राजस्थान में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। ब्यावर में इस सीजन की सबसे ज्यादा 9 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक पूरे प्रदेश में बारिश और कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग ने कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी वर्षा होने का अनुमान जताया है।
- Published: 23 Jul 2026, 08:42 AM IST
- Last Updated: 23 Jul 2026, 08:42 AM IST
जयपुर। राजस्थान में मानसून ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखाई है। बुधवार को राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा ब्यावर की रही, जहां इस मानसून सीजन की रिकॉर्ड 9 इंच बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण कई खेत, सड़कें और निचले इलाके जलमग्न हो गए।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में ब्यावर के निकट बदनोर क्षेत्र में करीब 225 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जो इस सीजन की सबसे अधिक वर्षा मानी जा रही है।
कई जिलों में जमकर बरसे बादल
ब्यावर के अलावा अजमेर और भीलवाड़ा के कई क्षेत्रों में 3 से 5 इंच तक बारिश हुई। वहीं डूंगरपुर, बांसवाड़ा, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, भरतपुर, नागौर, बूंदी, अलवर और पाली के कई इलाकों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के चलते कई बरसाती नदियों में पानी का बहाव बढ़ गया है और ग्रामीण इलाकों में जलभराव की स्थिति देखने को मिल रही है।
अगले 2 दिन बारिश का जोर रहेगा
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, राजस्थान में मानसून फिलहाल सक्रिय स्थिति में बना हुआ है। मौसम तंत्र अनुकूल होने के कारण अगले दो दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश होने की संभावना है।
इन सिस्टमों से बढ़ी बारिश
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून ट्रफ सामान्य स्थिति में है और बीकानेर, टोंक, गुना तथा दमोह होते हुए गुजर रही है। इसके साथ ही उत्तर-पूर्वी राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है। यही कारण है कि प्रदेश में व्यापक बारिश देखने को मिल रही है।
11 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
गुरुवार के लिए मौसम विभाग ने 11 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दक्षिणी राजस्थान के कई इलाकों में भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी है।
25 जुलाई के बाद राहत के संकेत
मौसम विभाग का अनुमान है कि 25 जुलाई के बाद पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां थोड़ी कमजोर पड़ सकती हैं। हालांकि पूर्वी और दक्षिणी जिलों में मानसून का असर जारी रहने की संभावना है।