जंतर-मंतर पर हाई अलर्ट, बैरिकेड्स किए गए पक्के, RAF भी तैनात! CJP फिर करने वाली है प्रोटेस्ट?

Published on 30 जुल॰ 2026

Time Published: Thursday, July 30, 2026, 10:45 [IST]

Jantar Mantar On Alert: दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से दोबारा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी मिलने के बाद पुलिस ने पूरे इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी है। प्रदर्शन स्थल पर बैरिकेड्स को पहले से ज्यादा मजबूत किया गया है और कई जगह उन्हें लोहे से वेल्ड कर दिया गया है। रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों के साथ स्थानीय पुलिस भी लगातार निगरानी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है।

दूसरी ओर CJP का आरोप है कि प्रदर्शन खत्म होने के बाद भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों पर कोई राहत नहीं मिली। ऐसे में संगठन ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो जंतर-मंतर पर फिर से आंदोलन शुरू किया जाएगा।

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जंतर-मंतर पर बढ़ाई गई सुरक्षा

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत कर दी है। प्रदर्शन स्थल के दोनों ओर लगे बैरिकेड्स को लोहे से वेल्ड कर जोड़ा गया है ताकि उन्हें आसानी से हटाया न जा सके। इसके अलावा इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की एक कंपनी को भी तैनात किया गया है। पुलिस पूरे क्षेत्र पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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CJP ने फिर दी आंदोलन की चेतावनी

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कहा है कि यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस नहीं ली गईं तो संगठन फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू करेगा। पार्टी का आरोप है कि सरकार ने आंदोलन खत्म होने के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं किया है।

इससे पहले CJP ने जंतर-मंतर पर लगातार 36 दिनों तक आंदोलन किया था। यह प्रदर्शन तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर किया गया था। धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद 25 जुलाई को आंदोलन वापस ले लिया गया था।

आशुतोष रांका ने लगाए गंभीर आरोप

CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि 25 जुलाई को केंद्र के साथ हुए समझौते का पालन नहीं किया गया। उनका दावा है कि भाजपा शासित राज्यों में कई छात्रों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने मांग की कि सभी एफआईआर वापस ली जाएं, हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को तुरंत रिहा किया जाए और दिल्ली पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों तथा भाजपा शासित राज्यों की पुलिस नए आपराधिक मामले दर्ज करना बंद करे। साथ ही उन्होंने हस्ताक्षरित समझौते को सार्वजनिक करने की भी मांग की।

कानूनी सहायता के लिए नई पहल

CJP ने आंदोलन से जुड़े लोगों की मदद के लिए देशभर में एक कानूनी सहायता सेल बनाने का ऐलान किया है। इसके साथ ही संगठन ने साक्षी (SAAKSHI) नाम से एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू किया है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए प्रदर्शन से जुड़े सबूत और अन्य जानकारी एकत्र की जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर कानूनी प्रक्रिया में उनका इस्तेमाल किया जा सके।

राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने प्रदर्शनकारियों की कानूनी सहायता के लिए 1 करोड़ का फंड बनाने की घोषणा की है। यह फंड उन लोगों की मदद के लिए इस्तेमाल किया जाएगा, जिनके खिलाफ आंदोलन से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई चल रही है। CJP का कहना है कि जब तक उसकी प्रमुख मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक संगठन आगे की रणनीति तय करता रहेगा।

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