PPF Withdrawal Rules: 15 साल से पहले ही निकाल सकते हैं पीपीएफ का पैसा, जान लें ये आसान तरीका

Published on 24 सित॰ 2026

PPF Withdrawal Rules: पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ भविष्य सुरक्षित करने का एक शानदार जरिया है. ज्यादातर लोग इसमें लंबे समय के लिए निवेश करते हैं. इसकी मैच्योरिटी 15 साल होती है. कई लोगों को लगता है कि 15 साल से पहले पीपीएफ से पैसा नहीं निकाला जा सकता है. लेकिन ये सच नहीं है. अगर आपको पैसों की सख्त जरूरत है, तो सरकार ने मैच्योरिटी से पहले भी रकम निकालने की सुविधा दी है. पीपीएफ से पैसा निकालने के नियम आम सेविंग अकाउंट से बिल्कुल अलग होते हैं. आइए समझते हैं कि आप अपना पैसा कब कैसे निकाल सकते हैं.

7वें साल से शुरू होती है निकासी

पीपीएफ में आंशिक निकासी (थोड़ा पैसा निकालना) 7वें वित्त वर्ष से शुरू होती है. इसके लिए जरूरी है कि आपने जिस साल अकाउंट खोला है, उसके बाद पांच वित्त वर्ष पूरे हो चुके हों. अगर आपने अपना पीपीएफ अकाउंट वित्त वर्ष 2020-21 में खोला है, तो आप वित्त वर्ष 2026-27 से पैसा निकाल सकेंगे.

खाते से कितना पैसा निकाल सकते हैं

पैसा निकालने की एक सीमा तय की गई है. इसके लिए दो तरह के बैलेंस देखे जाते हैं. पहला ये कि पिछले वित्त वर्ष के अंत में आपके खाते में कितना पैसा था. दूसरा ये कि जिस साल आप पैसा निकाल रहे हैं, उससे चार साल पहले आपके खाते में कितना बैलेंस था. इन दोनों में जो रकम कम होगी, उसका 50 फीसदी हिस्सा आप निकाल सकते हैं.

इसे एक उदाहरण से समझिए. मान लीजिए पिछले वित्त वर्ष के अंत में आपके पीपीएफ में 8 लाख रुपये थे. चार साल पहले ये बैलेंस 6 लाख रुपये था. ऐसे में 6 लाख रुपये को ही आधार माना जाएगा. यानी आप ज्यादा से ज्यादा 3 लाख रुपये निकाल सकते हैं. एक वित्त वर्ष में सिर्फ एक बार ही पैसा निकाला जा सकता है.

15 साल बाद क्या होंगे विकल्प

पीपीएफ की मैच्योरिटी 15 साल है. ये समय अकाउंट खुलने वाले वित्त वर्ष के अंत से गिना जाता है. 15 साल पूरे होने पर आप पूरी रकम ब्याज के साथ निकाल सकते हैं. अगर आप पैसा नहीं निकालना चाहते, तो इसे आगे भी जारी रख सकते हैं. इसके दो तरीके हैं. आप बिना नया पैसा जमा किए इसे चालू रख सकते हैं, जिस पर आपको ब्याज मिलता रहेगा. अगर आप निवेश जारी रखना चाहते हैं, तो पीपीएफ को 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है.

खाते को समय से पहले बंद करने की शर्तें

आम तौर पर मैच्योरिटी से पहले पूरा पैसा नहीं निकाला जा सकता. लेकिन कुछ खास स्थितियों में 5 साल पूरे होने के बाद पीपीएफ अकाउंट समय से पहले बंद किया जा सकता है. इसमें गंभीर बीमारी का इलाज, उच्च शिक्षा जैसी जरूरतें शामिल हैं. अगर खाताधारक एनआरआई बन जाता है, तो भी खाता बंद किया जा सकता है. लेकिन ऐसा करने पर आपको मिलने वाले ब्याज में 1 प्रतिशत की कटौती की जाती है.

अगर किसी वजह से खाताधारक की मौत हो जाती है, तो मैच्योरिटी का इंतजार नहीं करना पड़ता. खाते की पूरी रकम नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी को दे दी जाती है. पीपीएफ एक लंबी अवधि का निवेश है, इसे रोजमर्रा के खर्चों वाला खाता नहीं समझना चाहिए. लेकिन जरूरत पड़ने पर इसकी निकासी की सुविधा बड़े काम आती है.

विभव शुक्ला

विभव शुक्ला

विभव शुक्ला वर्तमान में TV9 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर बिजनेस डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता में उन्हें छह वर्षों का अनुभव है. विभव मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी. इसके बाद वह Inshorts और गुजरात फर्स्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े रहे हैं.

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