भारत-पाक बॉर्डर पर बड़ी साजिश नाकाम... कैसे सीमा पार से आए हथियार? सुरक्षा बलों ने दो लोगों को किया गिरफ्तार

Published on 13 अक्टू॰ 2026

भारत-पाक बॉर्डर पर बड़ी साजिश नाकाम… कैसे सीमा पार से आए हथियार? सुरक्षा बलों ने दो लोगों को किया गिरफ्तार

भारत-पाक बॉर्डर से संदिग्ध खेप बरामद Image Credit source: TV9

राजस्थान में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे श्रीगंगानगर जिले की रावला मंडी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन के जरिए हथियार और संदिग्ध विस्फोटक सामग्री पहुंचाए जाने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. 12 KND सीमा क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल (BSF) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की संयुक्त कार्रवाई के दौरान संदिग्ध खेप बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है. मामले में पंजाब के दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है.

जानकारी के अनुसार, रावला क्षेत्र के 12 KND में संदिग्ध पैकेट मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाया. तलाशी के दौरान हथियारों और अन्य संदिग्ध सामग्री की बरामदगी की बात सामने आई है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, खेप में दो पिस्टल, चार मैगजीन और करीब 650 कारतूस और RDX 7 किलो शामिल हैं. इसके अतिरिक्त चार जोड़ी बैटरियां और दो रिमोट भी मिलने की सूचना है. बरामद सामग्री के इस्तेमाल और इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है.

मामले में विस्फोटक सामग्री होने और उसमें RDX की मौजूदगी की आशंका भी जताई गई है. हालांकि, विस्फोटक की वास्तविक प्रकृति और बरामद सामान की अंतिम संख्या की पुष्टि जांच तथा आधिकारिक विवरण के आधार पर ही हो सकेगी.

सीमा पार से आई संदिग्ध खेप

ANTF के IG विकास कुमार के मुताबिक, ड्रोन की मदद से राजस्थान के सीमा क्षेत्र में बड़ी मात्रा में गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री गिराए जाने का मामला सामने आया है. उन्होंने कहा कि इस खेप को किसने भेजा और इसके पीछे क्या उद्देश्य था, यह जांच का विषय है. फिलहाल सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है और जांच आगे बढ़ने के साथ मामले से जुड़े तथ्य सामने आएंगे.

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध सामग्री का सीमा क्षेत्र में पहुंचना किसी बड़ी साजिश से जुड़ा हो सकता है. सुरक्षा एजेंसियां इस आशंका को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही हैं. उनके अनुसार, एजेंसियों की कार्रवाई से संभावित खतरे को टालने में सफलता मिली है.

पंजाब के दो युवकों से पूछताछ

इस मामले में पंजाब निवासी दो युवकों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है. अब जांच का मुख्य बिंदु यह है कि बरामद हथियारों और संदिग्ध सामग्री को कहां पहुंचाया जाना था, इसे प्राप्त करने वाले लोग कौन थे और आरोपियों का इस पूरे घटनाक्रम से क्या संबंध है. सुरक्षा एजेंसियां संभावित संपर्कों और सीमा पार से ड्रोन के जरिए खेप भेजे जाने की आशंका सहित विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है.

सीमावर्ती क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाई

घटना के बाद सीमावर्ती क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है. संबंधित एजेंसियां तलाशी अभियान और जांच के जरिए मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं. फिलहाल बरामदगी, गिरफ्तारी और संभावित नेटवर्क से जुड़े कई सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे.

ध्वज आर्य

ध्वज आर्य

राजस्थान में 2008 से पत्रकारिता के सफर की शुरुआत. 18 वर्षों के पत्रकारिता करियर में राजनीति, सामाजिक मुद्दे, विकास, अपराध और ग्राउंड रिपोर्टिंग पर काम. खबर की तह तक जाने, तथ्यों की पुष्टि करने और जटिल विषयों को सरल भाषा में जनता तक पहुंचाने में विशेषज्ञता. प्रिंट से डिजिटल मीडिया तक के बदलाव को करीब से देखा. प्रिंट ,डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्लेटफार्म पर काम का अनुभव. पत्रकारिता की शुरुआत के 10 साल क्राइम रिपोर्टिंग की. पूर्व में समाचार प्लस, इंडिया न्यूज, दैनिक भास्कर और अब नेशनल चैनल TV9 भारतवर्ष में राजस्थान ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी. इस सफर के दौरान ब्रेकिंग न्यूज से लेकर इन्वेस्टिगेशन स्टोरी के साथ कई बड़े खुलासे, कई बड़े चुनाव, आपदा, बड़े आंदोलनों की ग्राउंड ज़ीरो से कवरेज समेत भारत पाकिस्तान युद्ध (ऑपरेशन सिंदूर) को कवर किया. क्राइम की खबरों, बड़े राजनीतिक घटनाक्रम और युद्ध कवरेज में सबसे ज्यादा रूचि. मेरा मानना है कि खबर सिर्फ एक घटना नहीं है, उसके पीछे का सच भी है. पत्रकारिता का काम सत्ता पक्ष से सवाल पूछना और जनता की आवाज़ बनना है. निष्पक्षता, गति और सटीकता मेरी रिपोर्टिंग के तीन स्तंभ हैं.

Read More

google button