चिंतामन गणेश मेले में उमड़ेगी आस्था: ट्रैफिक का क्या होगा? 10 हजार वाहनों के सामने सिर्फ 300 पार्किंग स्लॉट

Published on 13 सित॰ 2026

सीहोर के प्रसिद्ध सिद्धपीठ चिंतामन गणेश मंदिर में 14 सितंबर से शुरू होने वाले 12 दिवसीय गणेशोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हैं। प्रदेशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, लेकिन इस बार श्रद्धा के साथ ट्रैफिक अव्यवस्था का बड़ा खतरा खड़ा है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती हजारों वाहनों को नियंत्रित करने की है।



वन-वे सिस्टम ध्वस्त, एक सड़क पर पूरा दबाव


हर साल मेले के दौरान ट्रैफिक को दो अलग-अलग रूट पर बांटकर व्यवस्था संभाली जाती थी। आने वाले वाहनों को मंत्री पेट्रोल पंप से चिंतामन गणेश मंदिर की ओर भेजा जाता था, जबकि दर्शन के बाद वाहनों को शुगर मिल चौराहा, तहसील चौराहा, नदी चौराहा और एक्सीलेंस स्कूल होते हुए इंदौर नाका की तरफ निकाला जाता था। इस बार निर्माण कार्यों ने पूरा ट्रैफिक सर्किट तोड़ दिया है।

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चार प्रमुख रास्ते बंद, पुलिस के सामने बड़ी चुनौती


बकरी पुल छह महीने से निर्माणाधीन है। यह तहसील चौराहा और इंदौर नाका को जोड़ने वाला अहम मार्ग था। पुल बंद होने से वापसी का ट्रैफिक भी मंत्री रोड पर आने का खतरा है। दूसरी तरफ नदी चौराहा से मनकामेश्वर मंदिर तक सीसी रोड का काम चल रहा है। संकरे वैकल्पिक रास्ते पर सामान्य दिनों में ही जाम की स्थिति बन रही है।

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मछली पुल और अंडरब्रिज भी बनेंगे बाधा


शुगर मिल से कोतवाली चौराहा और मछली पुल की तरफ जाने वाला मार्ग भी बड़े वाहनों के लिए सुरक्षित विकल्प नहीं है। मछली पुल से पुराने बस स्टैंड तक सड़क बेहद संकरी है। वहीं शुगर मिल से मंडी रोड वाले रास्ते में रेलवे अंडरब्रिज बड़ी अड़चन है। बारिश, पानी भराव और संकरी सड़क के बीच मेले की भीड़ इस रूट को और जोखिम भरा बना सकती है।



10 हजार वाहनों के सामने सिर्फ 300 पार्किंग स्लॉट


ट्रैफिक व्यवस्था से भी बड़ा सवाल पार्किंग का है। प्रशासन ने दो पार्किंग स्थल तय किए हैं- पहली पुलिया के पास टीले पर और दूसरी पुरानी नर्सरी एवं ईंट भट्ठों के पास। इन दोनों स्थानों की कुल क्षमता लगभग 300 चार पहिया वाहनों की बताई गई है। इसके मुकाबले गणेश चतुर्थी और रविवार जैसे भीड़भाड़ वाले दिनों में 8 से 10 हजार वाहनों के पहुंचने का अनुमान है।



सड़क पर खड़े वाहन बढ़ाएंगे जाम का खतरा


पार्किंग क्षमता और संभावित वाहन संख्या के बीच भारी अंतर साफ संकेत दे रहा है कि बड़ी संख्या में वाहन सड़कों पर खड़े हो सकते हैं। इससे मुख्य मार्गों की चौड़ाई और घटेगी तथा पैदल श्रद्धालुओं, स्थानीय रहवासियों और दुकानदारों की परेशानी बढ़ेगी। बुधवार, शनिवार और रविवार को स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर होने की आशंका है।



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कलेक्टर-एसपी ने संभाला मोर्चा


व्यवस्थाओं का जायजा लेने कलेक्टर बालागुरु के. और एसपी सहित पुलिस अधिकारियों ने चिंतामन गणेश मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। मंदिर प्रबंधन से जुड़े पंडित पृथ्वी बल्लभ दुबे और पुजारी पंडित हेमंत बल्लभ दुबे ने बताया कि इस बार महोत्सव 12 दिन चलेगा। 14 सितंबर को सुबह 4 से 6 बजे तक विशेष अभिषेक और दोपहर 12 बजे जन्म आरती के साथ मेले की शुरुआत होगी।



मेला शुरू, प्रशासन की असली परीक्षा अब


मंदिर परिसर में झूले और दुकानें सजने लगी हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने के साथ पुलिस और प्रशासन को ट्रैफिक नियंत्रण, पार्किंग, पैदल मार्ग और आपातकालीन आवाजाही पर एक साथ निगरानी रखनी होगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब चारों प्रमुख वैकल्पिक रास्ते निर्माण की जद में हैं और हजारों वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग नहीं है, तब मंत्री रोड पर बढ़ने वाले दबाव को प्रशासन किस रणनीति से संभालेगा।