22 अक्टूबर से शुरू होगा कृषि विभाग का समीक्षा अभियान, फसल उत्पादन से लेकर खाद-बीज की उपलब्धता और कृषि योजनाओं की प्रगति पर होगा मंथन
21 अक्टूबर 2026, भोपाल: खरीफ की समीक्षा, रबी की तैयारी: मध्यप्रदेश में संभागवार बैठकों का कार्यक्रम तय – मध्यप्रदेश में खरीफ 2026 की समीक्षा और रबी 2026-27 की तैयारियों को लेकर किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने संभागवार समीक्षा बैठकों का कार्यक्रम निर्धारित किया है। कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में होने वाली इन बैठकों में फसल क्षेत्राच्छादन, उत्पादन एवं उत्पादकता के आकलन के साथ आगामी रबी सीजन की तैयारियों, उर्वरकों की उपलब्धता, बीज की जरूरत, कृषि योजनाओं की प्रगति और किसानों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, बैठकों का सिलसिला 22 अक्टूबर से इंदौर संभाग से शुरू होगा। इसके बाद उज्जैन, भोपाल-नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल, सागर, जबलपुर तथा रीवा-शहडोल संभागों की समीक्षा की जाएगी। संबंधित संभागों के आयुक्तों, जिला कलेक्टरों, कृषि विभाग के अधिकारियों और विभिन्न कृषि एवं संबद्ध संस्थाओं के प्रतिनिधियों को आवश्यक तैयारियों के साथ बैठक में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं।
सात संभागीय समूहों में होगी समीक्षा
विभाग ने प्रदेश के संभागों को सात समूहों में विभाजित कर बैठकें आयोजित करने का निर्णय लिया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार—
- 22 अक्टूबर 2026: इंदौर संभाग — इंदौर में
- 28 अक्टूबर 2026: उज्जैन संभाग — उज्जैन में
- 29 अक्टूबर 2026: भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग — भोपाल में
- 17 नवंबर 2026: ग्वालियर एवं चंबल संभाग — ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से
- 23 नवंबर 2026: सागर संभाग — ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से
- 16 नवंबर 2026: जबलपुर संभाग — ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से
- 18 नवंबर 2026: रीवा एवं शहडोल संभाग — ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से
इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न कृषि क्षेत्रों की परिस्थितियों, फसल उत्पादन की स्थिति और आगामी रबी सीजन की आवश्यकताओं की संभागवार समीक्षा की जाएगी।
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चैनल फॉलो करेंरबी फसलों के क्षेत्र और उत्पादन का होगा आकलन
बैठकों के प्रमुख एजेंडे में खरीफ 2026 की समीक्षा के साथ रबी 2026-27 की प्रमुख फसलों के क्षेत्राच्छादन, उत्पादन और उत्पादकता का निर्धारण शामिल है। इसके अलावा, अल्पवर्षा से प्रभावित जिलों के लिए रबी सीजन में जिला स्तर पर प्रस्तावित रणनीति की समीक्षा की जाएगी।
जिलों में कृषि उत्पादन की संभावनाओं, उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप तैयारियों पर चर्चा होगी। संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों से खरीफ एवं रबी कार्यक्रमों के संबंध में अपने सुझाव तथा प्रतिपुष्टि प्रस्तुत करने को कहा गया है।
खाद-बीज की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर नजर
रबी सीजन में किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और बीज की आवश्यकता की समीक्षा भी बैठक का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।
एजेंडे में रबी 2026-27 के लिए उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था, बीज प्रतिस्थापन दर के अनुसार बीज की आवश्यकता तथा बीज निगम की देनदारियों की समीक्षा शामिल है। इसके साथ ही अमानक खाद, बीज एवं कीटनाशकों के नमूनों पर की गई कार्रवाई की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी।
इन विषयों पर संबंधित विभागों और संस्थाओं से जानकारी लेकर आवश्यक व्यवस्थाओं तथा लंबित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
ई-विकास उर्वरक वितरण प्रणाली और कृषि योजनाओं की समीक्षा
बैठकों में ई-विकास उर्वरक वितरण प्रणाली की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी। प्रमुख योजनाओं की प्रगति, एग्रीटेक फार्मर रजिस्ट्री, कृषि अभियांत्रिकी में संचालित योजनाओं एवं नरवाई प्रबंधन जैसे विषय भी निर्धारित एजेंडे में शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, मंडियों में संचालित नवीन योजनाओं की प्रगति, शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों में बीज उत्पादन एवं वितरण तथा कृषि क्षेत्र में हुए नवाचारों की जानकारी प्रस्तुत की जाएगी। उद्देश्य विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा करना और उनके प्रभावी संचालन से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श करना है।
कृषि विश्वविद्यालय और अनुसंधान संस्थान भी रखेंगे पक्ष
बैठकों में कृषि विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और कृषि क्षेत्र से संबंधित अन्य संस्थाओं की सहभागिता भी रहेगी। दोनों कृषि विश्वविद्यालयों के संचालकों, अनुसंधान सेवाओं तथा कृषि अभियांत्रिकी से संबंधित संस्थानों को अपने क्षेत्रों में किए जा रहे अनुसंधान, कृषि विकास तथा अन्य महत्वपूर्ण कृषि तकनीकों पर संक्षिप्त प्रस्तुतियां देने के लिए कहा गया है।
विभिन्न विभागाध्यक्षों एवं संबंधित संस्थाओं के प्रमुखों को भी आगामी रबी कार्यक्रम के संदर्भ में अपनी योजनाओं और प्रस्तावों पर संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण देना होगा। इससे कृषि उत्पादन बढ़ाने, उपलब्ध तकनीकों के उपयोग और क्षेत्रीय जरूरतों के अनुरूप रणनीति तैयार करने से जुड़े विषयों पर चर्चा का अवसर मिलेगा।
अधिकारियों के साथ विभागीय समन्वय पर जोर
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, सहकारिता विभाग और संबंधित संस्थाओं के विषयों पर चर्चा होगी। दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक पशुपालन एवं डेयरी विकास, मत्स्य कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग तथा संबंधित संस्थाओं के विषयों की समीक्षा की जाएगी।
बैठकों में संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव अथवा सचिव उपस्थित अधिकारियों द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे। अंत में कृषि उत्पादन आयुक्त संभागीय आयुक्तों एवं जिला कलेक्टरों के साथ कृषि विकास से संबंधित अपेक्षाओं, आगामी खरीफ और रबी कार्यक्रमों के लक्ष्यों तथा उनकी पूर्ति पर चर्चा करेंगे।
बैठक के सात दिन के भीतर जारी होगा कार्यवाही विवरण
विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं से आगामी रबी कार्यक्रम को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अपने-अपने स्तर पर तैयारियां पूरी करने का अनुरोध किया है। यदि निर्धारित तिथियों पर किसी अन्य बैठक अथवा कार्यक्रम के कारण शामिल होना संभव नहीं होता है, तो संबंधित संभागीय आयुक्त के माध्यम से कृषि उत्पादन आयुक्त से आवश्यक निर्देश प्राप्त करने को कहा गया है।
आदेश के मुताबिक, बैठक की कार्यवाही का विवरण बैठक संपन्न होने के सात दिनों के भीतर संबंधित संभागीय आयुक्त द्वारा जारी किया जाएगा।
कृषि विभाग की इन संभागीय बैठकों में खरीफ सीजन के परिणामों की समीक्षा के साथ रबी की तैयारियों, कृषि आदानों की उपलब्धता और योजनाओं के क्रियान्वयन पर समन्वित चर्चा की जाएगी। इससे संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं को आगामी कृषि सीजन की प्राथमिकताओं तथा जिला स्तर पर आवश्यक व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श करने का अवसर मिलेगा।
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