Vastu Tips for Bedroom: वास्तु शास्त्र में शयनकक्ष को घर का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है. यही वह स्थान है जहां व्यक्ति दिनभर की थकान और तनाव से मुक्त होकर शारीरिक और मानसिक ऊर्जा प्राप्त करता है. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि मान्यता है कि शयनकक्ष की दिशा, सजावट और वातावरण का प्रभाव पति-पत्नी के रिश्तों, मानसिक शांति और स्वास्थ्य पर पड़ सकता है.
रिश्तों में प्रेम बढ़ाने के लिए सजावट पर दें ध्यान
वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार दांपत्य जीवन में प्रेम और मधुरता बनाए रखने के लिए शयनकक्ष की उत्तर दिशा में राधा-कृष्ण या नृत्य करते हुए मयूर की तस्वीर लगाना शुभ माना जाता है. वहीं विवाह की तस्वीर कमरे में रखने से आपसी स्नेह और भावनात्मक जुड़ाव बढ़ने की मान्यता है. संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपति श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप या गाय-बछड़े की तस्वीर लगा सकते हैं.
सोने की दिशा और पलंग की स्थिति
वास्तु के अनुसार दक्षिण या पूर्व दिशा में सिर करके सोना लाभकारी माना जाता है. इससे अच्छी नींद और मानसिक शांति प्राप्त होने की बात कही जाती है. साथ ही पलंग को बीम के नीचे नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इसे रिश्तों में तनाव और दूरी का प्रतीक माना जाता है. यदि ऐसा संभव न हो, तो वास्तु उपाय के रूप में विंड चाइम या बांसुरी लगाने की सलाह दी जाती है.
रंग, रोशनी और फर्नीचर का प्रभाव
शयनकक्ष में हल्का गुलाबी, हरा, पीला या आसमानी रंग सकारात्मक वातावरण बनाने में सहायक माना जाता है. काले और अत्यधिक गहरे रंगों से बचने की सलाह दी जाती है. फर्नीचर लकड़ी का, चौकोर या आयताकार होना बेहतर माना जाता है. कमरे में प्रकाश व्यवस्था ऐसी हो कि रोशनी सीधे पलंग पर न पड़े.
इन बातों का भी रखें विशेष ध्यान
यदि शयनकक्ष में अटैच टॉयलेट है, तो उसका दरवाजा बंद रखना चाहिए. पलंग के नीचे कबाड़ या अनावश्यक सामान रखने से बचें. कमरे में लगे आईने को सोते समय ढककर रखने की सलाह दी जाती है. अशांति, युद्ध या नकारात्मक भाव वाले चित्र लगाने से भी परहेज करना चाहिए.
बेडरूम के लिए कौन-सी दिशा मानी जाती है शुभ?
वास्तु मान्यताओं के अनुसार उत्तर-पश्चिम दिशा प्रेम और आकर्षण से जुड़ी मानी जाती है, जबकि दक्षिण-पश्चिम दिशा स्थिरता और पारिवारिक जिम्मेदारियों को मजबूत करती है. पश्चिम दिशा लाभ और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है. वहीं उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व दिशा में बेडरूम बनाने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इन्हें क्रमशः नीरसता और क्रोध बढ़ाने वाला क्षेत्र माना गया है.