लिये जाते है. प्रतिदिन पार्किंग टिकट से करीब चार हजार रुपये की वसूली होती है. इसके बावजूद पार्किंग में जल निकासी, लाईटों की व्यवस्था, सफाई और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं संतोषजनक नहीं हैं.
बारिश होते ही जमा हो जाता है पानी
बारिश की शुरुआत होते ही पार्किंग के अलग-अलग हिस्से में पानी जमा हो जाता है. पानी की निकासी के लिए अलग से पर्याप्त निकासी नहीं है. मोटर चलाकर पानी निकालना पड़ता है. जलजमाव के बीच वाहनों को खड़ा करने और पैदल आने-जाने में लोगों को परेशानी होती है.
पानी जमा रहने के दौरान सांप-बिच्छु के आने की आशंका भी हमेशा लगी रहती है. ऐसे में अंधेरे और पानी के बीच पार्किंग से गुजरना जोखिम भरा हो जाता है.
अंधेरे में मोबाइल टॉर्च का सहारा लेना पड़ता है. पार्किंग से ऊपर आने-जाने वाली सीढ़ियों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं है. कई स्थानों पर लाइटें खराब पड़ी हैं और लंबे समय से उनकी मरम्मत नहीं हो पाई है. दिन में भी सीढ़ियों पर अंधेरा छा जाता है.
मजबूरी में लोग मोबाइल की टॉर्च जलाकर एक-एक कदम आगे बढ़ते हैं. फिसलने या सीढ़ियों से गिरने की आशंका हमेशा बनी रहती है. इसके अलावा भी ग्राउंड प्लोर में गिट्टी-बालू निकलकर ऊपर आने लगी है.
गंदगी के बीच वर्षों से खड़े हैं खराब वाहन
पार्किंग परिसर में जगह-जगह गंदगी दिखाई देती है. कुछ खराब वाहन भी लंबे समय से परिसर में खड़े हैं. इनमें कुछ वाहन वर्षों से यहां पड़े हैं. इन वाहनों के कारण पार्किंग की जगह भी घिरी हुई है. बारिश के दिनों में पानी और गंदगी फैल जाती है. पार्किंग के निचले हिस्से में सुरक्षा के लिए गार्ड की तैनाती भी नहीं रहती है.
एसडीओ ने कहा- मामले को देखता हूं
इस मामले को लेकर जब एसडीओ कुमार रजत से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि मामले को देखता हूं.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.