बिहार में कैब-बाइक टैक्सी कंपनियों पर सरकार सख्त, हिंदी चैटबॉट से एंबुलेंस तक की सुविधा अनिवार्य; नियम तोड़े तो रद्द होगा लाइसेंस

Published on 23 अक्टू॰ 2026

Bihar Bike Taxi Rules: बिहार में ऐप आधारित कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं में यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए परिवहन विभाग ने एग्रीगेटर कंपनियों को कई अहम निर्देश दिए हैं. ओला, ऊबर, रैपिडो और सवारी मिथिला जैसी कंपनियों को यात्रियों और चालकों की सुविधा से जुड़े प्रावधानों का पालन करने को कहा गया है. जरूरत के समय लोगों को आपातकालीन परिवहन सुविधा मिल सके, इसके लिए एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म के जरिए एंबुलेंस सेवा का विस्तार करने की तैयारी भी की जा रही है.

परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार ने सभी संबंधित एग्रीगेटर सेवा प्रदाता कंपनियों को एंबुलेंस सेवा के विस्तार से जुड़ा प्रतिवेदन एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. विभाग का कहना है कि ऐप आधारित परिवहन व्यवस्था को यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने के साथ-साथ आपात स्थिति में परिवहन की सुविधा भी मजबूत की जाएगी.

हिंदी में भी उपलब्ध होगा चैटबॉट

परिवहन विभाग ने एग्रीगेटर कंपनियों को चैटबॉट की सुविधा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. इससे हिंदी भाषी चालक और यात्री अपनी सुविधा के अनुसार जानकारी हासिल कर सकेंगे और सेवा से जुड़ी समस्याओं के समाधान में भी आसानी होगी.

परिवहन सचिव ने परिवहन विभाग मुख्यालय में ओला, ऊबर, रैपिडो और सवारी मिथिला की एग्रीगेटर कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में पहले दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की. इस दौरान यात्रियों और चालकों से जुड़ी सुविधाओं के अलावा सेवा संचालन के कई बिंदुओं पर चर्चा हुई.

चालकों के लिए कॉल सपोर्ट की सुविधा

एग्रीगेटर कंपनियों को चालकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कॉल सपोर्ट की व्यवस्था करने को कहा गया है. इसके साथ ही कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर निर्धारित नियमों के अनुसार केवल व्यावसायिक वाहनों को ही संबद्ध करने का निर्देश दिया गया है.

बैठक में यात्रियों को जरूरी सूचना देने की व्यवस्था, राइड कैंसिलेशन चार्ज और नाइट चार्ज समेत कई मुद्दों की भी समीक्षा की गई. विभाग ने ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम को भी प्रभावी बनाने का निर्देश दिया है. इसके तहत प्रसारित होने वाले संदेश की अवधि 2 सेकेंड से बढ़ाकर 10 सेकेंड करने को कहा गया है, ताकि यात्रियों और चालकों को दी जाने वाली सूचना आसानी से समझ में आ सके.

चालक की आईडी निलंबित करने के लिए SOP

परिवहन विभाग ने चालक की आईडी निलंबित करने और इससे जुड़े दूसरे मामलों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP तैयार करने का निर्देश दिया है. इसमें प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है.

इसके अलावा राज्य में एग्रीगेटर कंपनियों के स्थानीय कार्यालय स्थापित करने, एयरपोर्ट पर एग्रीगेटर वाहनों के लिए उपयुक्त पार्किंग की व्यवस्था करने और एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ इस संबंध में समझौता ज्ञापन की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश भी दिया गया है.

कंपनियों को इन 8 बिंदुओं का करना होगा पालन

परिवहन विभाग की ओर से एग्रीगेटर कंपनियों को कुल 8 प्रमुख बिंदुओं पर अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.

1. बिहार में एग्रीगेटर कंपनियों का स्थानीय कार्यालय स्थापित करना होगा.

2. चालकों की समस्याओं के समाधान के लिए कॉल सपोर्ट की सुविधा देनी होगी.

3. चैटबॉट की सुविधा अंग्रेजी के साथ हिंदी भाषा में भी उपलब्ध करानी होगी.

4. ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के संदेश की अवधि 2 सेकेंड से बढ़ाकर 10 सेकेंड करनी होगी.

5. नाइट चार्ज और राइड कैंसिलेशन चार्ज से जुड़े प्रावधानों का पालन करना होगा.

6. चालक की आईडी निलंबित करने समेत अन्य मामलों के लिए SOP तैयार करनी होगी.

7. एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पर निर्धारित नियमों के अनुसार केवल व्यावसायिक वाहनों को ही संबद्ध करना होगा.

8. एयरपोर्ट पर एग्रीगेटर वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था को लेकर एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ MoU की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.

30 अक्टूबर तक देना होगा अनुपालन का प्रतिवेदन

बैठक में एग्रीगेटर कंपनियों की ओर से दिए गए अनुपालन प्रतिवेदनों की भी समीक्षा की गई. ओला और ऊबर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. दोनों कंपनियों को निर्देशों के अनुपालन से संबंधित प्रतिवेदन 30 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध कराने को कहा गया है.

परिवहन सचिव राज कुमार ने कहा कि राज्य में ऐप आधारित परिवहन सेवाओं का संचालन निर्धारित नियमों के अनुसार होना चाहिए. यात्रियों को बेहतर सुविधा देने, चालकों की समस्याओं का समाधान करने और सेवा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कंपनियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं. सभी संबंधित कंपनियों को तय समय-सीमा के भीतर इन निर्देशों का पालन करना होगा.

नियम नहीं माने तो रद्द होगा लाइसेंस

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित निर्देशों का पालन नहीं करने वाली एग्रीगेटर कंपनी के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जा सकती है. विभाग की ओर से संबंधित अधिकारियों को कंपनियों के अनुपालन की निगरानी करने और जरूरत के अनुसार सत्यापन व कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.

राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने कहा कि एग्रीगेटर कंपनियों की सेवाओं में यात्रियों की सुविधा, चालकों की समस्याओं के समाधान और नियमों के अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशों के अनुपालन की निगरानी करने को कहा गया है.