By: Lapdeep Kaur | Updated Date: Sun, 11 Oct 2026 17:02:32 (IST)
पनामा में शनिवार को दो बड़े भूकंप आए जिनके बाद 100 से ज्यादा आफ्टरशॉक्स यानी भूकंप के बाद के झटके महसूस किए गए। भूकंप से घरों, स्कूलों, सड़कों और अन्य बिल्डिंग्स को भी नुकसान पहुंचा। हालात को देखते हुए सरकार ने संडे को इमरजेंसी घोषित कर दिया। जिससे प्रभावित परिवारों को राहत और सहायता पहुंचाई जा सके। लगातार भूकंप और उनके बाद के झटकों से लोगों में डर का माहौल है। अब तक 27 लोग घायल हुए है। बता दें की भूकंप का केंद्र राजधानी पनामा सिटी से करीब 200 किलोमीटर दूर अजुएरो प्रायद्वीप के पास था।
क्या हुआ पनामा में
अमेरिका के जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, पहले भूकंप की तीव्रता 7.7 मापी गई। इसका केंद्र हेरेरा प्रांत के पितालोसा अरिबा से लगभग 12 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में था। भूकंप का केंद्र जमीन से 12.6 किलोमीटर की गहराई पर था इसी दिन बाद में रियो ग्रांडे में 6.6 तीव्रता का दूसरा बड़ा भूकंप आया। इसके बाद कई आफ्टरशॉक्स महसूस किए गए, जिनमें कुछ की तीव्रता 5 तक थी। तेज झटकों के कारण कई इलाकों में लोगों को बिल्डिंग्स खाली करनी पड़ी। पड़ोसी देश कोलंबिया में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।
जिंदगी में ऐसा भूकंप कभी नहीं देखा
भूकंप से पनामा के ला विला डे लॉस सैंटोस में भी भारी नुकसान हुआ। यह ऐतिहासिक बस्ती भूकंप के केंद्र से लगभग 40 मील यानी 64 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है। यहां कई घर और एक ऐतिहासिक कैथोलिक चर्च ढह गए। कई लोगों ने रात सड़कों पर बिताई। वे इस इंतजार में थे कि सरकार की ओर से आगे क्या करना है, इस बारे में दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
भूकंप में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए अपने घर के बाहर रिश्तेदारों के साथ तंबू के नीचे बैठे टोनी जिमेनेज ने बताया कि वह दोपहर एक बजे से वहीं बैठे हुए थे और तब से कहीं नहीं गए थे। यह बहुत भयानक था। मैं पूरे यकीन के साथ कह सकता हूं कि अपने 90 साल के जीवन में मैंने कभी ऐसा कुछ अनुभव नहीं किया। झटके बहुत तेज थे, सच में बेहद तेज।
भूकंप आने की वजह
-रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पनामा के जियोलॉजिकल अथॉरिटीज ने इन भूकंपों को अजुएरो-सोना फॉल्ट सिस्टम से जुड़ा बताया। भूकंप आने की मुख्य वजह पृथ्वी की ऊपरी परत में दबाव का जमा होना है।
-जब पृथ्वी की सतह के नीचे मौजूद चट्टानें किसी फॉल्ट के सहारे अचानक खिसकती हैं, तो जमी हुई एनर्जी बाहर निकलती है। इससे सिस्मिक वेव पैदा होती हैं और जमीन हिलने लगती है।
-पनामा मध्य अमेरिका के ऐसे क्षेत्र में स्थित है, जहां टेक्टोनिक प्लेटें लगातार हिलती रहती और एक-दूसरे के संपर्क में आती है। प्लेटों की इस एक्टिविटी के कारण यहां भूकंप आने की आशंका बनी रहती है।
सरकार ने उठाए ये कदम
- भूकंप के बाद सैकड़ों घरों की स्थिति को चेक किया गया, ताकि नुकसान और बिल्डिंग्स की सुरक्षा का पता लगाया जा सके।
- कई एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन पर भूकंप का असर पड़ा। उनकी सुरक्षा जांच के लिए इंस्पेक्शन और जांच पूरी होने तक क्लास को सस्पेंड किया गया।
- सड़कों को नुकसान पहुंचने, लैंडस्लाइड और कुछ इलाकों में पुलों की सुरक्षा को लेकर चिंता के कारण ट्रांसपोर्टेशन पर असर पड़ा है।
- सरकार ने बताया कि अब तक 21 हेल्थ सेंटर को नुकसान पहुंचा।
- नुकसान का आकलन और सुरक्षा जांच करने के लिए लोगों को इमारतें खाली कराई गईं।
- प्रभावित परिवारों तक राहत और सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से सरकार ने इमरजेंसी घोषित किया।