‘दमदमी टकसाल सेवक जत्था’ का गठन
July 22, 2026

Formation of ‘Damdami Taksal Sevak Jatta : अमृतसर। सिख पंथ और पंजाब के समक्ष खड़ी धार्मिक, सामाजिक तथा वैचारिक चुनौतियों का संगठित ढंग से सामना करने के उद्देश्य से दमदमी टकसाल के प्रमुख एवं संत समाज के अध्यक्ष संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा के नेतृत्व में ‘दमदमी टकसाल सेवक जत्था’ नामक एक नए संगठन का गठन किया गया है।
धर्म प्रचार के लिए जत्था रवाना
दमदमी टकसाल के प्रमुख ने बताया कि इस जत्थे का उद्देश्य गुरमत सिद्धांतों के प्रकाश में सिख धर्म के प्रचार-प्रसार को और अधिक प्रभावी बनाना, युवा पीढ़ी को गुरबाणी, गुरमत और सिख इतिहास से जोड़ना, पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाना तथा धर्मांतरण जैसी चुनौतियों के प्रति समाज को जागरूक करना है। हालांकि, पंथक और राजनीतिक हलकों में दमदमी टकसाल को केवल एक धार्मिक संस्था के रूप में नहीं देखा जाता। सिख पंथ और पंजाब के इतिहास में टकसाल ने समय-समय पर धार्मिक, सामाजिक और सार्वजनिक जीवन को प्रभावित करने वाली भूमिका निभाई है।
दमदमी टकसाल ने बनाया ‘सेवक जत्था’, बढ़ी चर्चाएं
इसी पृष्ठभूमि में ‘दमदमी टकसाल सेवक जत्था’ के गठन को भी एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक विकास माना जा रहा है। विभिन्न जिलों तक संगठन के विस्तार तथा पंथक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका के मद्देनज़र राजनीतिक एवं पंथक हलकों में यह माना जा रहा है कि समय के साथ इसका प्रभाव पंजाब के सार्वजनिक एवं राजनीतिक विमर्श तक भी पहुंच सकता है। दमदमी टकसाल की ऐतिहासिक भूमिका और पृष्ठभूमि के मद्देनज़र ‘सेवक जत्था’ के गठन को धार्मिक एवं सामाजिक पहल के साथ-साथ राजनीतिक संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
पंथ, पंजाब और भाईचारे के लिए काम करेगा सेवक जत्था
बाबा हरनाम सिंह खालसा ने कहा कि यह जत्था सिख पंथ से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से उचित मंचों पर मजबूती से उठाएगा। साथ ही सिख संस्थाओं की मर्यादा, गुरुद्वारा प्रबंधन, पंजाब के हितों, सामाजिक एकता, भाईचारे तथा शांति को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि जत्था समाज को विभाजित करने वाली तथा युवाओं को गुमराह करने वाली शक्तियों के विरुद्ध भी जन-जागरूकता अभियान चलाएगा।
युवाओं को जड़ों से जोड़ने का करेगा प्रयास
संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा ने कहा कि आज सिख पंथ अनेक गंभीर धार्मिक, सामाजिक और वैचारिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। नशे का बढ़ता प्रकोप, धर्मांतरण की घटनाएं, युवाओं का अपनी जड़ों से दूर होना तथा पंथक मुद्दों का राजनीतिकरण चिंता का विषय है। ऐसे समय में संगठित, अनुशासित और सेवा-भाव से कार्य करने वाले मजबूत संगठन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिसे ध्यान में रखते हुए इस जत्थे का गठन किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय में पंथ के सामने अनेक गंभीर चुनौतियां हैं, जिनका समाधान संगठित धार्मिक एवं सामाजिक प्रयासों से ही संभव है।
📍 Location: Amritsar (Amritsar)