Raja Raghuvanshi murder case: सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी के आचरण पर उठाए सवाल, कहा- आत्मसमर्पण कर ट्रायल का सामना करें

Published on 21 जुल॰ 2026

देश

  • Edited by: शिव शुक्ला
  • Updated Jul 21, 2026, 08:26 PM IST

राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी के आचरण पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल खड़े किए हैं। न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ मेघालय सरकार की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें सोनम रघुवंशी को मिली जमानत को चुनौती दी गई है।

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मेघालय हनीमून हत्याकांड।

नई दिल्ली: राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी सोनम रघुवंशी के आचरण पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने सुनवाई के दौरान संकेत दिया कि यदि कानूनी आधार नहीं बनता है तो वह या तो मामले के गुण-दोष के आधार पर आदेश पारित करेगी या फिर सोनम रघुवंशी को आत्मसमर्पण कर मुकदमे का सामना करने का निर्देश दे सकती है। मामले की अगली सुनवाई अब गुरुवार को होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने पूछे ये अहम सवाल

न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ मेघालय सरकार की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें सोनम रघुवंशी को मिली जमानत को चुनौती दी गई है। सुनवाई के दौरान पीठ ने सोनम के वकील से कहा कि पुलिस के अनुसार वह अपने पति राजा रघुवंशी के साथ घटनास्थल तक गई थीं, जहां उन पर हमला हुआ और उनकी मौत हुई। अदालत ने पूछा कि घटना के बाद उनका आचरण क्या था और क्या उन्होंने गिरफ्तारी के समय ही उसकी वैधता पर कोई आपत्ति दर्ज कराई थी।

न्यायमूर्ति सुंदरेश ने कहा कि अदालत अपना रुख स्पष्ट कर रही है ताकि बचाव पक्ष अचानक स्थिति का सामना न करे। उन्होंने वकील से निर्देश लेकर अगली सुनवाई में वापस आने को कहा।

मेघालय सरकार ने क्या दलील दी?

राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि शादी के कुछ ही दिनों बाद राजा और सोनम हनीमून मनाने मेघालय पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनम ने अपने पति को सुनसान पहाड़ी इलाके में ले जाकर पहले से मौजूद भाड़े के तीन हमलावरों की मदद से हत्या की साजिश रची। मेहता के अनुसार पहले राजा की हत्या की गई और बाद में शव को गहरी खाई में फेंका गया। जांच में सामने आया है कि हत्या के बाद आरोपी फरार हो गए थे।

सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि बाद में सोनम अपने प्रेमी की सलाह पर उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने पहुंची थीं और उन्हें गिरफ्तारी के कारणों की पूरी जानकारी थी।

बचाव पक्ष ने क्या कहा?

सोनम रघुवंशी की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि इस मामले को मीडिया में अत्यधिक प्रचार मिला है और पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस स्तर पर वह अभियोजन के आरोपों के गुण-दोष पर विस्तृत टिप्पणी नहीं करना चाहता।

क्या है पूरा मामला?

इंदौर निवासी कारोबारी राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी 23 मई 2025 को मेघालय के सोहरा इलाके में हनीमून मनाने गए थे। इसी दौरान दोनों लापता हो गए। दो जून 2025 को राजा का शव एक गहरी खाई से बरामद हुआ था। पुलिस का आरोप है कि सोनम ने आर्थिक लाभ के उद्देश्य से अपने कथित प्रेमी और भाड़े के हमलावरों के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची।

जमानत को लेकर क्या है विवाद?

इस मामले में कानूनी विवाद गिरफ्तारी मेमो में हुई एक कथित टंकण त्रुटि को लेकर है। मेघालय हाईकोर्ट ने पाया था कि गिरफ्तारी मेमो में हत्या से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के बजाय धारा 403 का उल्लेख किया गया था। अदालत ने इसे गंभीर चूक मानते हुए कहा कि गिरफ्तारी के उचित लिखित आधार उपलब्ध नहीं कराए गए और इसी आधार पर निचली अदालत द्वारा दी गई जमानत को बरकरार रखा।

वहीं, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता का कहना है कि यह केवल एक क्लेरिकल (लिपिकीय) त्रुटि थी और इतनी तकनीकी गलती के आधार पर हत्या जैसे गंभीर मामले में गिरफ्तारी को अवैध मानकर जमानत देना उचित नहीं है।

इससे पहले 9 जुलाई की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया था कि वह इस कानूनी प्रश्न पर बड़ी पीठ से विचार करा सकता है कि क्या गिरफ्तारी मेमो में किसी वैधानिक प्रावधान का गलत या टंकण संबंधी उल्लेख अपने आप गिरफ्तारी को अवैध ठहराने और आरोपी को जमानत देने का पर्याप्त आधार बन सकता है। अब इस महत्वपूर्ण कानूनी मुद्दे के साथ-साथ सोनम रघुवंशी की जमानत पर भी शीर्ष अदालत का फैसला अहम माना जा रहा है।

Shiv Shukla

शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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