पत्नी से कर रहा था फोन पर बात, तभी आई गोली की आवाज... किशनगंज में कांस्टेबल ने बैरक में किया सुसाइड

Published on 11 अक्टू॰ 2026

पत्नी से कर रहा था फोन पर बात, तभी आई गोली की आवाज… किशनगंज में कांस्टेबल ने बैरक में किया सुसाइड

मामले की जांच कर रही पुलिस.

Kishanganj News: बिहार के किशनगंज जिले से पुलिस महकमे को झकझोर देने वाली एक बेहद दुखद और सनसनीखेज घटना सामने आई है. सदर थाना परिसर स्थित सिपाही बैरक में डायल 112 में तैनात एक जवान ने अपनी सर्विस पिस्टल से खुद को गोली मार ली. अचानक चली गोली की तड़तड़ाहट से बैरक में अफरा-तफरी मच गई. साथी पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल जवान को आनन-फानन में सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. घटना की जानकारी मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया है.

पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, मृतक सिपाही की पहचान भागलपुर जिले के निवासी समीर कुमार के रूप में हुई. वो किशनगंज में डायल 112 की इमरजेंसी सेवा में अपनी ड्यूटी दे रहे थे. घटना सुबह के समय सदर थाना परिसर स्थित सिपाही बैरक में हुई. बताया जा रहा है कि खुद को गोली मारने से ठीक पहले समीर फोन पर अपनी पत्नी या किसी परिजन से बातचीत कर रहे थे. फोन पर बातचीत के दौरान ही अचानक गोली चलने की तेज आवाज आई, जिससे आसपास मौजूद सहकर्मी सन्न रह गए.

एसपी संतोष कुमार पहुंचे अस्पताल, फॉरेंसिक टीम कर रही साक्ष्य जुटाने की जांच

वारदात की सूचना मिलते ही किशनगंज के पुलिस अधीक्षक (SP) संतोष कुमार तुरंत सदर अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली. एसपी संतोष कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला पारिवारिक या मानसिक तनाव में की गई आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की विशेष टीम को मौके पर बुलाया गया है. टीम ने बैरक से साक्ष्य, खोखा और मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर जांच शुरू कर दी है. मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है, जिसके बाद परिजन किशनगंज पहुंच चुके हैं. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.

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छुट्टी का दबाव या पारिवारिक कलह? सभी कोणों पर जांच जारी

सिपाही समीर कुमार ने इतना आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसकी सटीक वजह अभी तक पूरी तरह साफ नहीं हो सकी है. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या जवान किसी गंभीर पारिवारिक तनाव से गुजर रहा था, या फिर ड्यूटी और छुट्टी को लेकर उस पर कोई मानसिक दबाव था. पुलिस सिपाही के मोबाइल की कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड्स (CDR) और आखिरी बातचीत को खंगाल रही है. अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट और परिजनों के बयान दर्ज होने के बाद ही आत्महत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा.

मोहित पंडित

मोहित पंडित

मोहित पंडित ने साल 2004 से अपनी पत्रकारिता की शुरुआत की. नई बात, सन्मार्ग, सोनभद्र जैसे अखबारों में वे अपनी सेवा दे चुके हैं. वे सीमांचल के समाचारों को सकारात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं और स्थानीय घटनाओं को उच्च स्तर पर रिपोर्ट करने में निपुण हैं. उनकी लेखनी में संवेदनशीलता और नैतिकता झलकती है.

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