धार जिले के गंधवानी विकासखंड में हाल ही में बनी सोनगांव-पिपली सड़क निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। करीब तीन किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण के बाद किसानों और ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) तथा निर्माण एजेंसी पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए ह
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ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान जल निकासी की वैज्ञानिक व्यवस्था नहीं की गई। यदि आने वाले दिनों में तेज बारिश होती है तो खेतों में पानी भर जाएगा और किसानों की मेहनत पर पानी फिर सकता है। मामले को लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
खेतों में पानी छोड़ने से फसल बर्बाद होने का डर
किसानों के अनुसार सड़क के दोनों ओर नालियां तो बनाई गई हैं, लेकिन उनका पानी सुरक्षित स्थान पर ले जाने के बजाय पुलिया बनाकर सीधे कृषि भूमि की ओर मोड़ दिया गया है। उनका कहना है कि इससे बारिश के दौरान खेत तालाब का रूप ले सकते हैं और खड़ी फसल पूरी तरह खराब हो सकती है।
किसानों ने बताया कि यदि समय रहते जल निकासी की व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने विभाग से तत्काल समाधान की मांग की है।
दूसरी दिशा में भी हो सकती थी निकासी
ग्रामीणों का कहना है कि नाली के पानी की निकासी दूसरी दिशा में भी संभव थी, लेकिन विभाग ने इस विकल्प पर ध्यान नहीं दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि नाली का पानी डैम की नहर की ओर भी छोड़ा जा रहा है, जिससे भविष्य में सिंचाई व्यवस्था और जल निकासी दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

नाली निकासी न होने से फसलें तबाह होने की आशंका
सड़क की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल
जल निकासी के साथ-साथ ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हाल ही में बनी सड़क का डामर कई जगह हाथ लगाने मात्र से उखड़ने लगा है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर संदेह पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने और यदि अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
PWD का दावा- पहले भी इसी दिशा में जाता था पानी
मामले पर लोक निर्माण विभाग के एसडीओ सुभाष कनेश ने कहा कि सड़क का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया गया है। उन्होंने बताया कि नाली का पानी पुलिया के माध्यम से डायवर्ट किया गया है और पहले भी वर्षा का पानी इसी दिशा में बहता था। विभाग के अनुसार निर्माण कार्य में किसी प्रकार की तकनीकी खामी नहीं है।
भाजपा मंडल अध्यक्ष ने किसानों का किया समर्थन
वहीं, भाजपा गंधवानी मंडल अध्यक्ष मुकेश पाटीदार ने किसानों की शिकायतों को उचित बताया। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए था कि नाली का पानी किसानों के खेतों में न पहुंचे। उन्होंने संबंधित विभाग से मामले का निरीक्षण कर किसानों की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जल निकासी की व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आगामी भारी बारिश के दौरान खेतों में जलभराव से बड़े पैमाने पर फसल नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसान अब प्रशासन और विभाग से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।